सरकार एक तरफ तो मजदूरों को साथ देने का वादा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ तेज धूप में काम करने वाले नरेगा मजूदरों की कमाई का पूरा पैसा नहीं देकर उनके साथ अन्याय कर रही है। मामला शिश्यूं ग्राम पंचायत का है, जहां चल रहे महानरेगा कार्य में काम करने वाली महिलाएं पूरे पैसे नहीं मिलने पर सरकार से नाराज हैं। महिलाओं का आरोप है कि वे गरीब हैं, इसलिए इस कोरोना संकट काल में भी अपने परिवार की जरूरत के लिए नरेगा में मजूदरी करने आती हैं, लेकिन जब बैंक में डायरी लेकर जाती हैं तो पूरा पैसा नहीं मिलने पर निराश होकर घर लौटना पड़ता है।
महिलाएं अपनी पीड़ा जिम्मेदारों को बताकर थक चुकी हैं। महिलाओं ने बताया कि मजदूरी का पैसा कटने से परिवार की जरूरत भी पूरी नहीं हो पाती है। नरेगा स्थल पर काम कर रही भागोती ने बताया कि कोरोना संकट काल में इस तेज धूप पसीना बहाकर पूरा काम करते हैं, लेकिन कमाई के हिस्से का पूरा पैसा नहीं मिलता है। इसके कारण परिवार का गुजारा भी नहीं हो पाता है। मंगली देवी ने कहा कि हमारी मजदूरी का पूरा पैसा खाते में जमा कराए, जो पैसा पहले काटा गया वो भी दिया जाए।
इधर, मेट गजेंद्रसिंह ने बताया कि मजदूरों का पैसा काटा गया है। ग्राम विकास अधिकारी छीतरमल यादव का कहना है कि काम के अनुसार इन्हंे पैसे मिलते हैं। मजदूरों ने कितना काम किया उसकी रिपोर्ट मेट जेईएन को देता है जेईएन ही आगे का काम संभालता है।
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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sikar/news/nrega-workers-working-under-the-hot-sun-are-not-getting-all-the-money-127372705.html
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