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कृषि व्यवसाय प्रबंध, डाटा साइंस, मटेरियल साइंस के क्षेत्र में नए पीजी कोर्सेज होंगे शुरू



बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय बीकानेर की अकादमिक काउंसिल की बैठक गुरुवार को ऑनलाइन वेबेक्स एप्लीकेशन के जरिए कुलपति प्रो.एचडी चारण की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बीटीयू की तीसरी अकादमी काउंसिल की इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के कौशल उन्नयन के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कई कोर्सेज को चालू करने व नए सिलेबस निर्माण पर सहमति बनी।

जिसके तहत पीजी स्तर पर कृषि व्यवसाय प्रबंधन में पीजी डिग्री, डाटा साइंस में एमटेक, मटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग में एमटेक आदि नई को शुरू किए जाएंगे। वही एमटेक (डाटा साइंस) व (एमटेक) मटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग विषय की नई निर्मित स्कीम व सिलेबस सर्व सहमति से पारित किए गए।

एमसीए के पहले व दूसरे सेमेस्टर स्कीम व सिलेबस सहित एमबीए (एचआर, फाइनेंस, मार्केटिंग, उद्यमिता, डाटा साइंस, एग्री बिजनस इत्यादि स्पेशलाइजेशन) के तीसरे व चौथे सेमस्टर व बीटेक (आर्टिफीसियल इंटेलीजेन्स), बीटेक (डाटा साइंस), बीटेक (मशीन लर्निंग एंड कंप्यूटिंग) कोर्स के तीसरे व चौथे सेमेस्टर की स्कीम व सिलेबस सर्व सहमति से पारित हुए।

बैठक में बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के निदेशक दरिया सिंह यादव, बीटीयु के रजिस्ट्रार अजीत सिंह राजावत, एमबीएम जोधपुर से सुनील परिहार, अकादमिक निदेशक डॉ. यदुनाथ सिंह, डॉ. धर्मेन्द्र यादव, ईसीबी प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश भामू, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश जोशी आदि शामिल हुए।

  • विश्वविद्यालय की तीसरी अकेडमी काउंसिल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। नए कोर्स पर भी सहमति बनी है। जिन्हें नए सत्र से लागू किया जाएगा।

-प्रो. एचडी चारण, कुलपति, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय


कृषि व्यवसाय प्रबंध, डाटा साइंस, मटेरियल साइंस


स्थानांतरण नीति सर्व सहमति से पारित :

राजस्थान के अंतर्गत व राजस्थान से बाहर तकनीकी कोर्स में किसी भी यूनिवर्सिटी व महाविद्यालय का विद्यार्थी अपना स्थानांतरण किसी भी महाविद्यालय में करवा सकेगा। ये नियम एक ही शहर में दो महाविद्यालयों या यूनिवर्सिटी पर लागु नहीं होगा। एक शहर से दूसरे शहर में ही लागू होगा।


courtesy:bahskar
कम दिख रही टिड्डियां, बीकमपुर के एक किमी दायरे में मारी



भले ही 2 दिन से टिड्डी कम दिखाई दे रही हो लेकिन पूरी तरह से अभी भी खत्म नहीं हुई है। बुधवार को करीब 50 हेक्टेयर में टिड्डी मारने के बाद गुरुवार को बॉर्डर के सटे बीकमपुर इलाके के 1 किलोमीटर दायरे में टिड्डियो ने अपना जाल बिछाया। गुरुवार को कृषि विभाग की टीम पूरे दलबल के साथ बीकमपुर पहुंची।

किसानों के ट्रैक्टर और विभाग की गाड़ियों के साथ करीब 4 घंटे तक टिड्डी मारने में जुटी रही। हालांकि अभी भी जोधपुर और जैसलमेर में टिड्डी होने के कारण बीकानेर में किसी भी वक्त इनका नया दल आ सकता है इसलिए कृषि विभाग की टीम सतर्क है और अपना नेटवर्क फैला दिया ताकि टिड्डी आने की सूचना कृषि विभाग तक पहुंच सके और समय रहते उनको मारा जा सके ताकि फसलों को नुकसान ना हो।

कृषि विभाग के सहायक निदेशक रामकिशोर मेहरा का कहना है कि टिड्डी मारने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। संयुक्त निदेशक डॉ उदय भान ने कहा कि पाकिस्तान से आने वाले इनपुट के हिसाब से भी विभाग तैयार है।



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18-19 जून को होगी कनिष्ठ सहायकों की काउंसलिंग



सिंचित क्षेत्र विकास में 67 कनिष्ठ सहायक की काउंसलिंग 18-19 जून को होगी। काउंसलिंग के लिए पति पत्नी होने पर विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, पति पत्नी में से यदि कोई पूर्व में राजकीय सेवारत में है तो उसका प्रमाण पत्र या पे स्लिप, शहीद परिवार का है तो उसका प्रमाण, चयनित अभ्यर्थियों में किसी के माता-पिता असाध्य रोग से पीड़ित हैं तो उसका प्रमाण सहित सभी जरूरी दस्तावेज लाना अनिवार्य होगा।

काउंसलिंग सिंचित क्षेत्र विकास कार्यालय में होगी। काउंसलिंग कमेटी के अध्यक्ष अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि 2 दिन होने वाली काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को जिले आवंटित किए जाएंगे सरकार ने तय किया है कि विकलांग विधवा परित्यक्ता को स्थान चुनने में प्राथमिकता दी जाएगी सेस काउंसलिंग नियमानुसार होगी।


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20 हजार किसानों ने जमा करवाई डिमांड नोटिस राशि, फिर भी कृषि कनेक्शन नहीं


प्रदेश की किसानों ने अपने खेतों व फसल की सिंचाई के लिए कृषि बिजली कनेक्शन के डिमांड नोटिस की राशि जमा करवा दी। इसके बावजूद सरकारी बिजली वितरण कंपनियां कृषि कनेक्शन नहीं कर रही है। जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम में 20 हजार से ज्यादा कृषि बिजली कनेक्शन की फाइलें सहायक अभियंता दफ्तरों में पड़ी हुई है।

डिस्कॉम के इंजीनियर काम करने के लिए कॉन्ट्रेक्टर व स्टोर में ट्रांसफार्मर, केबल, कंडक्टर सहित अन्य मेटेरियल नहीं होने का बहाना कर किसानों को कनेक्शन नहीं दे रहे है। ऐसे में प्रदेश में मूंगफली, मक्का, ज्वार-ग्वार और सब्जियों की बुआई प्रभावित हो रही है।

स्टोर में मेटेरियल नहीं होने के कारण कृषि बिजली कनेक्शन नहीं हुए। ऐसे में कनेक्शन की प्राथमिकता में छह महीने की देरी होने की संभावना जताई जा रही है। ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के कारण कनेक्शन करने में दिक्कत थी। लॉकडाउन से राहत के साथ ही अब किसानों को प्राथमिकता से कृषि कनेक्शन दिए जाएंगे। सरकार एक लाख से ज्यादा कृषि कनेक्शन कर चुकी है।

फरवरी 2012 के बाद आवेदन वाले 3.12 लाख कनेक्शन पेंडिंग : सामान्य श्रेणी में कृषि कनेक्शन के लिए फरवरी 2012 से दिसंबर 2019 तक के 3.12 लाख आवेदन बकाया है। एससी-एसटी के आवेदनों को तुरंत डिमांड नोटिस जारी किया जा रहा है। वहीं ड्रिप योजना हर साल 50 हजार खर्च हो रहा है।



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पंचायत समिति के वमनवाड़ी ग्राम पंचायत में जारी मनरेगा कार्य की मस्टररोल का भुगतान कराने और मस्टररोल की कमियों को नजरअंदाज करने के एवज में जेटीए ने मेट से पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसको एसीबी की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर पेंट की जेब से राशि बरामद की है।
भरतपुर एसीबी टीम के प्रभारी महेश मीणा ने बताया की वमन वाड़ी ग्राम पंचायत के कुकरपुरी गांव में मनरेगा का कार्य की मस्टररोल चल रही थी। मनरेगा की मस्टररोल में खामियां होने के कारण मेट शौकीन पुत्र झडमल निवासी कुकरपुरी थानां जुरहरा से मस्टररोल का भुगतान कराने और उसमें हुई कमियों को नजरअंदाज करने के एवज में पांच हजार रुपये की राशि मांगी गई थी। जिसकी परिवादी शौकीन द्वारा एसीबी कार्यालय पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई गई। जिसका सत्यापन कराया गया और मंगलवार को दोपहर पहाड़ी पंचायत समिति की सभागार में परिवादी शौकीन द्वारा जेटीए रविन्द्र सिंह पुंडीर को पांच हजार की रिश्वत राशि दी गई। जिसको एसीबी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। एसीबी टीम ने जेटीए की पेंट की जेब से परिवादी द्वारा दी गई रिश्वत की पांच हजार रुपये की राशि बरामद कर ली।



source:bhaskar