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UP Police Recruitment 2020: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) ने पुलिस में 18912 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 9534 पदों में पुलिस सब इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर पीएसी व अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पद शामिल हैं। 9534 पदों के अलावा पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, सहायक उपनिरीक्षक के 1329 पद हैं। इन भर्तियों में से कुछ पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा अगले महीने होगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष आरके विश्वकर्मा ने बताया कि पुलिस सब इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर पीएसी व अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 9534 और पुलिस सब इंस्पेक्टर (गोपनीय), सहायक पुलिस सब इंस्पेक्टर (लिपिक) व सहायक उप निरीक्षक (लेखा) के 1329 पदों पर सीधी भर्ती के लिए कार्यदायी संस्था के चयन की कार्रवाई पूरी कर ली गई है. उन्होंने आगे कहा कि एमओयू को अनुमोदन के लिए उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया गया है। अनुमोदन के बाद परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया जायेगा।

बोर्ड के अध्यक्ष ने आगे बताया कि जेल वार्डर, फायरमैन व कांस्टेबल घुड़सवार की सीधी भर्ती 2016 के 5805 पदों पर भर्ती से संबंधित परीक्षा कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है। यह परीक्षा 19 दिसंबर 2020 और 20 दिसंबर 2020 को कराई जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पुलिस रेडिया शाखा में प्रधान परिचालक, प्रधान परिचालक (यांत्रिक), सहायक परिचालक एवं कर्मशाला कर्मचारी की सीधी भर्ती 2020 परीक्षा के लिए कार्यदायी संस्था के चयन की प्रक्रिया चल रही है. इस परीक्षा के माध्यम से 2244 पदों पर भर्ती की जाएगी।

चयन प्रक्रिया
यदि पिछले भर्तियों पर ध्यान दिया जाये तो ऐसा लगता है कि इन पदों पर भी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षा और मेडिकल फिटनेस की परीक्षा आयोजित की जायेगी।



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NHM Rajasthan CHO Answer Key 2020: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राजस्थान ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा की आंसर की जारी कर दी है। जो कैंडिडेट्स इस भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे वे उत्तर कुंजी और प्रश्न-पत्र ऑफिशियल वेबसाइट से चेक कर सकते हैं। कैंडिडेट्स यदि चाहे हैं तो नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक के माध्यम से भी उत्तर कुंजी चेक कर सकते हैं।

Click Here For Download NHM Rajasthan CHO Answer Key 2020

जो कैंडिडेट्स ऑफिशियल आंसर की के किसी उत्तर से असंतुष्ट है वे अपने ऑब्जेक्शन 17 नवंबर 2020 को 11.00 बजे सुबह तक भेज सकते हैं. कैंडिडेट्स अपने ऑब्जेक्शन केवल निर्धारित फ़ॉर्मेट में ही भेजें। अन्य किसी प्रकार के फ़ॉर्मेट में भेजे गए ऑब्जेक्शन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।


एनएचएम राजस्थान कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा 10 नवंबर 2020 को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया गया था। इस परीक्षा में सभी प्रश्न बहुविकल्पीय प्रकार के थे। सभी प्रश्नों के चार विकल्प थे. परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूंछे गए थे।


विदित है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राजस्थान (NHM Rajasthan) में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) के 6310 रिक्त पदों को भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गए थे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 2 सितंबर 2020 को शुरू की गई थी। तथा कैंडिडेट्स अपने ऑनलाइन आवेदन 21 सितंबर 2020 तक अप्लाई कर सकते थे। जो कैंडिडेट्स जीएनएम, बीएससी {कम्युनिटी हेल्थ, नर्सिंग} या बीएएमएस की डिग्री रखते हों और उनकी आयु 45 साल से अधिक न हो। वे अप्लाई कर सकते थे। इसके साथ ही आवेदक को 400 रूपये आवेदन शुल्क के रूप में भी जमा करना था।



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RUHS MO admit card 2020: राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस ने मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा के लिए हाल टिकट जारी कर दिए हैं। जो उम्मीदवार एग्जाम में शामिल होने वाले हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट ruhsraj.org.in पर जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवार ध्यान दें कि आरयूएचएस एमओ एडमिट कार्ड 2020 डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को उम्मीदवार का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि और मोबाइल नंबर के साथ लॉगिन करना होगा। निचे दिए गए डाइरेक्ट लिंक की सहायता से भी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

RUHS MO admit card 2020 डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें

उम्मीदवार को ऑफलाइन माध्यम से एडमिट कार्ड नहीं भेजे जाएंगे। इसलिए उम्मीदवार इसे केवल आधिकारिक साइट www.ruhsraj.org पर ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 2000 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा ज्यादा जानकारी के लिए उम्मीदवार ऑफिशिल वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी को पढ़ सकते हैं। उम्मीदवार एक और बात का ध्यान रखें कि अगर उन्हें एडमिट कार्ड से जुड़ी कोई भी समस्या आ रही है या फिर कुछ पूछना चाहते हैं तो इसके लिए उम्मीदवार momedical2020help@ruhsraj.org मेल आईडी पर ईमेल कर सकते हैं।

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How To Download RUHS MO admit card 2020
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की आधिकारिक वेबसाइट ruhs.org.in पर जाएं।
इसके बाद उस लिंक पर जाएं जिसमें लिखा है एडमिट कार्ड का डायरेक्ट लिंक।
इसके बाद अब यहां पूछी गई डिटेल्स जैसे आवेदन संख्या और परीक्षा के मोड जैसे डिटेल्स एंटर करने के लिए लिंक पर जाएं।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और एक प्रिंटआउट लेकर भविष्य के लिए रख लें।



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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज, सोमवार को NEET 2020 का रिजल्ट जारी कर सकता है। रिजल्ट जारी करने के साथ ही एजेंसी देश भर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस के लिए कॉलेज-वाइज कट-ऑफ भी जारी करेगा। ऐसे में परीक्षा में शामिल हुए कैंडिडेट्स ऑफिशइयल वेबसाइट ntaneet.nic.in पर अपने स्कोर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा रिजल्ट से जुड़ी किसी भी तरह की अपडेट के लिए एनटीए की वेबसाइट nta.nic.in पर भी विजिट कर सकते हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी ट्वीट कर बताया था कि NEET (यूजी) के नतीजे 12 अक्टूबर 2020 तक कर दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा था कि कोरोना महामारी के चलते बाधित हुई शैक्षणिक गतिविधियों के चलते अगले सत्र पहले ही देर हो चुकी है, ऐसे में परिणाम निश्चित तौर पर पूर्व निर्धारित समय पर ही जारी किए जाएंगे।

इस साल ज्यादा हो सकता है कटऑफ

रिजल्ट को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल कट-ऑफ पहले के सालों की तुलना में ज्यादा रह सकता है, क्योंकि इस साल कैंडिडेट्स को तैयारी के लिए पहले से ज्यादा समय मिला। साथ ही, इस साल परीक्षा में बैठने वाले कैंडिडेट्स की संख्या भी पहले से ज्यादा है। इसके अलावा इस साल की नीट यूजी परीक्षा में बीते सालों की अपेक्षा सरल प्रश्न पूछे गए थे।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ntaneet.nic.in पर जाएं।
  • होमपेज पर डाउनलोड रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • अब मांगी गई डिटेल्स जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, रोल नंबर दर्ज करें।
  • जानकारी दर्ज करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर डिस्प्ले हो जाएगा।
  • अब इसे डाउनलोड करें और प्रिंट आउट निकाल लें।


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NEET-UG Result 2020 Live Update News Today Updates: Check NTA NEET All India Rank, and Topper List


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Roadways Bharti 2020: उत्तर प्रदेश राज्य पथ परिवहन निगम में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए ब्यौरा मांगा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद निगम प्रशासन ने रिक्त पदों का ब्यौरा तैयार कर लिया है। वर्तमान में निगम में विभिन्न श्रेणियों के करीब 21700 पद रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी और दिशा-निर्देश मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

देखा जाए तो विभाग को 73 हजार कर्मचारियों की जरूरत है। वर्तमान में 18000 नियमित और 33 हजार संविदा मिलाकर कुल 51 हजार कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत हैं।

परिवहन निगम ने शासन के आदेश पर खाली पदों का ब्यौरा तैयार करके भर्ती के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। शासन की ओर से भर्ती के संबंध में दिशा-निर्देश मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


रिक्त पदों ब्योरा -
घ वर्ग में चालक-परिचालक के 17000 पद रिक्त
ग वर्ग में लिपिक संवर्ग के 4610 पद खाली हैं।
ख वर्ग में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के 68 पद रिक्त
क वर्ग में प्रधान प्रबंधक के 22 पद रिक्त



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SSC Stenographer Grade C&D Recruitment 2020: कमर्चारी चयन आयोग ने स्टेनोग्राफर ग्रेड C और ग्रेड D भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पात्र और इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन ऑनलाइन माध्यम से 4 नवंबर 2020 तक अप्लाई कर सकते हैं। यह भर्ती केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में रिक्त पदों को भरने के लिए निकाली जाती है।

SSC Stenographer Recruitment 2020 नोटिफिकेशन के लिए यहां क्लिक करें

महत्वपूर्ण तिथियां
आवेदन शुरू होने की तिथि: 10 अक्टूबर से 04 नवंबर 2020
आवेदन करने की अंतिम तिथि: 04 नवंबर 2020
शुल्क भुगतान करने की अंतिम तिथि: 06 नवंबर 2020
CBT की तिथियां: 29.03.2021 से03.2021

शैक्षिक योग्यताएं:
उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड /संस्थान से इंटरमीडिएट/ 12वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ कैंडिडेट्स को इंग्लिश / हिंदी में टाइपिंग का ज्ञान होना चाहिए। स्टेनो की स्पीड के आधार पर ही मेरिट तैयार की जाएगी।

आयु सीमा:
ग्रेड सी:- कैंडिडेट्स की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है।
ग्रेड डी : कैंडिडेट्स की न्यूतम आयु 18 वर्ष से अधिकतम आयु 27 वर्ष निर्धारित की गई है।

आवेदन शुल्क:
SC/ST/PWD/ Women/ ESM कैंडिडेट्स के लिए- कोई शुल्क नहीं
अन्य सभी कैंडिडेट्स के लिए – 100 रूपये.

आवेदन प्रक्रिया:
पात्र और इच्छुक कैंडिडेट्स को आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन एप्लीकेशन अप्लाई करना होगा. ऑनलाइन अप्लाई करने की अंतिम तिथि 4 नवंबर है. अन्य माध्यम से भेजा गया आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा।



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UPSC ने 6 सितंबर को आयोजित हुई नेशनल डिफेंस एकेडमी ( NDA) और नवल एकेडमी की परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स को अब इस भर्ती प्रक्रिया की सबसे ज्यादा चैलेंजिंग स्टेज से गुजरना होगा। जिसका नाम है एसएसबी इंटरव्यू। इस स्टेज में फिजिकल टेस्ट के साथ मेंटल एबिलिटी से जुड़े विभिन्न टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू भी शामिल होता है।

आमतौर पर यही समझा जाता है कि एसएसबी क्लियर करने के लिए बेहतर आईक्यू लेवल और कैंडिडेट का फिट रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। ये पूरी तरह सही नहीं है। सिलेक्शन बोर्ड में रह चुके सदस्यों की मानें तो फिटनेस और आईक्यू लेवल के अलावा ऐसे कई फैक्टर हैं, जो एसएसबी से कैंडिडेट्स को बाहर कराते हैं। और अधिकतर कैंडिडेट्स को इनके बारे में पता ही नहीं होता।

क्या है SSB?

भारतीय जल, थल और वायु सेना में अधिकारियों के पद पर भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा NDA, CDS और AFCAT परीक्षा आयोजित की जाती हैं। NDA परीक्षा में 11वीं पास कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते हैं। वहीं CDS और AFCAT परीक्षा ग्रेजुएट कैंडिडेट्स के लिए होती है। तीनों परीक्षाओं में सिलेक्शन की प्रक्रिया एक ही है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद कैंडिडेट्स को एसएसबी इंटरव्यू क्लियर करना होता है।

सर्विस सिलेक्शन बोर्ड ( SSB) ही तय करता है कि भविष्य में आप भारतीय सेना की अलग-अलग विंग्स में से किसी एक में ऑफिसर बनने के काबिल हैं या नहीं। इसी बोर्ड के पूर्व सदस्य कर्नल अशोकन के मुताबिक, हर छह महीने में होने वाली NDA परीक्षा के लिए लगभग 3 लाख और सीडीएस के लिए 5 लाख कैंडिडेट्स आवेदन करते हैं।

आवेदन करने वाले छात्रों में से 3-4 प्रतिशत डिफेंस करियर में अपनी मंजिल तक पहुंच पाते हैं। अगर आपने भी एनडीए की लिखित परीक्षा पास की है, या फिर इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो एसएसबी के उन स्टेप्स के बारे में आपको पता होगा, जहां से सफलता का रास्ता गुजरता है। लेकिन, क्या आप यह जानते हैं कि एसएसबी पैनल किन खूबियों के आधार पर आपका चयन करता है?

इस सवाल का जवाब भी वही ऑफिसर दे सकते हैं जो कैंडिडेट्स को सिलेक्ट या रिजेक्ट करते हैं। दैनिक भास्कर ने ऐसे ही कुछ ऑफिसर्स से बात की है। बोर्ड का हिस्सा रह चुके कर्नल अशोकन, कर्नल डीजेएस चहल और कर्नल कुलवंत कटारिया आपको बता रहे हैं उन फैक्टर के बारे में, जिनके आधार पर कैंडिडेट सिलेक्ट या रिजेक्ट होते हैं।

30% तक कैंडिडेट होते हैं पहले चरण में सिलेक्ट

एसएसबी के पहले चरण में तीन टेस्ट होते हैं। पहला और दूसरा है ऑफिसर इंटेलिजेंस, पिक्चर परसेप्शन एंड डिस्क्रिप्शन टेस्ट। तीसरा टेस्ट क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूट, वर्बल एंड नॉन वर्बल रीजनिंग पर आधारित होता है। इस तरह पहली स्टेज में आपका इंटेलिजेंस लेवल और मानसिक स्थिति परख ली जाती है। अगर आप मानसिक रूप से तैयार नहीं है और सेना में जाने के लिए पर्याप्त इंटेलिजेंस लेवल नहीं रखते, तो आप इस स्टेज को क्वालिफाई नहीं कर सकते। यही वजह है कि पहले चरण में 10-30 प्रतिशत कैंडिडेट्स ही सिलेक्ट होते हैं।

सिर्फ टास्क पूरा करने पर जोर लगाएंगे, तो रिजेक्ट हो सकते हैं

सामान्य सवालों का जटिल जवाब देने वाले कई कैंडिडेट्स को रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है। इसका कारण बताते हुए कर्नल डीजेएस चहल कहते हैं, आमतौर पर एसएसबी को एक ऐसे टेस्ट के रूप में देखा जाता है जहां टास्क को पूरा कर सिलेक्शन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। जबकि ये आधा सच है। टास्क सिर्फ आपकी स्किल्स को परखने का एक जरिया होता है। टास्क के जरिए किन स्किल्स को परखा जा रहा है, यह समझकर उन स्किल्स को डेवलप करने की कोशिश करें, न की हर हाल में टास्क पूरा करने पर जोर लगाएं।

सिर्फ बोलना नहीं, सुनना भी कम्युनिकेशन स्किल है

ग्रुप डिस्कशन एसएसबी का अहम हिस्सा है। यहां कैंडिडेट को अपनी नॉलेज और कम्युनिकेशन स्किल प्रूव करनी होती है। एसएसबी के पैमानों के अनुसार, बोलने के साथ सुनना और ऑब्जर्व करना भी कम्युनिकेशन स्किल का ही हिस्सा है। ग्रुप टास्क या ग्रुप डिस्कशन में यह ऑब्जर्व किया जाता है कि आप टीम के अन्य सदस्यों की राय को कितना महत्व दे रहे हैं। इसके आधार पर ही आपको एक अच्छा कम्युनिकेटर माना जाएगा। दूसरों को सुनने की क्षमता न होने की वजह से आप रिजेक्ट हो सकते हैं।

जिस फील्ड में इंट्रेस्ट है, वहां परफेक्शन हासिल करना जरूरी

SSB की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि वह कहां से शुरुआत कर सकते हैं। अक्सर स्टूडेंट्स को स्पोर्ट्स में हिस्सा लेने, डिबेट की प्रैक्टिस करने जैसी सलाहें दी जाती हैं। जिनसे वे एसएसबी में बेहतर परफॉर्म कर पाएं। इस पर कर्नल कुलवंत कटारिया कहते हैं: बेसिक कम्युनिकेशन स्किल्स और फिजिकल फिटनेस के साथ स्टूडेंट्स वही फील्ड चुनें जिसमें उनका इंट्रेस्ट है। जहां आपकी रुचि हो वहां परफेक्शन हासिल करना ही एसएसबी के लिए परफेक्ट होना है। वह स्पोर्ट भी हो सकता है, डिबेट भी, म्यूजिक भी।

अंत में इस तरह होता है सिलेक्शन का फैसला

साइकोलॉजिकल टेस्ट, फिजिकल टेस्ट और इंटरव्यू की जिम्मेदारी तीन एक्सेसर्स पर होती है। अंतिम दिन तीनों एक्सेसर्स के बीच कैंडिडेट्स के सिलेक्शन को लेकर डिस्कशन होता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अधिकतम मामलों में सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट का तीनों टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन रहता है। कई बार मामूली अंतर होता है, ऐसी परिस्थिति में यह देखना होता है कि कैंडिडेट की किस स्किल में कमी है। साहस, तर्क शक्ति और ऑफिसर इंटेलिजेंस ऐसी स्किल्स हैं जिनमें 100 प्रतिशत परफेक्ट होना जरूरी होता है।

SSB के बाद क्या?

लिखित परीक्षा पास करने के बाद कैंडिडेट्स एसएसबी इंटरव्यू के लिए क्वालिफाई करते हैं। लेकिन एसएसबी ही अंतिम सिलेक्शन नहीं होता। इसके बाद आपका मेडिकल टेस्ट होता है। इसे मेडिकल बोर्ड कहा जाता है। मिलिट्री हॉस्पिटल इसके परिणाम घोषित करने में 6 से 10 दिन का समय लेता है। जितना समय मेडिकल बोर्ड में लगता है, उस दौरान कैंडिडेट्स को सिलेक्शन सेंटर में ही रुकना होता है।

एसएसबी टिप्स पर आधारित इस खास सीरीज की अगली स्टोरी में जानिए, स्लम एरिया में रहने वाले एक ऐसे कैंडिडेट्स के सफल होने की कहानी, जिसके लिए न्यूट्रीशन लेना और फिटनेस तो दूर अपना पेट भरना ही एक चुनौती थी।



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SSB 2020 : Learn about those tricks and mistakes related to SSB interview, which can break or make your dream of becoming an officer in the army


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MPSC Exam 2020 Postponed: सीएम उद्धव ठाकरे ने एमपीएससी एग्जाम 2020 स्थगित होने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स की तरफ से इस बाबत बड़ी संख्या में प्रार्थनाएं आ रही थी जिसे देखते हुए परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा की नई तारीखों के विषय में अभी कोई सूचना नहीं दी गई है पर ऐसी उम्मीद है कि नई परीक्षा तारीखें भी जल्द ही घोषित की जाएगी।


एमपीएससी एग्जाम पुराने शेड्यूल के अनुसार 11 अक्टूबर को आयोजित होना था। कोरोना के कारण बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स परीक्षा पोस्टपोन करने की मांग कर रहे थे। इस मांग पर राज्य सरकार काफी समय से विचार कर रही थी और इस बाबत कई मीटिंग्स भी बुलाई गई थी। अंततः इस संबंध में आज फैसला आया है।


पिछले चार महीनों में महामारी के कारण स्कूल, कॉलेज और अध्ययन केंद्र बंद हो गए हैं। जबकि मराठा समुदाय ने अनुरोध किया था कि परीक्षा स्थगित कर दी जाए, अन्य समुदायों के छात्रों के एक वर्ग ने भी कहा कि उन्हें अध्ययन के लिए कुछ समय चाहिए और परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, रविवार को होने वाली एमपीएससी परीक्षा को और टाल दिया गया है, ”उद्धव ने मीडियाकर्मियों को बताया।

कोरोना महामारी के कारण अप्रैल से अब तक MPSC परीक्षा चौथी बार स्थगित की गई है। जबकि लॉकडाउन के कारण दो बार परीक्षा स्थगित कर दी गई थी, एक बार इसे स्थगित कर दिया गया था क्योंकि यह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) से टकरा गई थी। अंतिम बार अब इसे स्थगित कर दिया गया। इस साल करीब 2.5 लाख स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन परीक्षा के लिए अप्लाई किया है।

यूनिवर्सिटी परीक्षा भी हो चुकी है स्थगित -
महाराष्ट्र में इस बार यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स की परीक्षाएं भी आयोजित नहीं कराई गईं थी और इंटर्नल ऐसेसमेंट और पिछले सेमेस्टर्स के अंकों के आधार पर उन्हें पास कर दिया गया था. हालांकि स्टूडेंट्स को यह सुविधा दी गई है कि अगर वे अपने रिजल्ट से खुश नहीं हैं तो आगे आने वाले समय में जब माहौल परीक्षा कराने लायक हो जाएगा, उस समय आयोजित होने वाले एग्जाम देकर वे अपना स्कोर बढ़ा सकते हैं।



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पहले सोचो, योजना बनाओ, फिर खूबियों और खामियों को समझने के बाद काम शुरू करो। सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जीवन की फिलॉसफी यही रही है। इन्होंने इंजीनियरिंग के क्षेत्र वो उपलब्धियां हासिल जो इतिहास में अमर हो गईं। आज इनका जन्मदिन है, जिसे इंजीनियर्स-डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। सर मोक्षगुंडम ने अपने दौर में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ऐसे कीर्तिमान रचे जिसका लोहा अंग्रेजों ने भी माना। इंजीनियर्स डे पर उनके जीवन के उन किस्सों को जानिए, जिसने सबको चौंकाया...

जिन अंग्रेजों ने मजाक उड़ाया, उन्हीं ने मांगी माफी
विश्वेश्वरैया के जीवन सबसे दिलचस्प किस्सा अंग्रेजों से जुड़ा है। एक बार वह अंग्रेजों के साथ ट्रेन में सफर कर रहे थे। सांवले रंग और सामान्य कद काठी वाले विश्वेश्वरैया को अनपढ़ समझकर अंग्रेजों ने मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। ट्रेन तेज रफ्तार में चल रही थी, वह अचानक उठे और चेन खींच दी। ट्रेन वहीं रुक गई।

यात्रियों ने उन्हें बुरा भला कहना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद गार्ड के सवाल करने पर उन्होंने कहा, मैंने चेन खींची है। मेरा अनुमान है कि करीब 220 गज की दूरी पर रेल की पटरी उखड़ी हुई है। गार्ड ने पूछा, यह आपको कैसे पता चला। उन्होंने जवाब दिया, सफर के दौरान अहसास हुआ कि ट्रेन की गति में अंतर आ गया है। पटरी की तरफ से आने वाली आवाज में बदलाव हुआ है।

उनकी इस बात की पुष्टि करने के लिए गार्ड जब कुछ दूरी आगे चला तो दंग रह गया। वहां पर पटरी के नट-बोल्ट बिखरे पड़े थे। अंग्रेज यह देखकर दंग रह गए और उनसे माफी मांगी।

इकलौते इंजीनियर जिसने 75 फुट ऊंची की सीढ़ी पर चढ़ने का साहस जुटाया
एक बार देश के कुछ चुनिंदा इंजीनियरों को अमेरिका भेजा गया ताकि वे वहां की फैक्ट्रियों की वर्किंग को समझ सकें। फैक्ट्री के एक ऑफिसर ने कहा, अगर मशीन को समझना चाहते हैं तो 75 फुट ऊंची सीढ़ी पर चढ़ना पड़ेगा। इतनी ऊंची सीढ़ी देखकर सभी इंजीनियर पीछे हट गए लेकिन उस समूह में सबसे उम्रदराज होने के बाद भी डॉ. मोक्षगुंडम ने कहा, मैं देखूंगा।

वह सीढ़ी पर चढ़े और मशीन को देखा। उनके बाद सिर्फ दो और इंजीनियर चढ़े। उनका साहस देखकर अमेरिका की फैक्ट्री में लोगों ने तारीफ की।

लम्बी उम्र का रहस्य बताया
102 साल की उम्र में डॉ. मोक्षगुंडम का निधन हुआ। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह अंतिम समय तक एक्टिव रहे। एक बार इनसे इतनी लम्बी उम्र का रहस्य पूछा गया है तो उन्होंने जवाब दिया।

कहा- जब बुढ़ापा मेरा दरवाजा खटखटाता है तो मैं भीतर से जवाब देता हूं कि विश्वेश्वरैया घर पर नहीं है। और वह निराश होकर लौट जाता है। बुढ़ापे से मेरी मुलाकात ही नहीं हो पाती है तो वह मुझ पर कैसे हावी हो सकता है।

इसलिए कर्नाटक के भागीरथ कहलाए
डॉ. मोक्षगुंडम को कर्नाटक का भागीरथ भी कहा जाता है। मात्र 32 साल की उम्र में उन्होंने सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे तक पानी पहुंचाने के लिए एक प्लान बनाया। वो प्लान सभी इंजीनियरों को पसंद आया। उन्होंने बांध से पानी के बहाव को रोकने वाले स्टील के दरवाजे बनवाए, जिसकी तारीफ ब्रिटिश अधिकारियों ने भी की। आज भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। विश्वेश्वरैया ने मूसा औरा इसा नाम की दो नदियों के पानी को बांधने के लिए भी प्लान तैयार किए। इसके बाद उन्हें मैसूर का चीफ इंजीनियर नियुक्त किया गया।

वो उपलब्धियां जो डॉ. मोक्षगुंडम के नाम रहीं
डॉ. मोक्षगुंडम के नाम कई उपलब्धियां रही हैं। इनमें कृष्णराजसागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील व‌र्क्स, मैसूर संदल ऑयल एंड सोप फैक्टरी, मैसूर विश्वविद्यालय, महारानी कॉलेज, बैंक ऑफ मैसूर का निर्माण, वो उपलब्धियां हैं जो लोगों की जुबां पर हैं। इन्होंने भारत की एक बड़ी चीनी मिल स्थापित करवाने के अलावा भी कई बड़े निर्माण कराए।

1912 में जब मैसूर के महाराज ने इन्हें अपना मुख्यमंत्री घोषित किया तो इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। इनके कार्यकाल में स्कूलों की संख्या 4500 से बढ़कर 10,500 तक पहुंची।

बेंगलुरू में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और मुम्बई में प्रीमियर ऑटोमोबाइल फैक्ट्री भी इनकी मेहनत का नतीजा थी।


मैसूर में जन्मे सर विश्वेश्वरैया 12 साल के थे जब उनके पिता का निधन हुआ। चिकबल्लापुर से शुरुआती पढ़ाई के बाद वे बीए की डिग्री के लिए बेंगलुरू चले गए। 1881 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई पूरी की।



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Engineers Day 2020 interesting fact of Sir Mokshagundam Visvesvaraya life how he stopped train


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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1962 में राष्ट्रपति बने तो छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाना चाहा। इस पर उन्होंने विनम्रता से कहा- ‘मेरा जन्मदिन मनाने की बजाय 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाए तो गर्व की बात होगी।’ तभी से शिक्षक दिवस की परंपरा पड़ी। कुल 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट होने वाले डॉ राधाकृष्णन देश के पहले ऐसे शिक्षक हैं, जो पहले उपराष्ट्रपति और फिर दूसरे राष्ट्रपति बने।

आज उन्हीं के 133वें जन्मदिन पर महान शख्सियतों के विचार जो शिक्षा की अहमियत बताते हैं और नया सीखने की प्रेरणा देते हैं, आप भी पढ़ें और शेयर करें ...



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Teachers Day 2020 Quotes and messages you can share with your teachers and friends


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मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एनसीटीई से एप्रूव कोर्स बीएड सहित अन्य सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को सीट आवंटन 19 अगस्त को किया जाएगा। इसकी मेरिट लिस्ट शुक्रवार को जारी कर दी गई थी। यह मेरिट लिस्ट पहले चरण की एडमिशन प्रक्रिया के तहत जारी की है।

इस बार बीएड की मेरिट लिस्ट में 25892 उम्मीदवार शामिल हैं। सत्यापन कराने वाले सिर्फ 3 स्टूडेंट्स इसमें शामिल नहीं हो सके हैं। एडमिशन प्रक्रिया के प्रभारी ओएसडी डॉ. धीरेंद्र शुक्ल ने बताया कि सीट आवंटन के समय ही कटऑफ पता चल सकेगा। सीटों का आवंटन 19 अगस्त को किया जाएगा। वहीं पहली लिस्ट में अनारक्षित और ओबीसी वर्ग के 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले और एसटी व एससी वर्ग के 45 प्रतिशत अंक के साथ रिजल्ट वाले स्टूडेंट्स शामिल किए गए हैं। इस बार यूजी फाइनल ईयर के रिजल्ट घोषित नहीं होने के कारण फर्स्ट व सेकंड ईयर के रिजल्ट के आधार पर मेरिट तैयार की गई है।

यूजी में 2.17 लाख व पीजी में 5677 विद्यार्थियों ने कराया रजिस्ट्रेशन
मप्र उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में संचालित किए जा रहे यूजी व पीजी स्तर के पारंपरिक कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया जारी है। यूजी में 5 अगस्त से शुक्रवार शाम 5 बजे तक 2 लाख 17 हजार 510 स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसमें से 1 लाख 41 हजार 753 का सत्यापन हो गया है। वहीं पीजी में 13 अगस्त से एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें 5677 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। 1280 ने सत्यापन कराया है। सोमवार यानि 17 अगस्त से फिर से रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन शुरू हो जाएगा।



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तस्वीर भोपाल के एक कॉलेज की है, जहां 5 अगस्त को पहले दिन यूजी और बीएड की एडमिशन प्रक्रिया शुरू हुई थी। कोरोना की वजह से सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की जांच करने के बाद ही प्रक्रिया शुरू हो सकी थी।


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श्रीनगर से हीरा अजमत की रिपोर्ट. ईद का जश्न अभी खत्म ही नहीं हुआ था कि कश्मीर की 23 साल की नादिया बेग ने घाटी और परिवार को एक और जश्न मनाने लायक मुकाम हासिल किया है।

4 अगस्त को जारी यूपीएससी एग्जाम के रिजल्ट में नादिया ने 350 वी रैंक हासिल की है। नादिया अपने इलाके की पहली ऐसी लड़की हैं जिसने यूपीएससी में सफलता हासिल की है।

अपनी दूसरी कोशिश में सफल रहीं नादिया मानती है कि, अगर सही वक्त पर सही दिशा में कदम बढ़ाएं जाए तो इंसान की कोशिशें जरूर रंग लाती है। गौर करने वाली बात यह है कि इन कोशिशों में सिर्फ टैलेंट ही जीतता है, बाकी सारे फर्क अपनेआप खत्म हो जाते हैं।

अपनी मां (पीले सूट में) और परिवार की बाकी महिलाओं के साथ नोटों का हार पहने नादिया।

जानते हैं नादिया की कहानी उन्हीं की जुबानी

मैं नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के पुंजवा गांव से हूं। इल्म की बातें और तालीम की कद्र हमारे परिवार में शुरू से है। मेरे पिता टीचर हैं और दो बहनें श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की स्टूडेंट हैं।

मैंने अपनी प्राइमरी एजुकेशन विलगाम के पब्लिक स्कूल और सेकंडरी एजुकेशन सरकारी स्कूल से पूरी की। मुझे और बहनों को घर में इस बात की पूरी आजादी है कि हम जो चाहें वो करें। मेरे पैरेंट्स ने हमेशा कॅरिअर को संवारने में हम बहनों की मदद की है।

इसके बाद दिल्ली आकर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन किया।पढ़ाई के दौरान मुझे ये लगने लगा कि मेरी रुचि पॉलिसी मेकिंग और एडमिनिस्ट्रेशन में है। मेरे सपनों को जामिया मिलिया में उड़ान मिली। यहां पढ़ाई करते हुए मेरी सोच भी बदली। मैं यहां पूरी दुनिया के लोगों से मिली जिन्होंने मुझे आगे बढ़ने में मदद की।

जब UPSC की तैयारी का मन बनाया तभी से यह सोच लिया था कि परीक्षा में सफल होने के लिए रोज खूब पढ़ना जरूरी है। 2017 के बाद से अब तक मेरा हर एक दिन पढ़ाई करते हुए बीता है मैंने रोज 12 घंटे पढ़ाई की। जब मुझे इस बात का यकीन नहीं हो गया कि अब तो मैं कामयाब हो जाऊंगी, तब तक मैंने पढ़ाई के अलावा कुछ नहीं किया।

जब लोग पूछते हैं कि क्या मुझे यकीन था कि मैं परीक्षा में सफल हो जाऊंगी तो मैं यही कहती हूं कि, यही बात तो यूपीएससी की खासियत है। जिस भी स्टूडेंट को नंबर वन रैंकिंग मिली है, उसे भी यह नहीं मालूम होगा कि वह इस मुकाम को हासिल कर पाएगा। मैं अपने पहले प्रयास में पहला राउंड में ही बाहर हो गई थी, लेकिन फिर मेहनत की और अब सफल होकर दिखा दिया

मेरी जी-जान से की गई मेहनत का असर नतीजों के रूप में निकल कर आया और मैं मानती हूं कि हर एक स्टूडेंट के साथ ऐसा हो सकता है। आज के दौर में टेक्नोलॉजी की नई चीजें हमारे लिए खासतौर पर मददगार हैं और इससे निश्चित रूप से आने वाले दिनों में अच्छी सफलता हासिल की जा सकती है।

जाहिर तौर पर घाटी का माहौल पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने वाला नहीं है। अगर मैं उसी माहौल में रहती तो मेरे लिए आगे बढ़ पाना मुश्किल होता। इसलिए अच्छी तैयारी के लिए मैंने जामिया मिलिया अकेडमी की रेसीडेंशियल कोचिंग जॉइन की। मेरी सक्सेस का क्रेडिट उन्हें भी जाता है।

मैं अगले साल फिर इस एक बार इस परीक्षा में बैठूंगी और अपनी रैंकिंग इम्प्रूव करूंगी। इस एग्जाम की तैयारी करने वाले सभी साथियों को मेरी सलाह है कि आपके अंदर लगन, यकीन और जज्बा जरूरी है। इन तीनों चीजों को अपनी ताकत बना लिया तो आप यकीनन कामयाबी पा सकते हैं''।

अपनी बहन, अब्बू और अम्मी के साथ नादिया बेग।

आखिर में, नादिया के पैरेंट्स के दिल की बात
नादिया के पैरेंट्स के लिए अपनी बेटी की ये उपलब्धि नई बुलंदियों की तरह है। नादिया के पिता कहते हैं ''मेरा यकीन है कि बच्चों के फैसलों को कभी गलत नहीं मानना चाहिए। हर पढ़ने-लिखने वाला स्टूडेंट अपने आने वाले कल का सही फैसला लेने में सक्षम है। बस, पैरेंट्स को उनका साथ देकर हौसला अफजाई करनी चाहिए''।



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Success story of 23-year-old Nadia Baig of Kupwara, the first Kashmiri girl to clear the biggest exam from her village


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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) की 10वीं क्लास का रिजल्ट आज जारी किया जाएगा। अपने नतीजे का इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in पर रिजल्ट देख सकते हैं। इस बार बोर्ड बिना मेरिट लिस्ट यानी टॉपर्स के नाम के बिना ही परिणाम जारी करेगा।

15 जुलाई तक जारी करना है रिजल्ट

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीएसई ने जानकारी दी थी कि बोर्ड रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित किए जाएंगे। इसी क्रम में कक्षा 12 वीं का रिजल्ट 13 जुलाई को अचानक घोषित किया गया। जिसके बाद से ही अब, स्टूडेंट्स उत्सुकता से 10वीं के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

18 लाख स्टूडेंट्स हुए शामिल

इस बार 10वीं- 12वीं कक्षाओं की परीक्षाएं एक साथ 15 फरवरी 2020 से शुरू हुईं थी। इस साल 10वीं में करीब 18 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। हालांकि, कोरोना के चलते 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 19 मार्च 2020 को स्थगित कर दी गईं थी। उस समय 10वीं की चार विषयों की परीक्षाएं होना बाकी थी। वहीं, उत्तर पूर्वी दिल्ली के करीब 86 स्कूलों में 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 26 फरवरी 2020 से ही स्थगित कर दी गई थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में फैसले के बाद बची परीक्षाएं को रद्द कर दी गई।

ऐसे देखें रिजल्ट

  • सबसे पहले CBSE की ऑफिशियल साइट cbseresults.nic.in पर जाएं।
  • यहां होम पेज पर कक्षा 10वीं CBSE परिणाम 2020 लिंक पर क्लिक करें।
  • अब एक नया पेज खुलने पर उम्मीदवारों को लॉगइन करना होगा।
  • लॉगइन करते ही आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
  • रिजल्ट देखने के बाद इसे डाउनलोड कर हार्ड कॉपी रखें।

पिछले साल 6 मई को जारी हुआ था रिजल्ट

पिछले साल बोर्ड ने 6 मई को 10वीं के परिणाम जारी किए थे। बीते साल 10वीं में करीब 91.1 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, इनमें 92.45 फीसदी लड़कियां, 90.14 फीसदी लड़के और 94.74 प्रतिशत ट्रांसजेंडर शामिल थे। वहीं साल 2019 में 13 ऐसे स्टूडेंट्स थे, जिन्होनें 500 में से 499 अंक हासिल किए थे।

जारीनहीं होगी मेरिट लिस्ट

इस बार बोर्ड कोरोना लॉकडाउन के कारण पैदा हुए परिस्थितियाें के चलते बाकी एग्जाम नहीं करा पाया है। ऐसे में CISCE बोर्ड की तर्ज पर CBSE ने 12वीं के बाद अब 10वीं का रिजल्ट भी बिना मेरिट लिस्ट और टॉपर्स की लिस्ट के जारी किया है।

डिजीलॉकर से मिलेगी मार्कशीट

इस स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर के जरिए डिजिटल मार्कशीट दी जाएगी। डिजीलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए इसे digilocker.gov.in से डाउनलोड करना होगा। बोर्ड की तरफ से स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर क्रेडेंशियल्स एसएमसएस के जरिए दिए हैं। इसका इस्तेमाल कर वे अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।



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डिजीलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए इसे digilocker.gov.in से डाउनलोड करना होगा। बोर्ड की तरफ से स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर क्रेडेंशियल्स एसएमसएस के जरिए दिए हैं। -फाइल फोटो


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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने गुरुवार को नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) लिस्ट 2020 जारी करते हुए देश के टॉप एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के नाम बताए। उच्च शिक्षा संस्थानों की इस रैंकिंग में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ओवर ऑल कैटेगरी में पहला स्थान हासिल किया है। इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलुरूको दूसरा स्थान मिला है, जबकि IIT दिल्ली तीसरे स्थान पर रहा। इसके साथ ही इस साल के टॉप 10 इंस्टीट्यूट में आईआईटी समेत जेएनयू और बीएचयू भी शामिल हैं। आइए जानते हैं इस साल के टॉप 10 संस्थानों के बारे में….

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थित IIT मद्रास की स्थापना 1959 में हुई थी। यह भारत सरकार के सहयोग से स्थापित तीसरा आईआईटी है। नेशनल रैंकिंग में नंबर 1 यह इंस्टीट्यूट ना सिर्फ एक बेहतरीन रिसर्च सेंटर है बल्कि शिक्षण और इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी के लिए भी देशभर में जाना जाता है। खास बात यह है कि IIT मद्रास के 620 एकड़ कैंपस का आधा हिस्सा सुरक्षित वन क्षेत्र है,जिसमें ढेरों हिरण, तितली की 40 प्रजातियां और 100 तरह की चिड़‍िया हैं। यह देश का सबसे पर्यावरण अनुकूल इंस्‍टीट्यूट है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की स्थापना जमशेत जी नसरवान जी टाटा द्वारा 27 मई 1909 को हुई थी। यह देश का पहला ऐसा संस्थान है, जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप से बनाया गया। नेशनल रैंकिंग में दूसरे स्थान पर रहे यह संस्थान एक शताब्दी से भी ज्यादा समय से विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है। दो विभागों - जनरल और एप्लाइड केमिस्ट्री और इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज छह डिवीजनों में 40 विभागों का संचालन कर रहा है।
कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाने वाले IIT दिल्ली की स्थापना सन् 1961 में की गई थी। दक्षिण दिल्ली के हौज खास में स्थित इस इंस्टीट्यूट का कैंपस करीब 320 एकड़ तक फैला हुआ है। नेशनल रैंकिंग में देश में तीसरे स्थान पर रहा IIT दिल्ली चारों तरफ से हरे-भरे इलाके से घिरा है। इसमें 13 हॉस्‍टल और शॉपिंग मॉल, अपनी वॉटर और इलेक्ट्रिसिटी सप्‍लाई के साथ 11 मल्‍टीडिसिप्‍लिनरी सेंटर हैं।
देश के दूसरे और विदेशी सहायता से स्थापित पहले संस्थान IIT मुंबई की स्थापना साल 1958 में हुई थी।साल 1961 में संसद ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को ‘’राष्ट्रीय महत्व के संस्थान’’ के रूप में घोषित किया। तब से IIT मुंबई विकास करते हुए और ज्यादा मजबूत होता गया और दुनिया के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में से एक बन के उभरा। इस इंस्टीट्यूट को पूरी दुनिया में इंजीनियरिंग और रिसर्च के क्षेत्र में लीडिंग इंस्टीट्यूट के रूप में देखा जाता है।
देश के पहले IIT, IIT खड़गपुर की स्थापना हिजली बंदी गृह के पास साल 1950 में हुई थी। इसके पहले सत्र की शुरुआत में यहां 42 शिक्षक और 224 छात्र थे। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1952 में कॉलेज की नई बिल्डिंग की नींव रखी। इससे पहले यह कॉलेज हिजली डिटेंशन कैंप में चलाया जाता था। आज इस संस्थान के पास एशिया में सबसे बड़ी साइंस और टेक्नोलॉजी की लाइब्रेरी है, जिसमें 3.8 लाख दस्तावेज, 1,250 प्रिंट जर्नल्स और 40,000 ई-बुक्स हैं।

भारत के टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में से एक IIT कानपुर की स्थापना साल 1959 में हुई थी। कानपुर केएग्रीकल्‍चरल गार्डंस की कैंटीन में एक सिंगल रूम में शुरू हुए IIT- कानपुर के पास आज 1,000 एकड़ का कैंपस और 5,400 से ज्यादा स्‍टूडेंट्स हैं। यह कॉलेज कानपुर शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर जी.टी. रोडकल्याणपुर के ननकारी में स्थित है।

देश के 7वें आईआईटी, IIT गुवाहाटी की स्‍थापना साल 1994 में की गई थी। यहां साल 1995 में एकेडमिक सेशन की शुरुआत हुई। यह भारत का एकमात्र ऐसा इंस्टीट्यूट है, जिसे टाइम्स हायर एजुकेशन ग्लोबल 100 में टॉप 50 में जगह मिली थी। IIT गुवाहाटी शहर से 20 किलोमीटर दूर 285 हेक्टेयर में फैला है। इसके एक तरफ ब्रह्मपुत्र नदी और दूसरी ओर पहाड़ और खुले मैदान हैं।
रैंकिंग में 7वें स्थान पर रहा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी(जेएनयू) देश का अग्रणी और चर्चित विश्वविद्यालयों से में एक है। इसकी स्थापना साल 1966 में संसद के एक अधिनियम द्वारा हुई थी।स्थापना के तीन साल बाद 1969 में अस्तित्व में आए जेएनयू ने भारतीय विश्वविद्यालय प्रणाली में नया दृष्टिकोण दिया। जेएनयू देश का पहला ऐसा संस्थान है जो फॉरेन लैंग्वेज में 5 साल का एमए प्रोग्राम ऑफर करता है। इसे UGC ने ‘University of Excellence’ का भी नाम दिया है।
साल 1948 से 2001 तक यूनिवर्सिटी ऑफ रुड़की और 1853 से 1948 के दौरान थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के नाम से मशहूर IIT रुड़की की स्‍थापना ब्रिटिश इंडिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर जेम्‍स थॉमसन ने 1847 में की थी। इसे 1949 में यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया और 2001 में इसे IIT के रूप में मान्‍यता दी गई। यह संस्थान दुनिया के बेहतरीन इंस्टीट्यूट में से एक है, जिसे साइंस, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग के फील्ड में रिसर्च और शिक्षा के लिए ट्रेंड-सेटर माना जाता है।
बीएचयू के नाम से मशहूर बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। इसकी आधारशिला 4 फरवरी, 1916 को लॉर्ड हॉर्डिंग के द्वारा रखी गई थी, जो तत्‍कालीन वायसराय था। इस यूनिवर्सिटी को एशिया की सबसे बड़ी आवासीय यूनिवर्सिटी माना जाता है। इसे पूरब का ऑक्‍सफोर्ड भी कहा जाता है। 1300 से अधिक एकड़ में फैले इस संस्थान में दुनिया भर से करीब 34 देशों के स्टूडेंट्स पढ़ने आते हैं।


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NIRF 2020 TOP 10: MHRD minister Ramesh Pokhriyal Nishank releases NIRF list 2020, IIT Madras becomes one in country, IISc, Bangalore ranked second and IIT Delhi got third rank


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