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नई दिल्ली। निवेश के लिहाज से अक्सर लोग Post Office पर भरोसा करते हैं। क्योंकि इसमें जोखिम का डर नहीं रहता है। साथ ही अच्छा रिटर्न भी मिलता है। ऐसे में अगर आप भी अपने सुरक्षित भविष्य के लिए रुपए जोड़ना चाहते हैं तो आपके के लिए डाकखाने की किसान विकास पत्र (KVP) योजना एक अच्छा विकल्प है। इसमें पैसा डबल हो सकता है। जो आपके एवं बच्चों के भविष्य को संवारने में काम आ सकता है। तो क्या है ये स्कीम और कैसे करें इसमें निवेश जानें पूरी प्रक्रिया।

124 महीने में पैसे डबल
किसान विकास पत्र योजना सरकार की ओर से चलाई जाती है, इसलिए इसमें निवेश सुरक्षित माना जाता है। डाकखाने की ये स्कीम काफी पॉपुलर और पुरानी है। इसमें 124 महीने में पैसा दोगुना हो जाता है। वर्तमान में इसकी ब्याज दर 6.9 फीसदी है। उदाहरण के तौर पर अगर आप इसमें एक लाख रुपए लगाते हैं तो एक निश्चित समय के बाद आपको इसके बदले दो लाख रुपए मिलेंगे। ये जमापूंजी आपके बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी समेत अन्य जरूरी चीजों में काम आ सकते हैं।

स्कीम से जुड़ी जरूरी बातें
1.किसान विकास पत्र में निवेश करने वाले की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
2.इसमें सिंगल और ज्वॉइंट कोई भी अकाउंट खुलवा सकते हैं। इसमें बच्चों के नाम से भी निवेश कर सकते हैं। हालांकि नाबालिग का अकाउंट खुलवाने पर उसके बालिग होने तक इसकी देखरेख अभिभावक को करनी होगी।
3.KVP में 1000, 5000,10,000 और 50,000 रुपए तक के सर्टिफिकेट खरीद सकते हैं।
4.पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में न्यूनतम 1000 रुपए से खाता खुलवाया जा सकता है।

स्कीम लेने के लिए करें ये काम
किसान विकास पत्र लेने के लिए डाकघर में आवेदन करें। इसके लिए एक फॉर्म भराना होगा। इसे आप आनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं या डाकखाने में जाकर इसे ले सकते हैं। आपको कितने अमाउंट से निवेश करना है उस वैल्यू का जिक्र फॉर्म में जरूर करें। साथ ही अपनी पर्सनल डिटेल्स एवं कुछ जरूरी दस्तावेज की फोटोकॉपी अटैच करें। KVP अकाउंट सिंगल या ज्वॉइंट में खुलवाने के लिए ‘ए‘ या ‘बी‘ सदस्यता का चुनाव करें। अगर आप इसमें किसी को नॉमिनी बनाना चाहते हैं तो उसका विवरण भी भरें।



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आईटेल ने भारत में अपना प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाते हुए पोर्टेबल ब्लूटूथ स्पीकर (मॉडल नंबर-IBS-10) लॉन्च किया है। पहली नजर में यह मिनी साउंडबार सा दिखता है। दिखने में यह काफी क्लासी है।

यह सिर्फ साधारण स्पीकर नहीं है बल्कि कई एडवांस्ड फीचर्स से भी लैस है। तो चलिए इसके फर्स्ट ओपिनियन से जानते हैं स्पीकर में क्या नया मिलने वाला है, कौन से फीचर्स इसे खास बनाते हैं और बाजार में इसका मुकाबला किस स्पीकर से होगा।

आईटेल IBS-10 स्पीकर: कितनी है कीमत?

  • ऑफिशियल वेबसाइट पर स्पीकर की कीमत 1299 रुपए है। जबकि फ्लिपकार्ट पर यह 1499 रुपए में बिक रहा है, ऐसे में इसे कंपनी की साइट से खरीदा ही सही रहेगा।
  • स्पीकर में कलर ऑप्शन चुनने की आजादी नहीं मिलेगी, क्योंकि कंपनी ने इसे सिर्फ ब्लैक कलर में ही लॉन्च किया है।

आईटेल IBS-10 स्पीकर: क्या है स्पीकर का बेस्ट पार्ट?

पहला: डायमेंशन और डिजाइन

  • स्पीकर काफी लाइटवेट और हैंडी है। रबर कोटिंग सरफेस होने की वजह से यह हाथ से फिसलता नहीं है।
  • हल्का होने की वजह से इसे कभी भी ले जाया जा सकता है।
  • इसका डिजाइन सिंपल है और यही वजह है कि यह मिनी साउंडबार सा लगता है।
  • स्पीकर की हाइट 5.6 सेमी., चौड़ाई 7 सेमी. और ऊंचाई 4 सेमी. है।
  • खास बात यह है कि बॉक्स में ही AUX केबल और माइक्रो-यूएसबी केबल (चार्जिंग के लिए) मुफ्त मिल जाती है।
  • स्पीकर के नीचे डबल टेप मिलता है, जिसकी बदौलत इसी किसी भी सतह पर रखा जा सकता है।
  • अगर आपकी कार में म्यूजिक सिस्टम नहीं है तो डबल-टैप से इसे डैशबोर्ड पर भी फिक्स किया जा सकता है।
  • इसके अलावा इसे लैपटॉप, टीवी से भी कनेक्ट कर यूज किया जा सकता है।

दूसरा: ईजी कंट्रोल्स

  • इस कंट्रोल करना बेहद आसान है। स्पीकर के ऊपर ही लाल कलर के फिजिकल बटन दिए हुए हैं, जिसमें पावर, प्ले-पॉज और गाने या चैनल चेंज करने के लिए दो बटन दी गई हैं।
  • पावर बटन को हल्का प्रेस करने से मोड (ब्लूटूथ, एफएम, AUX, कार्ड) में स्विच किया जा सकता है।
  • +/- बटन से गाने चेंज किए जा सकते हैं और FM मोड में इन्हें बटन से चैनल चेंज किए जा सकते हैं।
  • स्मार्टफोन से कनेक्टिविटी के लिए ब्लूटूथ वर्जन 5.0 की सुविधा और साथ में 10 मीटर की रेंज भी मिलती है।

तीसरा: क्रिस्टल क्लियर साउंड

  • हमने गाने ऐप से कनेक्ट कर इसकी टेस्टिंग की, जिसमें परफेक्ट स्टीरियो साउंड मिला।
  • स्पीकर में 1500 एमएएच बैटरी है, जिसे फुल चार्ज कर लगातार 6 घंटे तक गाने सुने जा सकते हैं।
  • स्पीकर में 5W के दो स्पीकर लगे हैं, जो कुल 10W का साउंड आउटपुट प्रोड्यूस करते हैं।
  • दिलचस्प बात यह है कि इसमें वायरलेस एफएम की सुविधा मिलती है।
  • एफएम ऑन करने के लिए इसमें AUX केबल कनेक्ट करने पड़ती है। एफएम मोड में भी साउंड निराश नहीं करता।

आईटेल IBS-10 स्पीकर: किससे है मुकाबला?

  • आईटेल IBS-10 स्पीकर का सीधा मुकाबला उबोन के SP-70 कूल बेस पोर्टेबल स्पीकर से है, जो फ्लिपकार्ट पर 1249 रुपए में बिक रहा है।
  • साइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, उबोन SP-70 कूल बेस पोर्टेबल स्पीकर में सिंगल चार्ज में सिर्फ 4 घंटे तक की बैटरी लाइफ मिलती है जबकि आईटेल का स्पीकर 6 घंटे तक चलता है।
  • हालांकि, उबोन SP-70 कूल बेस पोर्टेबल स्पीकर में भी 10 वॉट का साउंड आउटपुट, बिल्ट-इन वायरलेस एफएम, माइक्रो-एसडी कार्ड सपोर्ट मिलता है। इसकी लंबाई 7.5 सेमी, चौड़ाई 37 सेमी और ऊंचाई 4 सेमी है।


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नई दिल्ली। आज देश और दुनियाभर में सचिन तेंदुलकर का नाम एक बार फिर से जुबां पर है। उसका कारण है आज ही के दिन सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। 16 नवंबर को 2013 को रिटायमेंट लेने के बाद सचिन आज भी आम लोगों की धड़कनों में है। आज हम उनके क्रिकेट करियर की नहीं बल्कि पोस्ट रिटायरमेंट की बात करेंगे। इसका कारण है कि उनके साथ सौरव गांगुली बीसीसीआई के प्रेसीडेंट बन गए। राहुल द्रविड़ अंडर 19 क्रिकेटर्स को कोचिंग दे रहे हैं। वीवीएस लक्ष्मण आईपीएल में कोचिंग के अलावा कमेंटेटर भी है। जिसकी बदौलत वो कमाई कर रहे हैं। जबकि सचिन ऐसा कुछ भी नहीं कर रहे हैं। उसके बाद भी उनकी दौलत में लगातार इजाफा हो रहा है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रिटायमेंट के दौरान और मौजूदा समय में उनकी संपत्ति में कितना इजाफा हो गया है।

कितनी हो है सचिन तेंदुलकर की संपत्ति
अगर बात सचिन तेंदुलकर की संपत्ति और कमाई की बात करें तो वो हमेशा से दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटर होने के साथ सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एथलीटों की लिस्ट में शुमार रहे हैं। फोब्र्स की लिस्ट के अनुसार 2013 में जब उन्होंंने क्रिकेट को अलविदा कहा तो उनके पास 22 मिलियन डॉलर की संपत्ति थी। जबकि 2020 में उनके पास करीब 170 मिलियन डॉलर की संपत्ति है । यानी 7 सालों में करीब 8 गुना अमीर हो चुके हैं। यही वजह है कि वो आज भी दुनियाभर में लाइम लाइट में रहते हैं। जब भी स्पोट्र्स की बात होती है उसमें सचिन तेंदुलकर का जिक्र जरूर आता है।

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18 मिलियन प्रति वर्ष कमाते हैं सचिन तेंदुलकर
मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार सचि तेंदुलकर प्रति वर्ष कई विज्ञापनों से 18 मिलियन डॉलर कमाते हैं। यह डाटा 2019 की है। सचिन तेंदुलकर की संपत्ति में इजाफा करने वाले विज्ञापनों में बूस्ट, पेप्सी, सनफीस्ट, और वीजा रहे हैं। मौजूदा समय में वो बीएमडब्ल्यू, एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईडीबीआई लाइफ इंश्योरेंस, ल्युमिनस और अपोलो टायर्स हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सचिन तेंदुलकर पॉपुलर 100 एमबी एप के मालिक भी हैं। जिसमें सचिन तेंदुलकर के बारे में कंटेंट दिया गया है। इससे भी सचिन को कमाई होती है। सचिन तेंदुलकर ने बांद्रा कुर्ला में करीब 8 करोड़ रुपए का फ्लैट भी खरीदा था। जो उन्होंने अपनी पत्नी अंजलि को गिफ्ट किया था।



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नई दिल्ली। आज शेयर बाजार, फ्यूचर मार्केट और फोरेक्स बाजार बलिप्रतिप्रदा की वजह से बंद रहेंगे। कारोबार मंगलवार से चालू रहेगा। जानकारों का कहना है कि आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार की नजर कोरोना वैक्सीन में होने वाले अपडेट और देश में जारी होने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी होगी। आपको बता दें कि मौजूदा समय में दिवाली के मुहुर्त ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों अपने उच्चतम स्तर पर हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस सप्ताह शेयर बाजार की चाल किस तरह की देखने को मिलती है।

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वैक्सीन पर रहेगी नजर
पूरी दुनिया में कहर बरपा रही कोरोना महामारी के प्रकोप पर लगाम लगाने और लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए इसके टीके आने की दिशा में प्रगति से निवेशक उत्साहित हैं, इसलिए वैश्विक बाजार समेत घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखी जा रही है। बंबई स्टॉक एक्सचेंच बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स इस महीने नवंबर के पहले पखवाड़े में 4,000 अंकों से ज्यादा उछला है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी में बीते दो सप्ताह के दौरान 1,100 अंकों से ज्यादा की तेजी आई है।

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जारी होंगे आर्थिक आंकड़े
इस कारोबारी सप्ताह के आरंभ में सोमवार को देश का शेयर बाजार बलिप्रतिपदा का अवकाश होने के कारण बंद रहेगा जबकि अगले दिन मंगलवार से बीएसई और एनएसई पर नियमित कारोबार चलेगा। इससे पहले सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित थोक महंगाई के अक्टूबर महीने के आंकड़े जारी होंगे जिसका प्रभाव अगले दिन बाजार पर देखने को मिल सकता है।

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डॉलर इंडेक्स करेगा प्रभावित
बाजार के जानकार बताते हैं कि बाजार की नजर विदेशी निवेशकों के भारत में निवेश के प्रति रुझान पर भी होगी क्योंकि इस महीने में एफपीआई इन्फ्लो में जोरदार इजाफा हुआ है, जिससे घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला है। जानकारों के मुताबिक, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का ***** डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के प्रति बनी हुई है।

चीन और जापान के आंकड़ों पर रहेगी नजर
सप्ताह के दौरान विदेशों में जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर भी निवेशकों की निगाहें होंगी। चीन में सोमवार को औद्योगिक उत्पादन के अक्टूबर के आंकड़े जारी होंगे। वहीं, जापान में भी इसी दिन सितंबर महीने के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी होंगे।



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निप्पोन इंडिया म्यूचुअल फंड को बड़ा झटका लगा है। अक्टूबर में यह छठवें नंबर पर पहुंच गया है। जबकि कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड पांचवां सबसे बड़ा फंड हाउस बन गया है। निप्पोन का असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2.05 लाख करोड़ रुपए रहा है। जबकि कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड का AUM 2.06 लाख करोड़ रुपए रहा है।

सितंबर तिमाही में निप्पोन का AUM 2 लाख करोड़

देश में कुल 45 फंड हाउस इस समय हैं। इनका कुल AUM 28 लाख करोड़ रुपए अक्टूबर में रहा है। सितंबर तिमाही में निप्पोन का AUM 2 लाख करोड़ रुपए रहा है। जबकि कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड का AUM 1.91 लाख करोड़ रुपए था। अक्टूबर महीने में कोटक के AUM में 15 हजार करोड़ रुपए की बढ़त हुई जबकि निप्पोन के एयूएम में महज 5 हजार करोड़ की बढ़त हुई।

यूटीआई और निप्पोन लगातार गंवा रहे पोजिशन

वैसे पिछले कुछ सालों से देश में दो म्यूचुअल फंड लगातार अपनी पोजिशन गंवा रहे हैं। निप्पोन म्यूचुअल फंड कभी फंड इंडस्ट्री का सबसे बड़ा फंड हाउस हुआ करता था। पर बाद में यह धीरे-धीरे अपनी पोजिशन गंवाता गया। अब यह छठें नंबर पर आ गया है। यूटीआई दूसरे और तीसरे नंबर का फंड हाउस हुआ करता था। लेकिन यह अब आठवें नंबर का फंड हाउस हो गया है।

ये हैं देश के टॉप 8 फंड हाउस

वैसे देश में टॉप 8 म्यूचुअल फंड में एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, बिरला, कोटक, निप्पोन, एक्सिस और यूटीआई शामिल हैं। देश में AUM के लिहाज से महाराष्ट्र टॉप पर है। जबकि गुजरात दूसरे और दिल्ली तीसरे नंबर पर है। चौथे नंबर पर कर्नाटक है। कोटक की बात करें तो इसका महाराष्ट्र से AUM 96 हजार करोड़ रुपए, दिल्ली से 18 हजार 548 करोड़, गुजरात से 13 हजार 365 और कर्नाटक से 15 हजार करोड़ रुपए का AUM रहा है।

महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा निवेश

निप्पोन इंडिया म्यूचुअल फंड का महाराष्ट्र से 93 हजार 446 करोड़, गुजरात से 15,250, दिल्ली से 15,802 करोड़, कर्नाटक से 10 हजार 415 करोड़ रुपए AUM रहा है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का कुल 3.70 लाख करोड़ रुपए AUM रहा है। इसमें महाराष्ट्र का हिस्सा 1 लाख 45 हजार 487 करोड़, दिल्ली का हिस्सा 31,984 करोड़, कर्नाटक का 28,236 गुजरात का 26838 करोड़ और पश्चिम बंगाल से 20 हजार करोड़ रुपए का AUM रहा है।

एचडीएफसी का AUM 3.76 लाख करोड़

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का कुल AUM 3.76 लाख करोड़ रहा है। इसमें महाराष्ट्र का 1.60 लाख करोड़, गुजरात का 32,427 करोड़ और कर्नाटक का 26 हजार करोड़ रुपए हिस्सा रहा है। जबकि एसबीआई का कुल AUM 4.32 लाख करोड़ रुपए है। इसमें महाराष्ट्र का हिस्सा 2.09 लाख करोड़, बंगाल का 23,323 करोड़, दिल्ली का 26,189 करोड़ और गुजरात का 23,132 करोड़ रुपए AUM रहा है।



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Kotak is fifth largest fund house behind Nippon India, AUM 2.06 lakh crore


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कुछ दिन पहले ही वीवो ने अपने मिडरेंज स्मार्टफोन वीवो V20 को लॉन्च किया था, और अब कंपनी ने सीरीज में किफायती मॉडल के तौर पर वीवो V20 SE को जोड़ दिया है। V20 SE की कीमत को देखकर ही अंदाजा लग जाता है कि कंपनी ने इसे ऐसे ग्राहकों के लिए बनाया है, जो कम बजट में स्टाइलिश दिखना वाला फोन चाहते हैं। कंपनी ने इसका सिर्फ एक ही वैरिएंट बाजार में उतारा है, जो अपने ग्लॉसी बैक पैनल की वजह से सुर्खियों में है।


फोन में न सिर्फ बड़ा डिस्प्ले मिलता है बल्कि दमदार कैमरा सेटअप भी मिलता है। फोटोग्राफी के लिए इसमें तीन रियर कैमरे दिए हैं। तो चलिए इसके फर्स्ट ओपिनियन से जानते हैं वीवो के इस फोन में क्या नया है, कौन से फीचर्स इसे खास बनाते हैं और बाजार में इसका मुकाबला किससे होगा।

वीवो V20 SE: कितनी है कीमत?

  • कंपनी ने ज्यादा वैरिएंट ऑप्शन देकर ग्राहकों को कंफ्यूज न करते हुए सिर्फ सिंगल वैरिएंट ही लॉन्च किया है।
  • फोन सिर्फ 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज के सिंगल वैरिएंट में ही उपलब्ध है और इसकी कीमत 20990 रुपए है।
  • इसमें ग्रेविटी ब्लैक और एक्वामरीन ग्रीन जैसे दो कलर ऑप्शन उपलब्ध है। दोनों ही ग्लॉसी फिनिश के साथ आते हैं।
  • ऑफिशियल वेबसाइट पर कंपनी एक्सचेंज बोनस, वन टाइम फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट समेत 10% कैशबैक जैसे ऑफर्स भी दे रही है।

11 हजार से कम कीमत के टेक्नो कैमॉन 16 में है 64MP कैमरा, इसी कीमत के रेडमी 9 प्राइम-रियलमी 5i से काफी बड़ा है इसका डिस्प्ले

वीवो V20 SE: फोन का बेस्ट पार्ट क्या है?

पहला: डिजाइन और डायमेंशन

  • फोन काफी हैंडी है, न ज्यादा बड़ा है न छोटा। इसमें 6.44 इंच का एचडी प्लस एमोलेड डिस्प्ले पैनल मिलता है जो ठीक वैसा ही है जैसा वीवो V20 में था, डिस्प्ले में कोई बदलाव नहीं है।
  • यहां तक की डायमेंशन भी V20 जितना ही है। इसका डायमेंशन 161.00×74.08×7.83 एमएम है और यह सिर्फ 171 ग्राम वजनी है, जो काफी हल्का-फुल्का है।
  • सबसे खास है इसका ग्लॉसी बैक पैनल, जो काफी महंगे फोन जैसा फील देता है। हालांकि इसपर थोड़े फिंगरप्रिंट जरूर पड़ जाते हैं लेकिन इससे बचने के लिए फोन के साथ ही सिलिकॉन कवर भी मिल जाता है।

दूसरा: अंधेरे में भी बढ़िया सेल्फी

  • फोन में तीन रियर कैमरे हैं, जिसमें 48 मेगापिक्सल का मेन सेंसर, 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड सेंसर और एक 2 मेगापिक्सल का मैक्रो सेंसर शामिल है। सेल्फी के लिए इसमें 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है।
  • खासबात यह है कि रात में सेल्फी खींचते वक्त ऑरा स्क्रीन लाइट फीचर एक्टिवेट हो जाता है, जो एआई तकनीक की मदद से काम करता है। इसकी बदौलत अंधेरे में भी काफी हद तक अच्छी सेल्फी ली जा सकती है।

तीसरा: रैम-स्टोरेज और प्रोसेसर

  • रैम-स्टोरेज की फोन में कोई कमी नहीं खलेगी। इसमें 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज है, यानी स्टोरेज खत्म होने का टेंशन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी, अगर जरूरत हो तो माइक्रो एसडी कार्ड से स्टोरेज को 1TB तक बढ़ाया जा सकता है लेकिन इतनी कैपेसिटी का कार्ड खरीदना महंगा पड़ सकता है।
  • मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 665 प्रोसेसर लगा है, जो स्मूद परफॉर्मेंस देने में कारगर है। फोन में अल्ट्रा गेम मोड भी है, जो गेमिंग के वक्त इनकमिंग कॉल्स, नोटिफिकेशन-मैसेज को ब्लॉक कर देता है, ताकि सुकून से गेमिंग का लुफ्त उठाया जा सके।

वीवो V20 SE: वीवो V20 से कितना अलग है यह मॉडल?
वीवो V20
की शुरुआती कीमत 25 हजार के लगभग है, इसलिए कंपनी ने सस्ते मॉडल के तौर पर वीवो V20 SE को लॉन्च किया। लेकिन कीमत कम है तो कुछ फीचर्स से समझौता भी करना पड़ेगा।

स्पेसिफिकेशन वीवो V20 SE वीवो V20
डिस्प्ले साइज 6.44 इंच 6.44 इंच
डिस्प्ले टाइप HD+ AMOLED HD+ AMOLED
ओएस एंड्रॉयड 10 एंड्रॉयड 11
प्रोसेसर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 665 क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 720G
रियर कैमरा 48+8+2MP 64+8+2MP
फ्रंट कैमरा 32MP 44MP
बैटरी 4000mAh 4100mAh
  • डिजाइन दोनों ही फोन की लगभग एक जैसी है। बैक पैनल पर कैमरा सेटअप का अंतर देखने को मिलेगा। वीवो V20 में भी तीन रियर कैमरे है लेकिन इसका कैमरा सेटअप छोटा है, वहीं वीवो V20 SE में भी तीन रियर कैमरे हैं लेकिन इसमें रैक्टेंगुलर शेप का रियर कैमरा सेटअप देखने को मिलेगा, तीनों कैमरे एक के नीचे एक वर्टिकल पोजीशन में लगे हैं।
  • डायमेंशन एक समान है लेकिन वीवो V20 में सिम ट्रे राइट साइड में है वहीं वीवो V20 SE का सिम ट्रे टॉप पर दिया गया है।
  • कैमरे में भी काफी अंतर है। वीवो V20 SE में मेन कैमरे के तौर पर 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी लेंस है जबकि वीवो V20 में मेन कैमरे के तौर पर 64 मेगापिक्सल का लेंस है।
  • वीवो V20 SE में 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है जबकि वीवो V20 में 44 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है।
  • दिलचस्प बात यह है कि सस्ता होने के बावजूद वीवो V20 SE में 4100 एमएएच बैटरी मिलती है जबकि वीवो V20 में 4000 एमएएच बैटरी है।
  • वीवो V20 SE एंड्रॉयड 10 पर बेस्ड है जबकि वीवो V20 लेटेस्ट एंड्रॉयड 11 पर काम करता है।


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Vivo V20 SE First Impression| Vivo V20 SE smartphone is available in only 128GB storage, its glossy back panel gives the feel of expensive phone


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नए सम्वत की शुरुआत हो चुकी है। सम्वत 2076 कई मायनों में बाजार के लिए अच्छा भी रहा है और बुरा भी रहा है। जिन निवेशकों ने जनवरी में बाजार में निवेश किया, उन्हें बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ। पर जिन्होंने मार्च के बाद निवेश किया उनका निवेश दोगुना हो गया। अब आप नए सम्वत में निवेश की शुरुआत कीजिए। यहां कुछ शेयर दिए जा रहे हैं जिसमें आपको 29 पर्सेंट तक का रिटर्न मिल सकता है।

वीआईपी इंडस्ट्रीज को 370 के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह

आनंद राठी ब्रोकरेज हाउस ने वीआईपी इंडस्ट्रीज के शेयर को 370 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। इसमें 29% तक का रिटर्न मिल सकता है। यह मूलरूप से बैग और अन्य कंज्यूमर प्रोडक्ट का निर्माण करती है। टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (TCS) के शेयर को 3,230 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी गई है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से यह दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

टीसीएस में अभी भी रिटर्न की उम्मीद

टीसीएस में 19% का रिटर्न मिल सकता है। इस कंपनी ने सभी वर्टिकल और भौगोलिक क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसका मार्जिन बढ़ा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट के बावजूद इस कंपनी ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है। ग्लोबल डिजिटल टेक्नोलॉजी इस कंपनी के पास 8.6 अरब डॉलर का ऑर्डर बुक है।

टीसीएल में 23 पर्सेंट का रिटर्न

इसी ब्रोकरेज हाउस ने टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट के शेयर को 620 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। इसमें 23% का रिटर्न मिल सकता है। टीसीएल अपने कुछ नुकसान वाले बिजनेस को रिस्ट्रक्चर्ड करने की योजना बना रही है। वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में इसका रेवेन्यू 19% सालाना आधार पर बढ़कर 2,781 करोड़ रुपए रहा है। इसका शुद्ध लाभ 33% बढ़कर 257 करोड़ रुपए रहा है।

हिकाल को 211 के लक्ष्य पर खरीदें

हिकाल को आनंद राठी ने 211 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। इसमें 26% का रिटर्न मिल सकता है। कंपनी के फार्मा डिवीजन की ग्रोथ सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में 34% रही है। इसने हाल में कमर्शियल प्रोडक्ट की यूनिट बंगलुरू में स्थापित की है।

एसएमसी ग्लोबल की सलाह

SMC ग्लोबल के सौरभ जैन ने निवेशकों को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर को 111 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। इसमें 15% का रिटर्न मिल सकता है। यह कंपनी मुख्य रूप से एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाती है। इसकी दो यूनिट मुख्य रूप से हैं। इसमें सरकार की हिस्सेदारी 51.14% रही है। इसके पास 52 हजार 148 करोड़ रुपए का ऑर्डर बुक है। कोविड के कारण अब अनुमान है कि इसका ज्यादातर ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2021 में रहेगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वेलफेयर सिस्टम, आकाश हथियार आदि हैं।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को खरीदें

इसी तरह IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर को सौरभ जैन ने 39 रुपए के लक्ष्य पर खरीदने की सलाह दी है। इसमें 17% का फायदा निवेशकों को मिल सकता है। इसका कुल लोन असेट 1.06 लाख करोड़ रुपए है। बैंक का फोकस रिटेल लोन को बढ़ाने और होलसेल लोन बुक को कम करने पर है। रिटेल लोन बुक सितंबर तिमाही में 25% बढ़कर 59 हजार 860 करोड़ रुपए रहा है जो एक साल पहले 48 हजार करोड़ रुपए था। बैंक का ग्रॉस NPA 1.62% और शुद्ध NPA 0.43% रहा है।



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Now start a new Samvat, you can get 15 to 29% profit in these stocks


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नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमत में किसी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। जहां पेट्रोल की कीमत में 56 दिन बाद भी स्थिर हैं। वहीं डीजल की कीमत में भी 45 दिन से कोर्ठ बदलाव नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम एक बार फिर से 43 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। जबकि डब्ल्यूटीआई 40 डॉलर के प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आज आपको पेट्रोल और डीजल की कीमत कितनी चुकानी होगी।

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डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 45 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

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पेट्रोल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में रविवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 56 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।



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रॉयल एनफील्ड ने हाल ही में अपनी मोस्ट अवेटेड बुलेट मीटियर 350 भारतीय बाजार में लॉन्च की है। इसकी शुरुआती कीमत 1.76 लाख रुपए तय की गई है। ग्राहक इसे फायरबॉल, सेटेलर और सुपरनोवा के तीन अलग-अलग वैरिएंट में खरीद पाएंगे। कंपनी ने लॉन्चिंग के साथ इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। अब इसके सभी वैरिएंट की कीमत सामने आ गई है।

रॉयल एनफील्ड मीटियर 350 के वैरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत

वैरिएंट कीमत
फायरबॉल 1.76 लाख रुपए
सेटेलर 1.81 लाख रुपए
सुपरनोवा 1.90 लाख रुपए

फायरबॉल वैरिएंट को दो सिंगल-टोन कलर ऑप्शन यलो और रेड में खरीद सकते हैं। सेटेलर वैरिएंट को तीन सिलंग-टोन कलर ऑप्शन डार्क रेड, डार्क ब्लू और मैट ब्लैक में खरीद सकते हैं। वहीं, सुपरनोवा को दो डुअल-टोन कलर ऑप्शन ब्राउन-ब्लैक और लाइट ब्लू-ब्लैक में खरीद पाएंगे।

रॉयल एनफील्ड मीटियर 350 के स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

  • इस बुलेट में 349cc एयर-कूल्ड सिंगल सिलिंडर BS6 कंप्लायंट इंजन दिया है। ये 20.5hp की पावर और 27Nm टॉर्क जेनरेट कर सकता है। इंजन को 5 स्पीड गियरबॉक्स से लैस किया है। कंपनी ने बुलेट में स्मार्ट कनेक्टिविटी दी है।
  • राइडर रॉयल एनफील्ड ऐप की मदद से अपने फोन को बाइक से कनेक्ट और कंट्रोल कर पाएंगे। फोन से नेविगेशन कनेक्ट कर इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में देख सकते हैं। इस तरह का फीचर कंपनी पहली बार किसी बुलेट में दे रही है।
  • मीटियर 350 में डिजिटल एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा, जिसमें राइडर गियर पोजिशन, ओडोमीटर, फ्यूल गेज, ट्रिप मीटर और सर्विस रिमाइंडर जैसे फीचर्स देख पाएंगे।
  • सेफ्टी के लिए इसमें डुअल चैनल ABS, ट्विन शॉक एब्जॉर्ब, LED DRL वाले सर्कुलर हैलोजन हेडलैम्प, LED टेललैम्प और 41mm टेलिस्कोपिक फॉर्क्स लगे हैं। बुलेट की सीट भी दो लोगों के हिसाब से कंफर्टेबल है। इसमें बैकरेस्ट भी दिया है।
  • भारतीय ऑटो मार्केट में इसका मुकाबला होंडा H'Ness CB350 और जावा ट्विन से होगा। बता दें कि होंडा H'Ness CB350 की एक्स-शोरूम कीमत करीब 1.85 लाख रुपए और जावा ट्विन की एक्स-शोरूम कीमत 1.64 लाख रुपए है।


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Royal Enfield Meteor 350 price, variants explained


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आपको टेक्नोलॉजी पसंद है, लेकिन समय कम होने की वजह से आप इससे जुड़ी खबरें नहीं पढ़ पाते, तब हम आपके लिए टेक डिस्क्राइबर लेकर आए हैं। इस एक खबर में हम आपको इस सप्ताह अपडेट हुए ऐप्स के साथ लॉन्च होने वाली नई टेक्नोलॉजी के बारे में बताएंगे। तो चलिए जल्दी से शुरू करते हैं वीकली डिस्क्राइबर।

1. इंस्ट्राग्राम में हुए अपडेट
इंस्टाग्राम एक बार फिर से अपनी होम स्क्रीन को रिडिजाइन कर रहा है। ऐप में शॉपिंग और रील्स, दो चीजों पर फोकस किया गया है। इंस्टाग्राम ने रील्स बटन के सेंटर में धकेल दिया है और नोटिफिकेशन बटन को शॉप बटन से बदल दिया है। इंस्टाग्राम ने पहले ही एक्सप्लोर बटन को रील्स से बदल दिया था लेकिन यह अब रील्स को ज्यादा महत्व दे रहा है। नए इंस्टाग्राम होम स्क्रीन में, रील्स नीचे मेनू के सेंटर में है और इसके बगल में बैठकर शॉप बटन है। रील्स ने '+' आइकन को बदल दिया है जिससे आप इंस्टाग्राम पर फोटो और वीडियो पोस्ट कर सकते हैं।

2. पबजी खेलने वालों के लिए खुशखबरी
भारत सरकार की ओर से यूजर्स डेटा की सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भारत में प्रतिबंधित किए गया पबजी गेम अब एक नए रूप में भारतीय बाजार में वापसी की तैयारी में है। पबजी कॉरपोरेशन ने कहा कि भारत में नया गेम पबजी मोबाइल इंडिया लॉन्च किया जाएगा। बता दें कि बीते दिनों भारत सरकार ने यूजर्स डेटा की सिक्योरिटी और प्राइवेसी पर चिंता जाहिर की थी और कई सारे चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया गया था।

3. गैलेक्सी M31s को मिला ओएस का अपडेट
सैमसंग गैलेक्सी M31s को आधिकारिक तौर पर भारतीय बाजार में One UI 2.5 सॉफ्टवेयर का अपडेट मिल गया है। इसके साथ ही कंपनी ने इस स्मार्टफोन के लिए नवंबर 2020 सिक्योरिटी पैच भी रोलआउट कर दिया है। इसमें Alt Z Life मिलेगा जो कि एक प्राइवेसी फीचर है। इसे गैलेक्सी A51 और गैलेक्सी A71 के साथ पासवर्ड प्रोटेक्टेड फोल्डर के तौर पर पेश किया गया था। बता दें​ कि One UI 2.5 सॉफ्टवेयर अपडेट का साइज 748MB है। इस सॉफ्टवेयर को​ बिल्ड नंबर M317FXXU2BTK1 नाम से रोलआउट किया गया है।

4. जम्मू कश्मीर के भाइयों ने बनाया टिकटॉक जैसा ऐप
ऐप डेवलपर टीपू सुल्तान वानी और उसके बड़े भाई मोहम्मद फारुख ने मिलकर नूक्यूलर (Nucular) नाम का यह शॉर्ट वीडियो ऐप बनाया है। फारुख सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। इससे पहले वानी ने चीनी ऐप SHAREit जैसा ऐप 'फाइल शेयर टूल' (File Share Tool) भी बनाया था। फाइल शेयर टूल ऐप 40 MB प्रति सेकेंड की गति से फाइल ट्रांसफर करता है। फाइल शेयर टूल ऐप को बनाने के बाद दोनों भाइयों ने टिकटॉक जैसा ऐप बनाने का फैसला किया था। वानी ने कहा कि इस ऐप पर सॉन्ग, डायलॉग या ड्यूट बनाया जा सकता है।

5. मैसेंजर में आया वैनिश मोड
मैसेंजर में वैनिश मोड फिलहाल चुनिंदा जगहों पर अपडेट के ज़रिए दिया जा रहा है, लेकिन जल्द ही ये आप तक भी पहुंचेगा। फेसबुक ने अपने ऑफिशियल ब्लॉग में कहा है, ‘मैसेंजर में वैनिश मोड जारी करते हुए हम काफी उत्साहित हैं। इसके तहत आप ऐसे मैसेज भेज पाएंगे जो खुद से गायब हो जाएंगे। जैसे ही आप मैसेज देख लेंगे और चैट से हटेंगे मैसेज खुद गायब हो जाएंगे। मैसेंजर के वैनिश मोड को यूज करना बेहद आसान है। अपडेट दिए जाने के बाद आप मौजूदा मैसेंजर चैट थ्रेड स्वाइप अप करते ही वैनिश मोड में पहुंच जाएंगे।



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नई दिल्ली। बाबा रामदेव अपने हर प्रोडक्ट की सफलता की गारंटी देते हैं। ऐसा ही हाल उनकी कंपनियों के शेयरों का भी है। जब उन्होंने रुची सोया को खरीदा था तो कंपनी दिवालिया हो चुकी थी और उसके शेयर का प्राइस 16 रुपए पर आ चुका था। बागडोर पतंजलि और बालकृष्ण ने संभाली और पांच महीने में इंवेस्टर्स की झोली 95 गुना से ज्यादा भर दी। जैसे ही बालकृष्ण ने कंपनी को छोड़कर दूसरे को कमान सौंपी तो अगले साढ़े पांच महीने या यूं कहें कि दीपावली तक कंपनी का शेयर ऐसा टूटा कि निवेशकों को 3 गुना नुकसान हो गया। आइए आपको भी बताते हैं रुची सोया के हालात?

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दीपावली तक तीन गुना टूटा शेयर
जून महीने की समाप्ति तक रुची सोया का शेयर अपने पीक पर था। बीएसई से मिले आंकड़ों के अनुसार कंपनी के शेयरों के दाम जनवरी के 16 रुपए के मुकाबले 29 जून को 1535 रुपए पर आ गए थे। उसके बाद कंपनी में फिर से गिरावट का दौर शुरू हो गया। जुलाई से दीपावली तक कंपनी के शेयरों में तीन गुना तक की गिरावट देखने को मिल चुकी है। मौजूदा समय में कंपनी का शेयर 535 रुपए पर है। दीपावली के दिन मुर्हुत ट्रेडिंग के खत्म होने के मौके पर कंपनी का शेयर हरे निशान पर बंद हुआ और 2 रुपए की मामूली तेजी के साथ 535 रुपए पर देखा गया। 29 जून के मुकाबले कंपनी का शेयर करीब 3 गुना गिरावट पर आ चुका है।

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शेयर में गिरावट के कारण
अपने पीक पर पहुंचने के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि कंपनी का शेयर अगले कुछ महीनों तक इसी दाम पर स्टेबल रह कर कंपनी और निवेशकों को मुनाफा कमाने का मौका देगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कंपनी का संचालन कर रहे बालकृष्ण ने अपने पद से इस्तीफा दिया और राम भरत को पद भार सौंपा गया। उसके बाद जून तिमाही के नतीजों ने भी काफी निराश किया। जिसकी वजह से कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। यही दो वजह रही जिसकी वजह से कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है।

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लॉकडाउन में कराई थी जमकर कमाई
लॉकडाउन के दौर में कंपनी के शेयर ने निवेशकों की जमकर कमाई कराई थी। 27 जनवरी को कंपनी के शेयरों के दाम 16.10 रुपए पर थे। उसके बाद कंपनी और निवेशकों की किस्मत बदलनी शुरू हुई। पांच महीनों में कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को 95 गुना से ज्यादा मुनाफा कमाकर दिया और 29 जून यानी पांच महीने में कंपनी का शेयर 1535 रुपए पर पहुंच गया। अगर फीसदी के हिसाब से देखें तो निवेशकों को करीब 9000 फीसदी तक लाभ पहुंचाया है। यह उस दौर में किसी भी कंपनी के शेयरों में प्रदर्शन के हिसाब से सबसे बेहतरीन था।



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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गुरुवार को दूसरी तिमाही में भी GDP में 8.6% की गिरावट का अनुमान लगाया है। ये लगातार दूसरी तिमाही होगी, जब GDP में गिरावट दर्ज होगी। लगातार दो तिमाही में GDP में गिरावट से संकेत साफ है कि भारत की इकोनॉमी रसातल में पहुंच गई है।

पहली तिमाही में 23.9% की गिरावट आई थी। RBI की रिपोर्ट के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने 2.65 लाख करोड़ रुपए का 'आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज' की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, कोरोना महामारी से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार अब तक 29.87 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दे चुकी है। आइए समझते हैं कोरोना के दौर में सरकार ने कब-कब और कितने रुपए का पैकेज दिया?

आत्मनिर्भर भारत 3.0: घर खरीदने पर IT में छूट; PF सरकार भरेगी
आत्मनिर्भर भारत 3.0 कुल 2.65 लाख करोड़ रुपए का है। इसमें रोजगार बढ़ाने के लिए 12 योजनाएं हैं। प्राइवेट सेक्टर में 15 हजार रुपए से कम मासिक वेतन पाने वाले नए कर्मचारियों के PF का हिस्सा केंद्र सरकार भरेगी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घर खरीदने वालों और बिल्डर्स को बड़ी राहत दी है। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू के बीच के अंतर को बढ़ाकर 20% कर दिया, जो पहले 10% था। 30 जून 2021 तक प्रभावी रहने वाली यह योजना दो करोड़ रुपए तक के रेसीडेंशियल यूनिट की प्राइमरी बिक्री पर लागू होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना को 18 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। इससे 30 लाख जरूरतमंदों को खुद का घर मिल सकेगा। कोरोना की वैक्सीन के लिए भी 900 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

आत्मनिर्भर भारत 2.0: त्योहारी सीजन में मांग बढ़ाने के लिए
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ाने के लिए 12 अक्टूबर को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दिवाली स्कीम लाई गई थी। आत्मनिर्भर भारत 2.0 कुल 73 हजार करोड़ रुपए का था। देश के 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दो स्कीम थी। पहली थी LTC कैश वाउचर स्कीम और दूसरी थी स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम। LTC स्कीम में कैश वाउचर मिलने थे, जबकि दूसरी स्कीम में 10 हजार रुपए एडवांस मिलने थे। LTC स्कीम के जरिए केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को घूमने के लिए 36 हजार रुपए, 20 हजार रुपए और 6 हजार रुपए के कैश वाउचर देती। जबकि, फेस्टिवल एडवांस के लिए 10 हजार रुपए बिना ब्याज के मिलते। ये पैसे 10 किश्तों में लौटाना थे। इनके अलावा राज्यों को 50 साल के लिए 12 हजार करोड़ रुपए ब्याजमुक्त कर्ज देने की योजना थी।

पैकेज का क्या हुआ?

  • फेस्टिवल एडवांस स्कीम के लिए SBI उत्सव कार्ड कर्मचारियों को दिए गए हैं।
  • 25 हजार करोड़ रुपए रोड ट्रांसपोर्ट और डिफेंस मिनिस्ट्री को मिले हैं।
  • 11 राज्यों को 3 हजार 621 करोड़ रुपए का कर्ज दिया जा चुका है।

आत्मनिर्भर भारत 1.0: सबसे बड़ा पैकेज, अलग-अलग किश्तों में आया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज देने की घोषणा की थी। जिसे हम आत्मनिर्भर भारत 1.0 कहते हैं। ये कुल 20 लाख 97 हजार 53 करोड़ रुपए का पैकेज था। इस पूरे पैकेज में 12 मई के ऐलान से पहले ही सरकार ने 1.92 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज दिया था, उसे भी शामिल किया था। साथ ही RBI की तरफ से 8.01 लाख करोड़ रुपए की मदद को भी इस पैकेज में लिया गया था। यानी, कुल मिलाकर आत्मनिर्भर भारत 1.0 में 11.02 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया था।

  • वित्त मंत्री ने 13 मई को 5.94 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया था। इसमें छोटे कारोबारियों को कर्ज देने, NBFC कंपनियों और बिजली कंपनियों को मदद के लिए दी जाने वाली राशि का ब्यौरा था।
  • दूसरे दिन 14 मई को 3.10 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें अटके हुए प्रवासी मजदूरों के लिए दो महीने तक मुफ्त अनाज देने और किसानों को कर्ज देने की घोषणाएं शामिल थीं।
  • तीसरे दिन 15 मई को 1.5 लाख करोड़ रुपए का पैकेज आया था, जिसमें बताया था कि ये पैसा खेती के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा।
  • चौथे दिन 16 मई को 8 हजार करोड़ और पांचवे दिन 17 मई को 40 हजार करोड़ रुपए का पैकेज आया था।

पैकेज का क्या हुआ?

  • पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि के तहत 1,373.33 करोड़ रुपए के कर्ज दिए गए।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए 1.5 करोड़ से ज्यादा किसानों को 1.43 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया गया।
  • पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत 21 राज्यों को 1,681.32 करोड़ रुपए मिले।
  • एमरजेंसी क्रेडिट लोन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत 61 लाख लोगों को 2.05 लाख करोड़ रुपए का कर्ज मिला।
  • NBFC और HFC 7,227 करोड़ रुपए चुकाए गए।
  • 17 राज्यों की बिजली कंपनियों को 1.18 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया। 11 राज्यों की कंपनियों के लिए 31,136 करोड़ रुपए चुकाए।


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Nirmala Sitharaman Narendra Modi: AATM Nirbhar Abhiyan| Atma Nirbhar Bharat Economic Package 3.0 Vs Self-Reliant India One and Second Comparison


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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की रिटेल सब्सिडियरी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने होम डेकोर सॉल्यूशन कंपनी अर्बन लैडर की 96% हिस्सेदारी खरीद ली है। यह सौदा 182.12 करोड़ रुपए के कैश ट्रांजेक्शन में हुआ है। RRVL के पास अर्बन लैडर की शेष हिस्सेदारी खरीदने का भी विकल्प है। इससे कंपनी को अर्बन लैडर की 100% शेयर होल्डिंग मिल जाएगी।

अभी 75 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा

RIL की ओर से BSE फाइलिंग में कहा गया है कि अभी RRVL अर्बन लैडर में 75 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। बाकी निवेश दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाएगा। भारत में अर्बन लैडर की शुरुआत 17 फरवरी 2012 को हुई थी। अर्बन लैडर होम फर्नीचर और डेकोर उत्पादों की बिक्री से जुड़ा कारोबार करने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है। साथ ही अर्बन लैडर के देश के कई शहरों में रिटेल स्टोर भी हैं।

वित्त वर्ष 2019 में 434 करोड़ रुपए का टर्नओवर था

वित्त वर्ष 2019 में अर्बन लैडर का टर्नओवर 434 करोड़ रुपए था। वहीं कंपनी को 49.41 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2018 में कंपनी का टर्नओवर 151.22 करोड़ रुपए रहा था, जबकि कंपनी को 118.66 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ था।

रिलायंस रिटेल को ग्राहक बढ़ाने में मदद मिलेगी

इस सौदे से रिलायंस ग्रुप के डिजिटल और न्यू कॉमर्स इनिशिएटिव को मदद मिलेगी। साथ ही अपने ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा उत्पाद उपलब्ध करा सकेगी। इस सौदे से रिलायंस रिटेल को ग्राहक बढ़ाने और बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। RIL का कहना है कि इस निवेश को सरकारी या रेगुलेटरी अप्रूवल की आवश्यकता नहीं है।

2021 में लिस्टिंग की योजना बना रही थी अर्बन लैडर

होम डेकोर सॉल्यूशन कंपनी अर्बन लैडर के दिल्ली-NCR, पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई में ऑफलाइन स्टोर हैं। कंपनी मुनाफे में आने के बाद ऑफलाइन स्टोर का अन्य शहरों में विस्तार की रणनीति पर काम कर रही थी। साथ ही कंपनी की योजना 2021 में शेयर बाजारों में लिस्टिंग कराने की थी।



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अर्बन लैडर होम फर्नीचर और डेकोर उत्पादों की बिक्री से जुड़ा कारोबार करने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है।


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नई दिल्ली। कोविड महामारी के प्रकोप के बाद, भारत में एमएसएमई, स्टार्ट-अप और उद्यमियों के मानसिक स्वास्थ्य, एवं उद्यमियों की चिंताओं व उसके व्यावसायिक दुष्परिणामों पर द्धशश्चद्गह्नह्वह्म्द्ग.ष्शद्व एवं पीएचडी चैंबर एंड कॉमर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से विचार विमर्श किया गया जिसमे भारत के प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित डॉक्टरों व साइकोलोजिस्ट ने और शीर्षस्थ उद्यमियों ने भाग लिया एवं जिसकी मेजबानी hopequre.com और पीएचडी चैंबर एंड कॉमर्स ऑफ इंडिया द्वारा की गई।

कोविड 19 महामारी ने सभी को मानसिक रूप से प्रभावित किया है। भारत में लगभग 20 करोड़ लोग या हर सात भारतीयों में से एक 2019 ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीस स्टडी के अनुसार मानसिक बीमारी से प्रभावित हैं। इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के सर्वेक्षण के अनुसार लॉकडाउन 1.0 के दौरान मानसिक बिमारियों के मामलों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई। 2019-20 में लगभग आठ करोड़ उद्यमी और व्यवसायी अप्रैल 2020 तक घटकर लगभग छह करोड़ हो गए, जबकि मार्च 2019 में औसत रोजगार चालीस करोड़ से घटकर अप्रैल 2020 में अठ्ठाइस करोड़ हो गया। व्यवसाय व रोजगार की कमी का सीधा असर मानसिक स्वस्थ्य पर पड़ता है जिसको नजऱअंदाज़ करते हुए, भारत सरकार जीडीपी का सिर्फ 1.15 फीसदी ही स्वास्थ्य पर खर्च करती है जबकि सरकार द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए मौजूदा बजट में सिर्फ 40 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

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कोविड 19 के प्रकोप के बाद भारत में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नए तरीके से बुनियादी जरूरत के रूप में महसूस किया गया है और इस दौरान भारत में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करने का एक नया अवसर मिला है। कोविड 19 लॉकडाउन के दौरान हमारे एमएसएमई, उद्यमियों और स्टार्ट-अप संस्थापकों को असामयिक तनाव, व्यवसाय सबंधी एंग्जायटी, डिप्रेशन व अन्य मानसिक स्वास्थ्य से संबधित चिंताओं का सामना करना पड़ा।

hopequre.com के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक सागर ने बताया कि आमतौर पर एमएसएमई, उद्यमियों और स्टार्ट-अप संस्थापकों का सवयं का स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है जिसे वो नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि व्यवसायिक व्यक्ति के जीवन में स्वयं की देखभाल के अतिरिक्त कई अन्य ज्वलंत समस्याओं की प्राथमिकता होती है। हालांकि, यह ऐसे बहादुर दिल हैं जिन्होंने इतने कठिन कोविड काल समय के दौरान आत्मनिर्भर भारत की सरकार की पहल का सबसे पहले समर्थन करने का साहस किया है।"

hopequre.com के एमबीबीएस, एमडी - मनोचिकित्सा एवं वरिष्ठ सलाहकार मनोचिकित्सक डॉक्टर एडी गोयल ने बताया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को सिर्फ डिप्रेशन, एंग्जायटी, कार्यालय संबंधी तनाव और चिंता के कारण प्रति वर्ष अनुमानत: एक ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होता है। भारत में स्थिति बेहतर नहीं है। भारत के एमएसएमई एक तरफ देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जूझ रहे हैं और साथ ही साथ उनमें से कई असामयिक तनाव व डिप्रेशन के कारण मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह ले रहे है। भारत के कई उद्यमी अपने कर्मचारियों को कार्यालय वापस लाने और उनका उत्साह बरकऱार रखने के लिए साइकोलोजिस्ट व कॉर्पोरेट कर्मचारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का सहारा ले रहे हैं।

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hopequre.com में एक विशेषज्ञ सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ पिंकी गोस्वामी ने कहा कि विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक से मदद मांगना कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि अवास्तविकता है और यह उत्पादकता को बनाए रखने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, इससे पहले कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाए, मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर लोगों को साइकोलोजिस्ट की मदद लेनी चाहिए क्योंकि एक स्वस्थ मन ही सफलता की कुंजी होगा।

पीएचडीसीसीआई की एमएसएमई समिति के अध्यक्ष मोहित जैन ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारे एमएसएमई इस अवसर का लाभ उठाने के लिए उत्साहित हैं कि भारत के प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ काम पर मानसिक स्वास्थ्य चिंताओं को संभालने के लिए सर्वोत्तम रणनीतियाँ बता रहे हैं और भारत में उद्यमियों के मानसिक स्वास्थ्य के व्यक्तिगत और व्यावसायिक मोर्चों पर प्रभाव का विश्लेषण कर रहे हैं।



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नई दिल्ली। फाइजर इंक की कोविड 19 पर रिपोर्ट आने के बाद शेयर बाजार में आई तेजी से कई इंवेस्टर्स की संपत्ति में इजाफा देखने को मिला है। वहीं जितनी संपत्ति में नाटकीय रूप से जर्मन बंधुओं की बढ़ी है, वो किसी और की नहीं बढ़ी। यहां बात जर्मन फर्म बायोएनटेक एसई के स्टेक होल्डर्स एंड्रियास और थॉमस स्ट्रूंगमैन की हो रही है। जो फाइजर के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन पर मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों भाईयों की संपत्ति में हाल के दिनों में 8 बिलियन डॉलर का इजाफा हो गया है।

विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 22 बिलियन डॉलर के साथ जुड़वा बंधु दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर कंपनी के मालिक हैं। दोनों भाईयों ने अपने परिवार की जेनेरिक दवाओं के कारोबार की आय को बढ़ाकर अपने साम्राज्य को बढ़ाया है।

ऐसे बढ़ा कारोबार
फैमिली ऑफिस रिक्रूटमेंट फर्म एग्रीस ग्रुप के को फाउंडर पॉल वेस्टॉल के अनुसार उन्होंने विज्ञान पर विश्वास करके अपनी संपत्ति को फिर से आकार दिया है। भाइयों ने अपने फैमिली ऑफिस, एथोस सर्विस की स्थापना की। 2005 में नोवार्टिस एजी की घोषणा की जो ड्रग निर्माता हेक्सल को खरीदने जा रहा था और जिसके बाद ईओएन लैब्स की भी हिस्सेदारी थी। यह संयुक्त डील करीब 6.7 बिलियन डॉलर की थी।

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कंपनी के सीईओ की संपत्ति में भी इजाफा
बायोएनटेक पर उनका दांव फंडिंग ट्रांसफॉर्मल ड्रग्स की उनकी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। उन्होंने 2008 में फर्म को 150 मिलियन यूरो की मदद की और अब कंपनी के आधे हिस्से के मालिक हैं। दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों में शामिल होने के कारण, बायोएनटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी युगुर साहिन के की संपत्ति बढ़कर 4 बिलियन डॉलर से अधिक कर दिया है।

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दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कंपनी है बायोएनटेक
1979 में अपने पिता अर्नस्ट से परिवार के स्वामित्व वाली दवा कंपनी डुरेचेमी को संभालने के बाद, भाइयों ने इसे सात साल बाद बेचा और हेक्सल को स्थापित करने के लिए आय का इस्तेमाल किया। उन्होंने म्यूनिख के पास एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में लगभग दो दर्जन कर्मचारियों के साथ शुरुआत की और इसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी जेनेरिक-ड्रग कंपनी में विकसित किया। थॉमस, जिन्होंने बिजनेस मैनेज्मेंट में डॉक्टरेट की है ने 2004 के एक साक्षात्कार में कहा था कि कि हमारी ताकत गति और लचीलापन हैै। जबकि बड़े जाएंट्स हाथी अपने निर्णय ले रहे हैं, हमने पहले ही कार्रवाई कर दी है।



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नई दिल्ली। 15 नवंबर का आधा महीना बीत गया है। दो महीनें होने को जा रहे हैं, लेकिन पेट्रोल की कीमत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर करीब डेढ़ महीना डीजल की कीमत को हो गया है, 2 अक्टूबर से कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो क्रूड ऑयल के दाम 40 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गए हैं। जानकारों की मानें तो आने वाले महीनों में क्रूड ऑयल की कीमत में इजाफा देखने को मिल सकता है। वैसे देश में ऑयल कंपनियां क्रूड ऑयल की अस्थिरता को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमत की में कोई बदलाव करने के मूड में नहीं दिखाई दे रहे हैं।

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डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल कीमत 44 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार 2 अक्टूबर को डीजल की कीमत में 6 से 7 पैसे प्रति लीटर की कटौती देखने को मिली थी। जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई में डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति कम हुए थे। जिसके बाद दोनों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 70.46 रुपए और 76.86 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। जबकि कोलकाता और चेन्नई में डीजल के दाम में 6 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जिसके बाद दोनों महानगरों में दाम क्रमश: 73.99 रुपए और 75.95 रुपए प्रति लीटर हो गए थे।

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पेट्रोल की कीमत में स्थिरता जारी
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में रविवार को पेट्रोल की कीमत में लगातार 55 वें दिन भी स्थिरता देखने को मिली है। आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में गिरावट 22 सितंबर को देखने को मिली थी। उस दिन देश की राजधानी दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल 8 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। जिसके बाद तीनों महानगरों में पेट्रोल 81.06, 82.59 और 87.74 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। वहीं चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 7 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखने को मिली थी। जहां दाम 84.14 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। आज भी आपको वहीं दाम चुकाने होंगे।



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अब इस सप्ताह दिवाली के त्यौहार के चलते खरीदारी का सीजन अपने पीक पर पहुंच रहा है। ऐसे में मुकेश अंबानी की रिटेल वेबसाइट और जियो मार्ट अमेजन और फ्लिपकार्ट से टक्कर लेकर अपना शेयर बढ़ाने में जुट गई है। प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ते हुए अंबानी का पोर्टल चावल, बिरयानी के चावल और अन्य हॉलिडे स्टेपल जैसे मसाला मिक्स पर 50% की ब्लॉकबस्टर छूट प्रदान कर रहा है।

सस्ते डेटा प्लान के जरिए टेलीकॉम पर कब्जा

इससे पहले अंबानी ने सस्ते डेटा प्लान और मुफ्त वॉयस कॉल को ऑफर कर भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में बड़े-बड़े प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ दिया है। अब चार साल बाद एक बार फिर से देश के तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स स्पेस में अपना सिक्का जमाने के लिए रणनीति बनाने और उसे अमल में लाने में जुट गए हैं।

सैमसंग के मोबाइल पर भारी डिस्काउंट

इस बीच उनकी रिलायंस डिजिटल वेबसाइट प्रतिद्वंदियों की तुलना में सस्ते दामों पर सैमसंग के कुछ प्रमुख स्मार्टफोन बेच रही है। इसमें 40% तक डिस्काउंट शामिल है। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की ओर से लीड लेने वाली एक पहल है। अपनी टेक्नोलॉजी कंपनी के लिए 20 बिलियन डॉलर जुटाने के बाद अब उनका ध्यान रिटेल पर है। इसमें अब तक 45 हजार करोड़ रुपए हिस्सेदारी बेच कर आ चुके हैं। इसमें प्रमुख निवेशक केकेआर एंड कंपनी और सिल्वर लेक आदि हैं।

काफी बड़ा बाजार है भारत में

भारत जैसे बड़े देश में अब भी काफी मार्केट बचा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि भारत 2026 तक ई-कॉमर्स की बिक्री में 200 अरब डॉलर का कारोबार करेगा। फिर भी, टेलीकॉम सेक्टर में अंबानी की जीत है। जहां उन्होंने शुरुआत की और उन्हें उनके प्रतिद्वंदियों ने कम आँका, उन्होंने अब अमेरिकी दिग्गजों को सतर्क कर दिया है। अब वे कोई चांस नहीं लेना चाहेंगे। रिटेल सेक्टर में अंबानी को बढ़त हासिल है। घरेलू रिटेल विक्रेताओं के पक्ष में सरकार की नीतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिनसे रिलायंस को फायदा होना तय है।

विदेशी कंपनियों के लिए मुश्किल नियम

2018 के अंत में भारत के विदेशी निवेश नियमों ने अमेजन और फ्लिपकार्ट को प्रभावित किया है। अब अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को 51% से अधिक स्थानीय सुपरमार्केट चेन के मालिक होने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि यह सीमा 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में लागू है।

ऑन लाइन रिटेल को प्रभावित करने की क्षमता

अपनी स्थानीय रणनीति, कम लागत वाली खरीद और स्टोर्स के चेन के साथ अंबानी के पास ऑनलाइन रिटेल को प्रभावित करने की क्षमता है। विश्लेषकों के मुताबिक, जिओ मार्ट देश के सबसे बड़े ऑनलाइन ग्रॉसर्स बिग बास्केट और ग्रोफ़र्स जैसे किराने के ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों के भाग्य को उलट सकता है। आने वाले दिनों में अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-टेल की बड़ी कंपनियों के ग्रॉसरी, होम एवं पर्सनल केयर सेगमेंट को भी प्रभावित कर सकता है।

टेलीकॉम में सफलता

टेलीकॉम सेक्टर में अंबानी की सफलता मूल्य और नीति से लाभान्वित होने की उनकी क्षमता को दिखाती है। भारत सरकार ने 2013 में एक एकीकृत (इंटीग्रेटेड) लाइसेंस बनाने के लिए नियम बनाया था, जो एक ब्रॉडबैंड वायरलेस परमिट वाले ऑपरेटर्स को एक बार शुल्क देकर वॉयस कॉल की अनुमति देता था। उस समय राष्ट्रव्यापी स्तर पर केवल एक ऑपरेटर रिलायंस जियो के पास ऐसा परमिट था। नए नियमों ने इसे तेजी से आगे बढ़ने में मदद की।

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चार सालों में डिजिटल सेवा सस्ती हुई

सितंबर 2016 में एक इंटीग्रेटेड लाइसेंस प्राप्त करने और रिलायंस जियो की टेलीकॉम सेवाओं को चालू करने के बाद अंबानी ने कम कीमतों पर वॉयस और डेटा प्लान बेची। इसने लाखों भारतीयों के लिए डिजिटल सेवाओं को और अधिक सस्ता बना दिया। हालांकि प्रतिद्वंदियों ने भी इसी तरह के लाइसेंस जीते, लेकिन कुछ जिसमें उनके छोटे भाई अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस भी शामिल थी, दिवालिया हो गए। अंततः टेलीकॉम सेक्टर में कम से कम एक दर्जन कंपनियों की संख्या घट कर तीन रह गई।

जियो ने 2018 में फायदा कमाना शुरू किया। यह वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा वायरलेस ऑपरेटर है जिसके 40 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं।

अमेरिकी रिटेलर की साख दांव पर

भारत में अमेरिकी खुदरा विक्रेताओं की साख दांव पर लगी है। अमेज़न के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेफ बेजोस ने भारत में 6.5 अरब डॉलर का निवेश करने का संकल्प लिया है। वॉलमार्ट ने भारतीय पोर्टल फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण करने के लिए 2018 में 16 अरब डॉलर का अपना सबसे बड़ा सौदा किया और इस साल ई-टेल में 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। अपनी यूनिट फोनपे जैसी पेमेंट सेवा में लगातार नकदी जमा की।

78 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक

78 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ एशिया के सबसे अमीर बिजनेस मैन 63 वर्षीय मुकेश अंबानी का ई-कॉमर्स में उतरना टेलीकॉम की तुलना में कठिन हो सकता है। उन्होंने जिन वायरलेस ऑपरेटरों को हराया, उनमें ज्यादातर घरेलू कंपनियां थीं। इसके अलावा समूह की ई-कॉमर्स वेबसाइट्स अपने प्रतिद्वंदियों की तुलना में नई हैं। रिलायंस समूह का जिओ मार्ट अभी भी बीटा चरण में है। इसका मतलब है कि वॉलमार्ट और अमेजन के बीच बड़ी जीत हासिल करने में सालों लग सकते हैं।

रिलायंस देश की सबसे बड़ी कंपनी

रिलायंस पहले से ही भारत की सबसे बड़ी कंपनी है और इसका 185 बिलियन डॉलर का मार्केट कैपिटलाइजेशन भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 6.6% के बराबर है। इसकी धाक तभी बढ़ेगी जब यह ई-कॉमर्स में एक बड़ा मुक़ाबला जीते। ऐसे समय में जब लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था को पहले ही बड़ा धक्का लग चुका है, अंबानी की सफलता, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पैठ बनाना बहुत बड़ा मायने रखेगी।

महामारी रिलायंस को बढ़ावा दे रही है

मुंबई के बाहरी इलाके के एक शहर नेरुल में एक प्रोविजन स्टोर चलाने वाले लालजी वरगीज ने कहा कि महामारी रिलायंस को बढ़ावा दे रही है। क्योंकि कई स्थानीय स्टोर वित्तीय कठिनाइयों के कारण अच्छे खासे डिस्काउंट नहीं दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि रिलायंस रिटेल की एक बड़ी कंपनी है। इसके पास बहुत पैसा है। इसलिए यह कंपनी भारी डिस्काउंट दे सकती है।

बेस्टिवल सेल में बड़ा डिस्काउंट

दिवाली के लिए जियो मार्ट पर एक "बेस्टिवल सेल" में बड़े डिस्काउंट और कैशबैक के साथ सीज़न की सबसे बड़ी बिक्री की गई है। 8 नवंबर से फ्लिपकार्ट और अमेजन भी डिस्काउंट दे रहे हैं। जिससे तीन कंपनियों में आपसी गलाकाट प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

अंबानी की साइट्स पर ज्यादा डिस्काउंट

अंबानी की साइट्स बड़ी कीमत में डिस्काउंट दे रही है। उदाहरण के लिए दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी का सैमसंग S20 का फ्लैगशिप मॉडल इस हफ्ते की शुरुआत में 43,999 रुपए में रिलायंस पर उपलब्ध था। अमेज़न की भारत की वेबसाइट पर यह 47,990 रुपए में और फ्लिपकार्ट पर 69,999 रुपए में उपलब्ध था। यह इशारा करता है कि आने वाले दिनों में इन ई-कॉमर्स कंपनियों में यूं ही आपसी प्रतिस्पर्धा होती रहेगी।

अमेजन और वालमार्ट भी ग्राहकों को लुभाने में सक्षम

पर यह भी सच है कि अमेजन और वालमार्ट पर प्रतिबंध थोपे जाने के बावजूद वे निर्माताओं और ब्रांड की ओर से डिस्काउंट देकर ग्राहकों को लुभाने में कामयाब रहे हैं। कुछ मामलों में वे विक्रेताओं के साथ अपने संबंधों को फिर से बनाने में सक्षम हुए हैं, ताकि वे कानूनी रूप से मूल्य में कटौती की पेशकश कर सकें। इसके लिए बैंकों और क्रेडिट कार्ड कंपनियों के साथ टाइ अप भी किया है। चूंकि सरकार के नियम लोकल कंपनियों के पक्ष में बनाए जाने वाले हैं अतः इससे अंबानी को मिलने वाली बढ़त से इनकार नहीं किया जा सकता है।

12 अरब डॉलर है रिटेल में हिस्सा

भारत के रिटेल बाजार में जियो मार्ट और रिलायंस रिटेल का हिस्सा करीबन 12 अरब डॉलर का है। हालांकि अमेजन और फ्लिपकार्ट अपने शुद्ध ऑन लाइन के जरिए इसका फायदा उठा रही हैं। इनके पास 14-14 अरब डॉलर की हिस्सेदारी है। ऑन लाइन रिटेल में यह दोनों कंपनियां काफी आगे हैं। अगर किसी को रिटेल में विजेता बनना है तो उसे फिजिकल और वर्चुअल दोनों में अपनी मौजूदगी मजबूत करनी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत का रिटेल बाजार काफी विविधीकरण और ग्रामीण इलाकों पर निर्भर है। हालांकि अंबानी की तुलना में विदेशी कंपनियों को काफी दिक्कतें हैं। क्योंकि उनको ग्रोसरी स्टोर खोलने पर अभी भी प्रतिबंध है।



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Mukesh Ambani Reliance JioMart Offers Vs Amazon Flipkart Ahead Diwali Dhanteras 2020


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पश्चिम बंगाल की दुर्गापूजा भी इस बार कोरोना की भेंट चढ़ गई है। हालात यह है कि जिन पंडालों पर करोड़ों रुपए खर्च होते थे वह इस साल कम होकर 8 से 10 लाख रुपए पर आ गए है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां बिजनेस घरानों से मिलने वाले चंदे में भारी कमी आई है। इससे पंडालों ने सीमित खर्च किया है। बंगाल के दुर्गा पूजा के इतिहास में यह पहली बार यह नजारा देखने को मिला जब पूजा पंडाल में किसी प्रकार का कोई खास तामझाम नहीं किया गया है और ना श्रद्धालुओं की लंबी कतारें हैं। दुर्गा पूजा पर कोरोना महामारी का साफ असर दिख रहा है।

फोरम फॉर दुर्गोत्सव के मुताबिक, पांच दिनों तक चलने वाली कोलकाता की 100 बड़ी पूजा फेस्टिवल में करीब 4500 करोड़ रुपए का लेनदेन होता है। जबकि पूरे पं. बंगाल में करीबन 15,000 करोड़ रुपए का लेनदेन होता है। वहीं, लाखों की संख्या में रोजगार देने वाली इस पूजा ने इस साल कई लोगों को बेरोजगार कर दिया है। टूर एंड ट्रैवल, फूड और गारमेंट्स इंडस्ट्री ठप होने के चलते इस साल केवल 30-40% को ही काम मिल पाया है।

कोलकाता में हर साल कुल 4500 कम्युनिटी पूजा का आयोजन होता है। इनमें 200 पूजा ऐसी हैं जिसमें हर पूजा में 50 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। 4300 ऐसे पूजा पंडाल हैं, जिसमें 20 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। कुल मिलाकर एक लाख के करीब रोजगार पैदा होते हैं और 10 हजार अस्थाई रोजगार पैदा होते हैं जिसमें टैक्सी ड्राइवर, टूर गाइड्स आदि होते हैं।

कॉरपोरेट जगत से नहीं मिला अधिक सहयोग

बंगाल का दुर्गापूजा करीब 80% स्पॉन्सरशिप पर निर्भर रहता है। बाकी रकम इलाके से चंदा इक्कठा करके और प्राइज मनी से जुटाई जाती है। इस साल कॉरपोरेट जगत से कुछ खास मदद नहीं मिल पाई है। कोरोना और लॉकडाउन के चलते लगभग सभी सेक्टर्स प्रभावित होने के कारण कॉरपोरेट जगत से केवल 25% ही फंड मिले हैं। कंपनियों का मानना है कि कोरोना के चलते पहले ही वे नुकसान में हैं, ऊपर से महामारी में ज्यादातर लोग घूमने फिरने से बच रहे हैं। ऐसे में कंपनियों को ब्रांडिंग से कुछ खास फायदा नजर नहीं आ रहा है।
ब्रांड के जानकारों के मुताबिक, कोलकाता पूजा के दौरान कॉर्पोरेट 800 से लेकर 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा तक खर्च करते हैं। इसमें से बैनर्स के एडवरटाईज और गेट पर 1500-200 करोड़ रुपए का खर्च होता है।

एमडीअली पार्क पूजा पंडाल में मां दुर्गा कोरोनावायरस महामारी रूपी राक्षस का संहार करती नजर आईं हैं। वहीं इस संकट में डॉक्टर, पुलिस और सफाई कर्मियों के योगदान को सराहा गया है। यहां पुलिस लोगों को मास्क पहनने को लेकर सचेत कर रहे हैं।

इस साल आयोजकों के सामने पूजा का खर्च निकालना काफी चुनौतीपूर्ण है। ऊपर से कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश कि पंडाल में सीमित विजिटर्स की ही एंट्री होगी। इस फैसले ने आयोजकों के सामने और मुसीबत खड़ी कर दी है। आदेश के बाद कई स्पॉन्सर्स पूजा पंडाल को स्पॉन्सर करने से मना कर दिया।

नार्थ कोलकाता के मोहम्मद अली पार्क, साउथ कोलकाता के भवानीपुर 75 पल्ली और चेतला अग्रणी जैसे बड़े पूजा पंडाल के आयोजकों का कहना है कि तृतीया के दिन जब सब कुछ तैयार हो गया तब कलकत्ता हाईकोर्ट ने पंडाल वाले एरिया को कंटेनमेंट जोन में डाल दिया। पंडाल में विजिटर्स की संख्या को सीमित कर दिया। अगर यही फैसला पहले आ गया होता तो हम अपने बजट को और कम कर देते।

उनका मानना है कि कोर्ट फैसले के बाद कई ब्रान्ड कंपनियों ने पंडाल में पैसे लगाने से मना कर दिया। 75 पल्ली पूजा पंडाल के आयोजक व सचिव सबीर दास बताते हैं कि कोर्ट के फैसले के बाद करीब चार ऐसी ब्रान्ड कंपनियां हैं, जिन्होंने पंडाल को स्पॉन्सर करने से मना कर दिया। इन कंपनियों का मानना है जब विजिटर्स आएंगे ही नहीं तो प्रमोशन किसके लिए करें। सबीर दास कहते हैं, पूजा पंडाल में 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक के लिए स्पॉन्सर्स के साथ हुई डील हाथ से निकल गई। इस डील से करीब 5 लाख रुपए आने वाले थे।

ऐसी कहानी केवल सबीर दास के साथ नहीं है। हर आयोजकों की कहानी इसी तरह की है। 40-50 लाख में होने वाली पूजा का बजट 8 से 10 लाख पर आ गया। नार्थ कोलकाता में सबसे मशहूर पूजा पंडाल मोहम्मद अली पार्क (एमडी अली पार्क) में होता है। यहां सबसे बड़ा मेला लगता है। हर साल इस पंडाल का बजट 40 से 60 लाख तक हुआ करता था। लेकिन इस साल इसका बजट केवल 12 लाख रह गया है।

चेतला अग्रणी पूजा पंडाल को इस साल बेहद सिंपल तरीके से तैयार किया गया है। इसे बांस की लकड़ी से तैयार किया गया है।

28 साल की परंपरा को बरकरार रखना मजबूरी

साउथ कोलकाता का चेतला अग्रणी नाम से मशहूर पूजा पंडाल इस साल बेहद सिंपल थीम पर तैयार की गई है। हर साल यहां पूजा पंडाल में एंट्री के लिए करीब 20 गेट बनाए जाते थे और उन सभी गेट्स पर ब्रान्ड कंपनियों का भारी तामझाम रहता था लेकिन अबकी बार केवल 7 गेट ही बने हैं। ब्रांड कंपनियों से करीब 20 से 25 फीसदी ही फंडिंग हुई है। ऐसे में जहां हर साल 30 से 40 लाख तक के बजट में पंडाल तैयार किया जाता था वो इस साल मात्र 8 लाख के आसपास में सिमट कर रह गई है।

यहां पिछले 28 साल से यहां पूजा का आयोजन किया जा रहा है। यही वजह है कि इस साल पूजा का आयोजन किया गया है। ताकि यह परंपरा किसी तरह बची रहें। चेतला अग्रणी पूजा पंडाल को इस साल केवल 15-20 स्पाॅन्सर्स ही मिलें हैं। आयोजकों को अपने जेब से पैसे लगाने पड़े हैं। ऊपर से मास्क, ग्लव्स और पीपीटी किट के चलते खर्च अतिरिक्त बढ गया है। हालांकि, इस साल ममता बनर्जी की सरकार ने सभी रजिस्टर्ड पूजा पंडाल को सफाई और हाइजीन को ध्यान रखने के लिए अतिरिक्त खर्च को देखते हुए 50-50 हजार रुपए दिए हैं।

25 किलो सोने से तैयार हुई श्रीभूमी की मां दुर्गा

इस साल कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब ने केदारनाथ की थीम पर तैयार पंडाल में मां दुर्गा की मूर्ति को 25 किलो सोने के गहनों से सजाया है। इस पूजा के मुख्य सदस्य राज्य के मंत्री सुजीत बोस हैं। वे कहते हैं कि इस साल पूजा की रौनक फीकी जरूर है, मगर हमने मूर्ति के आकार और उसकी भव्यता से कोई समझौता नहीं किया गया है। हर साल की तरह इस साल भी हमने मां दुर्गा को सोने के गहनों से सजाया है। श्रीभूमी स्पोर्टिंग क्लब हमेशा से भव्यता के लिए मशहूर रही है। हालांकि, बजट को लेकर पूछे गए सवाल पर सुजीत बोस ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताया लेकिन उन्होंने यह माना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल पूजा पंडाल के बजट में 20 फीसदी तक की कटौती हुई है।

यह श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब का दुर्गा पूजा है। यह पंडाल केदारनाथ थीम पर तैयार किया गया है।

बता दें कि यह वही पूजा पंडाल है जिसे 2018 में दुनिया का सबसे महंगा पंडाल होने का सर्टिफिकेट दिया गया था। बाहुबली की थीम पर तैयार पूजा पंडाल का बजट करीब 10 करोड़ रुपए था। पंडाल की ऊंचाई 110 फीट रखी गई थी। इतना ही नहीं पिछले साल 2019 में नार्थ कोलकाता के संतोष मित्रा स्क्वेयर में मां दुर्गा को 50 किलो सोने से तैयार किया गया था। बजट 20-25 करोड़ रुपए बताई गई थी। साउथ कोलकाता का मशहूर पूजा पंडाल भवानीपुर 75 पल्ली में इस साल कपडे, धागे और मछली पकड़ने वाली जाल से पंडाल को तैयार किया गया है। इस साल इस पूजा का बजट 10 लाख रुपए के आसपास है। वहीं, पिछले साल करीबन 50 लाख के आसपास के बजट में पूजा का आयोजन किया गया था। इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स पहले ही अनुमान जता चुका है कि 2030 तक दुर्गा पूजा का टर्नओवर मेगा कुंभ मेला के बराबर हो जाएगा जो कि करीबन 1 लाख करोड़ रुपए है।

केदारनाथ थीम पर तैयार श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा को 25 किलो सोने के गहनों से सजाया गया है।

दुर्गापूजा से हो जाती थी सालभर की कमाई

हजारों की संख्या में ऐसे लेबर से लेकर मूर्तिकार और पूजा के दौरान छोटे छोटे फूड का स्टाॅल लगाने वालों की कमाई पर सीधा असर पड़ा है। इनकी कमाई का जरिया ही दुर्गा पूजा है। इस समय इनकी कमाई इतनी हो जाती है कि ये सालभर छोटे मोटे अन्य काम करके भी घर-परिवार मैनेज कर लेते थे। पिछले दस सालों से पंडाल के पास फूड ट्रक का कारोबार कर रहें आमिर अली इस साल दिन तीनों में महज 15-20 हजार रुपए की कमाई कर पाए हैं। हर साल पूजा में वे इस पांच से छह दिनों में दो लाख से ज्यादा कमा लेते थे।

पहली बार सिंदूर खेला रस्म के बगैर ही होगी मां की विदाई

बंगाल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जहां दुर्गापूजा की परम्परा को ही बदलना पड़ा। दुर्गापूजा की शुरुआत मां की प्रतिमा में चक्षु दान के साथ किया जाता है और पूजा सम्पन्न होती है सिंदूर खेला के साथ। ऐसी मान्यता है कि 9 दिन मायके में रहने के बाद मां अपनी ससुराल जाती हैं, इसके पूर्व महिलाएं पान के पत्ते में सिंदूर डालकर मां की मांग भरती है। उसके बाद वही सिंदूर वे एक-दूसरे को लगाती है। बता दें कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण कोर्ट ने सिंदूर खेला पर रोक लगा दी है।

यह कोलकाता के भवानीपुर 75 पल्ली का दुर्गोत्सव है। यहां पंडाल को कपडे, धागे और मछली पकड़ने वाली जाल से तैयार किया गया है।


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Durga Puja 2020; Pooja organizers reduced budget four times this year: puja organizer


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इसी हफ्ते से कई ई-कॉमर्स कंपनियां फेस्टिवल सेल शुरू करने वाली हैं। इनमें फ्लिपकार्ट, अमेजन, पेटीएम मॉल, शॉपक्लूज के साथ कई दूसरी कंपनियां भी शामिल हैं। ऐसे में आप भी कुछ खरीदने का मन बना रहे हैं तब ये सेल आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हम आपको इस सेल में मिलने वाले स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप या दूसरे गैजेट्स पर मिलने वाली डील और ऑफर्स के बारे में बता रहे हैं। साथ ही, किस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आपको क्या सस्ता और बेहतर मिलेगा, इसकी भी पूरी जानकारी दे रहे हैं।


सबसे पहले जानते हैं ई-कॉमर्स वेबसाइट द्वारा दिए जाने वाले ऑफर्स

1. फ्लिपकार्ट

  • SBI, ICICI, HDFC, कोटक के साथ अन्य बैंकों पर नो कॉस्ट EMI पर प्रोडक्ट खरीदने का मौका मिलेगा।
  • बजाज फिनसर्व पर भी नो कॉस्ट EMI में सामान खरीद पाएंगे। उन्हें एडिशनल चार्ज नहीं देना होगा।
  • डेबिट कार्ड पर भी EMI का ऑप्शन मिलेगा। इसके लिए कार्ड पर मिनिमम बैलेंस की जरूरत नहीं होगी।
  • SBI कार्ड से शॉपिंग करने पर एडिशनल 10% का और पेटीएम पर भी कैशबैक ऑफर मिलेगा।
  • सिर्फ 1 रुपए में मोबाइल प्रोटेक्शन ले पाएंगे। स्मार्टफोन पर एक्सचेंज ऑफर भी मिलेगा।

2. अमेजन

  • प्राइम मेंबर्स के लिए सेल एक दिन पहले शुरू हो जाएगी। उन्हें फास्ट डिलिवरी सर्विस भी मिलेगी।
  • डेली शॉपिंग करने पर 500 रुपए तक का रिवार्ड मिलेगा। रिवार्ड का फायदा अमेजन पे के जरिए मिलेगा।
  • डेबिट/क्रेडिट कार्ड पर नो कॉस्ट EMI और बजाज फिनसर्व पर 1 लाख रुपए तक क्रेडिट का फायदा मिलेगा।
  • एक्सचेंज ऑफर पर 13,500 तक बेनीफिट। ICICI क्रेडिट कार्ड पर 3% का रिवार्ड या 750 रुपए तक कैशबैक मिलेगा।

3. पेटीएम मॉल

  • नो कॉस्ट EMI का ऑप्शन मिलेगा। ICICI बैंक के क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर 10% तक कैशबैक भी मिलेगा।
  • फ्लैश सेल, डील ऑफ दे डे और कॉम्बो ऑफर के दौरान ज्यादा सस्ते प्रोडक्ट खरीदने का मौका मिलेगा।
  • ग्राहकों के लिए 499 रुपए से कम कीमत वाले प्रोडक्ट का स्टोर अलग से ओपन किया जाएगा।

4. शॉपक्लूज

  • नो कॉस्ट EMI का ऑप्शन मिलेगा। हालांकि, कंपनी ने बैंक बेनीफिट के बारे में जानकारी नहीं दी है।
  • स्मार्टफोन और टैबलेट पर 10,000 रुपए तक की बचत का मौका मिलेगा।
  • 7 दिन के दौरान हर दिन अलग-अलग स्टोर और शॉपिंग ऑप्शन मिलेंगे। जिसमें सरप्राइज गिफ्ट दिए जाएंगे।
  • शगुन की डील ऑफर में 1, 51, 101, 251 और 501 रुपए में डील करने का मौका मिलेगा।

प्रोडक्ट के प्राइस कट या प्राइस डाउन
फ्लिपकार्ट:
कंपनी ने स्मार्टफोन, टैबलेट, हेडफोन, स्पीकर और दूसरी एक्सेसरीज के कई प्रोडक्ट की प्राइस लिस्ट और ऑफर जारी कर दिए हैं।

प्रोडक्ट डिस्काउंट/ऑफर
गेमिंग लैपटॉप मिनिमम 25% ऑफ
हेडफोन और स्पीकर 80% तक ऑफ
टैबलेट (लेनोवो) 4999 रुपए से शुरू
ट्रिमर 299 रुपए से शुरू
स्मार्ट प्लग 499 रुपए से शुरू
डिजिटल कैमरा 2499 रुपए से शुरू
लाइटवेट लैपटॉप 40% तक ऑफ
पावरबैंक (फिलिप्स) 699 रुपए से शुरू
स्मार्ट वियरेबल्स 80% तक ऑफ

फ्लिपकार्ट पर मिलने वाले स्मार्टफोन पर डिस्काउंट और दूसरे ऑफर

स्मार्टफोन MRP ऑफर प्राइस
पोको M2 प्रो 16999 12999
इनफिनिक्स हॉट 9 प्रो 12999 9499
रियलमी C12 10999 7999
रियलमी नारजो 20 प्रो 10999 8499
रेडमी K20 प्रो 28999 22999
सैमसंग गैलेक्सी F41 15499 10850
ओप्पो A52 17990 12990
Mi 10 59999 49999
LG G8X 70000 19990

नोट: फ्लिपकार्ट मोटोरोला, वीवो, टेक्नो, आसुस जैसी दूसरी कंपनियों के स्मार्टफोन पर भी बड़ा डिस्काउंट दे रही।

अमेजन: कंपनी ने स्मार्टफोन, टैबलेट, हेडफोन, स्पीकर और दूसरी एक्सेसरीज के कई प्रोडक्ट की प्राइस लिस्ट और ऑफर जारी कर दिए हैं।

प्रोडक्ट डिस्काउंट/ऑफर
हेडफोन 70% तक ऑफ
डिजिटल कैमरा 60% तक ऑफ
साउंडबार 1449 रुपए से शुरू
ईको स्मार्ट डिस्प्ले 40% तक ऑफ
नोइज हेडफोन 699 रुपए से शुरू
जेबीएल स्पीकर 65% तक ऑफ

अमेजन पर मिलने वाले इन प्रोडक्ट की कीमत में हुई भारी कटौती

प्रोडक्ट MRP ऑफर प्राइस
गेमिंग लैपटॉप (HP) 75929 62990
लेनोवो टैब M10 HD 18990 9999
सैमसंग वॉच 34990 17990
सोनी ब्लॉग कैमरा 77990 67990
बोट एयरड्रॉप्स 5999 1999
LG अल्ट्रागियर मॉनीटर 32000 20699

अमेजन पर मिलने वाले स्मार्टफोन पर डिस्काउंट और दूसरे ऑफर

स्मार्टफोन MRP ऑफर प्राइस
सैमसंग गैलेक्सी M51 28999 22499
रेडमी 9A 8499 6499
रेडमी नोट 9 प्रो 16999 12999
सैमसंग गैलेक्सी S10 71000 39999
वनप्लस 8 5G 49999 44999
ओप्पो A52 19990 13990

नोट: अमेजन सैमसंग, रेडमी, वनप्लस, वीवो के साथ दूसरी कंपनियों के स्मार्टफोन पर भी बड़ा डिस्काउंट दे रही।

पेटीएम मॉल: कंपनी ने स्मार्टफोन, टैबलेट, हेडफोन, स्पीकर और दूसरी एक्सेसरीज के कई प्रोडक्ट की प्राइस लिस्ट और ऑफर जारी कर दिए हैं।

प्रोडक्ट डिस्काउंट/ऑफर
बोट स्पीकर, हेडफोन 399 रुपए से शुरू
फिलिप्स हेडफोन 299 रुपए से शुरू
बोल्ट स्पीकर, हेडफोन 399 रुपए से शुरू
WD एक्सटर्नल हार्ड डिस्क 50% तक ऑफ
लैपटॉप 80% तक ऑफ

शॉपक्लूज: कंपनी ने स्मार्टफोन, टैबलेट, हेडफोन, स्पीकर और दूसरी एक्सेसरीज के कई प्रोडक्ट की प्राइस लिस्ट और ऑफर जारी कर दिए हैं।

प्रोडक्ट डिस्काउंट/ऑफर
मोबाइल 10000 रुपए तक बचत
टैबलेट 10000 रुपए तक बचत
मेमोरी कार्ड 75% तक की बचत
स्पीकर 199 रुपए से शुरू
ईयरफोन 199 रुपए से शुरू

शॉपक्लूज पर मिलने वाले स्मार्टफोन और दूसरे प्रोडक्ट पर डिस्काउंट और दूसरे ऑफर

प्रोडक्ट MRP ऑफर प्राइस
टाइटन मेमोरी कार्ड 699 249
टाइटन ईयरफोन 999 149
सोनी पेन ड्राइव 1500 799
एडकॉम माउस 399 149
आई कॉल K8 प्लस 5999 3999
आई कॉल N7 प्लस 5999 3199

न्यू लॉन्च और एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट

कई ई-कॉमर्स कंपनियां फेस्टिवल सेल के दौरान अपने एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट भी लॉन्च करेंगी। खासकर अमेजन इस सेल के दौरान अपने कई ऐसे प्रोडक्ट लाने वाली है जो सिर्फ उसी के पास मिलेंगे। आइए अमेजन के सभी ऐसे प्रोडक्ट की लिस्ट चेक करते हैं।

प्रोडक्ट लॉन्च/कीमत
वनप्लस 8T 5G 14 अक्टूबर को लॉन्च
हॉनर वॉच ES 7499 रुपए
ईको डॉट स्मार्ट स्पीकर 22 अक्टूबर को लॉन्च
ट्रेन टिकट सर्विस 120 रुपए तक कैशबैक
मिर्जापुर 2 23 अक्टूबर को रिलीज

शॉपिंग करने से पहले फॉलो करें ये टिप्स

1. ऑथेंटिक प्लेटफॉर्म का चुनाव
ऑनलाइन शॉपिंग के लिए सही वेबसाइट का सिलेक्शन बहुत जरूरी है, क्योंकि बात प्रोडक्ट की क्वालिटी के साथ आपके पैसे से जुड़ी होती है। यदि कोई नई वेबसाइट है तब उसके बारे में पता होना बहुत जरूरी है, क्योंकि इन दिनों कई ऐसी ई-कॉमर्स वेबसाइट बन चुकी हैं जो आपके बैंक अकाउंट को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कोशिश करें कि पॉपुलर ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे flipkart.com, snapdeal.com, amazom.com, yepme.com, paytm.com, jabong.com, shopclues.com, myntra.com या अन्य का चुनें।

2. प्रोडक्ट का कीमत का कम्पेरिजन
मान लीजिए आप कोई स्मार्टफोन खरीदने वाले हैं तब उसे खरीदने में जल्दबाजी नहीं दिखाएं। उस मॉडल की कीमत को दूसरे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी चेक करें, लेकिन वो ऑथेंटिक प्लेटफॉर्म होना चाहिए। ऐसे में जहां से आपको वो स्मार्टफोन सस्ता मिल रहा हो वहां स खरीदें। प्रोडक्ट की रिटर्न पॉलिसी, वारंटी जैसी बातें भी पता करें।

3. ऑफलाइन प्राइस भी पता करें
ऐसा नहीं है कि आप जो प्रोडक्ट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीद रहे हैं वो सस्ता ही मिले। कई बार ऑफलाइन स्टोर पर उस प्रोडक्ट की कीमत उतनी या उससे भी कम होती है। ऐसे में ऑफलाइन स्टोर का ही चुनाव करें। ऑफलाइन प्रोडक्ट खरीदने का एक फायदा ये भी है कि आप उसे सामने से चेक कर सकते हैं। साथ ही, वो हाथों हाथ मिल जाता है। यानी उसके डिलिवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता।

4. फ्लैश सेल में खरीदें प्रोडक्ट
फेस्टिवल सेल के दौरान कई ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लैश सेल भी लेकर आ रही हैं। फ्लैश सेल सीमित समय के लिए होती है ऐसे में इस सेल में ज्यादा बड़ा डिस्काउंट मिल जाता है। आप जिस प्रोडक्ट को खरीदने वाले हैं यदि वो फ्लैश सेल में मिल रहा है तब उसकी तैयारी पहले से कर लें।

5. कूपन कोड और कैशबैक ऑफर
सेफ में कूपन कोड और कैशबैक ऑफर से ज्यादा फायदा मिल सकता है। इन दिनों कई वेबसाइट कूपन कोड जारी करती हैं। जिन्हें अप्लाई करने के बाद प्रोडक्ट की कीमत कम हो जाती है, या फिर दूसरे तरह के बेनीफिट मिल जाते है। साथ ही, इस बात का भी पता करें कि किसी बैंक या दूसरे कार्ड से पेमेंट करने पर कैशबैक मिल रहा है।



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E-Commerce Festival Sale Offers 2020; Mobile Phones Laptops and Top Gadgets Deal On Flipkart, Amazon, and Paytm Mall ShopClues


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देश में स्टार्टअप सेक्टर की हालत भले खराब है, लेकिन उम्मीद है कि इस साल के अंत तक ये 7.5 लाख रोजगार दे सकते हैं। सितंबर 2020 की तिमाही के अंत तक कुल निवेश और स्टार्टअप में निजी निवेश, दोनों कोविड-19 के पहले के लेवल पर पहुंच गए हैं। हालांकि इनडायरेक्ट (अप्रत्यक्ष) तौर पर 26-28 लाख रोजगार मिलने की संभावना है। ग्लोबल मैनेजमेंट व स्ट्रैट्जी कंसल्टिंग फर्म जिनोव के साथ साझेदारी में टाई दिल्ली-एनसीआर ने यह जानकारी दी है।

यूनिकॉर्न बन रहे हैं स्टार्टअप

रिपोर्ट के मुताबिक चार भारतीय स्टार्टअप कोविड-19 के दौर में यूनिकॉर्न बनकर उभरे हैं। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक भारत में 8 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बन जाएंगे। यह 2019 के बराबर हो जाएगा। टाई दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष रंजन आनंदन के मुताबिक भारतीय स्टार्टअप्स ने नए तरीके से अपने बिजनेस में बदलाव किए हैं। अधिकतर स्टार्टअप ने अपनी लागत को कम करते हुए आर्थिक स्थिति को तेजी से मजबूत किया।

डिजिटली आधारित सेगमेंट में तेजी से हो रहा है सुधार

रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटली आधारित सेगमेंट में तेजी से सुधार देखने को मिला है। यह सुधार कोविड-19 के पहले के दौर से भी आगे है। निवेश में तेजी से सुधार देखने को मिला है और हमें उम्मीद है कि भारतीय यूनिकॉर्न में 2020 और 2021 में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भारत 2025 तक 100 यूनिकॉर्न हासिल करने के रास्ते पर है। जिनोव की सीईओ परी नटराजन के मुताबिक कोरोना से उपजे संकट और कुछ स्टार्टअप के बंद होने के बावजूद कई स्टार्टअप ने रोजगार उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उम्मीद है कि 2025 तक इससे 15-16 लाख प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे।

स्टार्टअप इकोसिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुआ है

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम कोविड-19 की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 15% स्टार्टअप लॉकडाउन की वजह से अपना कारोबार बंद कर रहे थे, वे अब उम्मीद से अधिक तेजी से पटरी पर आ रहे है। रिपोर्ट में सामने आया है कि अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से डिजिटल स्टार्टअप में ज्यादा तेजी देखने को मिली है और निवेशकों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति कोविड के पहले दौर पर पहुंच जाएगी।

रिपोर्ट में कई तरह की जानकारी दी गई है

इस रिपोर्ट में फंडिंग, विलय और अधिग्रहण, सेक्टर पर प्रभाव, निवेशकों की सोच और बाजार के बदलते माहौल जैसे विभिन्न अध्ययन से भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में कोविड-19 के प्रभाव को समझाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 की शुरुआत में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम था। हालांकि कोरोना महामारी के कारण मार्च से लेकर जून 2020 में हुए लॉकडाउन ने इसे खासा प्रभावित किया है।

निवेश में आई 50 पर्सेंट की कमी

लॉकडाउन के पहले की तुलना में लॉकडाउन अवधि के दौरान निवेश में 50 फीसदी की कमी आई और करीब 40 फीसदी स्टार्टअप में निगेटिव प्रभाव देखने को मिला। इसके अलावा 15 फीसदी स्टार्टअप को कोविड-19 के कारण अपना संचालन बंद करने में मजबूर होना पड़ा है। 75 फीसदी स्टार्टअप की हालत धीरे-धीरे ही सही पर स्थायी रूप से लॉकडाउन के बाद बेहतर हो रही है। करीब 30 फीसदी स्टार्टअप ने कमाई के दूसरे रास्ते खोजने के लिए नए बाजार का रुख किया है।



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रिपोर्ट के मुताबिक, 15 फीसदी स्टार्टअप को कोविड-19 के कारण अपना कारोबार बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। 75 फीसदी स्टार्टअप की हालत धीरे-धीरे ही सही पर स्थायी रूप से लॉकडाउन के बाद बेहतर हो रही है


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