रींगस और रानोली पुलिस पर महिलाओं-युवतियाें काे पीटने और अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात पुलिस चौमूं पुरोहितान में नाबालिग विवाहिता से ज्यादती के आरोपी को पकड़ने गई थी। आरोपी के परिजनों का आरोप है कि पुलिस गाड़ियों में अन्य 20-30 लोगों के साथ आई और परिवार की महिलाओं और पुरुषों से मारपीट करने लगी। महिलाओं के कपड़े फाड़कर खेत में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। ज्यादती के आरोपी की मां, बहन, चाची व चाची की लड़की सहित परिवार के एक दर्जन लोगों के साथ मारपीट की। इस दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।
आरोप है कि थाने में भी गाली-ग्लौज की गई। रींगस थाना पुलिस रात करीब 3 बजे भंवरी देवी, कुमारी पिंटू को चौमूंपुरोहितान स्टैंड पर छोड़ गई। सुबह महिलाओं ने थाने पहुंच विरोध किया तो राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कर 4 लोगों को शांति भंग में पकड़ लिया। रींगस सीओ का चार्ज संभालने वाले सीओ ग्रामीण राजेश आर्य ने बताया कि मैं शाम को आया हूं। सुबह मामले को देखूंगा। यदि महिलाओं से मारपीट कर कपड़े फाड़े हैं तो गलत है।
रींगस थाना प्रभारी हिम्मतसिंह का कहना है कि ज्यादती के आरोपी को पकड़ने टीम पहुंची, तब रानोली पुलिस पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान आदित्य, घीसालाल, छोटुराम, भंवरी देवी, किरण, रवि प्रकाश व प्रकाश हाथों में जेली, लाठी, पत्थर लेकर आए व पुलिस से मारपीट शुरू कर दी। पत्थरबाजी में पुलिस व आरोपी के परिजनों के भी चोटें आई हैं। परिजन आरोपी को छुड़वाने का प्रयास कर रहे थे। खाटू थाने काे सूचना दी गई। जाप्ता पहुंचने पर आदित्य, घीसालाल, छोटुराम व रविप्रकाश माली को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया।
रींगस पुलिस एएसआई जयप्रकाश सिंह ने 7 लोगों पर राजकार्य में बाधा व पुलिस से मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है। रानोली थानाधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि आरोपी को पकड़ा तो परिवार के लोगों ने पुलिस पर हमला किया। हैड कांस्टेबल सहित चार पुलिसकर्मी आरोपी को पकड़ने गए थे। हमारे पास पूरी वीडियोग्राफी है। महिला पुलिसकर्मी को इसलिए नहीं थी, क्योंकि हम किसी महिला को पकड़ने नहीं गए थे।
सवाल पुलिस की इस तत्परता पर : एक घंटे में एफआईआर दर्ज की, रींगस थाने से इमदाद मांगी और पहुंच गए 48 किमी दूर आरोपी के घर
नीमकाथाना एडिशनल एसपी दिनेश अग्रवाल से सीधी बात
रानोली थाने में रात 9 बजे मामला दर्ज हुआ व 10:30 बजे रींगस थाने से इमदाद लेकर पुलिसकर्मी पहुंच भी गए, तत्परता की वजह?
नाबालिग से ज्यादती का मामला था इसलिए टीम एफआईआर होते ही रवाना हाे गई थी।
महिला पुलिसकर्मी को क्यों नहीं लेकर गए थे?
ऐसे मामलों में महिला पुलिसकर्मी को लेकर जाते हैं, इसमें क्याें नहीं ले गए, पता करेंगे।
महिलाओं के कपड़े फाड़े, मारपीट की व उन्हें रात को ही वापस रास्ते में पटक आए?
आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर हमला कर दिया। हो सकता है हाथापाई हुई हो। पुलिस ने खाटू थाने भी फोन किया। रास्ते में छोड़ने का मुझे पता नहीं है।
मामला : 1 जून को ज्यादती, 2 की रात मुकदमा, इसी रात ज्यादती के आरोपी को पकड़ने गई थी पुलिस
नाबालिग विवाहिता के ससुराल पक्ष ने रानोली थाने में मंगलवार रात एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है-एक जून को उनकी बहू को रविप्रकाश उर्फ रविंद्र पुत्र दानाराम मीणा निवासी चौमूं पुरोहितान बराल से अपहरण करके ले गया। चौमूं पुरोहितान के पास खंडहर में बंधक बनाकर रविप्रकाश व आभावास निवासी एक अन्य नाबालिग ने ज्यादती की। परिजनों को 2 जून को सुबह पता चला तो उसे खंडहर से लेकर आए। सीओ सिटी वंदिता राणा बुधवार को चौमूं पुरोहितान में जांच करने गई। बंद मकान में पीड़िता को ले जाकर मौका तस्दीक कराई।
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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sikar/news/police-misbehaves-with-women-and-obscene-acts-of-police-127372660.html
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