प्रदेश की किसानों ने अपने खेतों व फसल की सिंचाई के लिए कृषि बिजली कनेक्शन के डिमांड नोटिस की राशि जमा करवा दी। इसके बावजूद सरकारी बिजली वितरण कंपनियां कृषि कनेक्शन नहीं कर रही है। जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम में 20 हजार से ज्यादा कृषि बिजली कनेक्शन की फाइलें सहायक अभियंता दफ्तरों में पड़ी हुई है।
डिस्कॉम के इंजीनियर काम करने के लिए कॉन्ट्रेक्टर व स्टोर में ट्रांसफार्मर, केबल, कंडक्टर सहित अन्य मेटेरियल नहीं होने का बहाना कर किसानों को कनेक्शन नहीं दे रहे है। ऐसे में प्रदेश में मूंगफली, मक्का, ज्वार-ग्वार और सब्जियों की बुआई प्रभावित हो रही है।
स्टोर में मेटेरियल नहीं होने के कारण कृषि बिजली कनेक्शन नहीं हुए। ऐसे में कनेक्शन की प्राथमिकता में छह महीने की देरी होने की संभावना जताई जा रही है। ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के कारण कनेक्शन करने में दिक्कत थी। लॉकडाउन से राहत के साथ ही अब किसानों को प्राथमिकता से कृषि कनेक्शन दिए जाएंगे। सरकार एक लाख से ज्यादा कृषि कनेक्शन कर चुकी है।
फरवरी 2012 के बाद आवेदन वाले 3.12 लाख कनेक्शन पेंडिंग : सामान्य श्रेणी में कृषि कनेक्शन के लिए फरवरी 2012 से दिसंबर 2019 तक के 3.12 लाख आवेदन बकाया है। एससी-एसटी के आवेदनों को तुरंत डिमांड नोटिस जारी किया जा रहा है। वहीं ड्रिप योजना हर साल 50 हजार खर्च हो रहा है।
courtesy:bhaskar

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