एमटी -2 दो बाघिन द्वारा दो शावकों को जन्म देने के बाद अब मुकंदरा में जल्दी दूसरी खुशखबरी मिलने वाली है। टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से मुकंदरा में बाघों के लिए दो फीमेल टाइगर लाने के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। दो शावकों को जन्म देने के बाद यहां दूसरे फेज के लिए तैयारी शुरू हो गई है।
रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर आनंद मोहन ने बताया कि अब मुकंदरा में पहली प्राथमिकता गांव को रिलोशन के साथ दूसरी फेज में टाइगर के प्रस्ताव तैयार करवा कर मुख्यालय भिजवाना है। यह प्रपोजल 10 दिन में तैयार कर भिजवा दिया जाएगा।
डब्ल्यूआईआई और एनटीसीए की टीम विजिट कर देखेगी व्यवस्थाएं
उन्होंने बताया कि डब्ल्यूआईआई और एनटीसीए की टीम यहां विजिट करने के बाद यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। इसके बाद यहां टाइगर को लाने की प्रोसेस हो सकेगी। एक्सपर्ट का कहना है कि रणथंभौंर में मैच्योर टाइग्रेस में टी-99, टी- 102 और टी-103 फीमेल बाघिन आने की संभावना है। वहीं एक टाइगर बूंदी जिले में अभी मूवमेंट कर रहा है। उसके भी यहां लाने का प्रयास हो सकता है। वहीं, आनंद मोहन ने बताया कि घाटीगांव के शेष परिवार के स्वैच्छिक लोकेशन के लिए दो-तीन दिन में बजट मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जयपुर अधिकारियों से बात की है । उन्होंने बजट स्वीकृति के लिए दो-तीन दिन का समय दिया है। इस बजट में घाटी के शेष परिवारों के रिलोकेशन और लक्ष्मीपुरा का बजट शामिल है। कुल बजट 1 करोड़ 17 लाख रुपए है।
सरिस्का में मेल टाइगर भिजवाने के बाद मुकंदरा में आने थे बाघ
सरिस्का में पिछले दिनों रणथंभौंर से मेल टाइगर भिजवाने के बाद मुकंदरा में बाघ बाघिन को भिजवाने के संबंध में चर्चा थी। उन्होंने बताया कि यहां के लिए एक बाघ बाघिन का जोड़ा प्रस्तावित था। लेकिन अब स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग के बाद आगे की प्रक्रिया जल्द हो सकेगी।मुकंदरा के लिए यह अच्छी बात है कि सेलजर वाला एरिया इन के लिए मुफीद है यहां एक जोड़ा आराम से शिफ्ट किया जा सकता है।
बाघ से नहीं है शावकों को खतरा
टाइगर एक्सपर्ट एवं सिनेमैटोग्राफर नल्लामुतत्थु ने बताया कि बाघ से शावकों को किसी भी तरह का खतरा नहीं है। यह भी देखा गया है कि ताडोबा और रणथंभौंर में भी बाघ अपने शावकों को साथ साथ घूमाता रहाहै और उनकी केयरिंग भी करता है। ऐसे में यहां शावकों को लेकर किसी भी तरह का खतरा नहीं है।
बाघ के लिए चाहिए तीन बाघिन
टाइगर एक्सपर्ट नल्लामुथु का कहना है कि एक बाघ के लिए अपने एरिया में दो से तीन बाघिन होना जरूरी है। ऐसा होने से वहां पर उनमें कुनबा भी बढ़ने की अच्छी संभावना है। ऐसे में मुकंदरा टाइगर रिजर्व में एंक्लोजर के अंदर एक और बाघिन लाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
रणथंभौर से एक जोड़ा बाघ और बाघिन की संभावना
मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से दूसरे फेज को लेकर 10 दिन में प्रपोजल तैयार कर भिजवाए जाएंगे चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को, डब्ल्यूआईआई और एनटीसीए की टीम विजिट के बाद मिल सकेगी हरी झंडी
जीन पूल बदले तो मुकंदरा बन सकता है मिसाल
टाइगर एक्सपर्ट कहना है कि मुकंदरा में रणथंभौंर से आए चार बाघ-बाघिन है। ऐसे में अब चाहिए कि यहां का जीन पूल बदलने के लिए यूपी, मध्य प्रदेश से भी बाघों को लाकर यहां शिफ्ट किया जाए ताकि यहां का जीन पूल अच्छा और बेहतर हो सके।
स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की मीटिंग में हो सकेगा निर्णय
प्रदेश में टाइगर की स्थिति को लेकर और मुकंदरा के अच्छे संकेत को लेकर जल्द होने वाली स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की मीटिंग में फीमेल शिफ्टिंग को लेकर अच्छी खुशखबरी मिल सकती है। स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की मीटिंग हुए भी बहुत लंबा समय हो गया है। ऐसे में सरिस्का और मुकंदरा की खुशखबरी के बाद संभावना है कि जल्दी ही यह मीटिंग हो।
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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/r.mandi/news/after-the-happiness-of-two-cubs-in-mukandra-now-there-will-be-great-news-in-the-second-phase-127372752.html
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