कोरानाकाल में कोचिंग बंद होने से एजुकेशन सिटी कोटा की आर्थिक रफ्तार थम गई है। इस मुद्दे को लेकर 28 से 31 दिसंबर तक दैनिक भास्कर ने कोटा की मर्जी जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा सर्वे किया। इस सर्वे में गुरुवार तक 25,343 लोग अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। सर्वे में 15,140 लोग कोटा तो 10,203 लोग देशभर से शामिल हुए हैं।
सर्वे के नतीजों के मुताबिक 94% लोगों का कहना है कि कोटा शहर की अर्थव्यवस्था का 38 प्रतिशत हिस्सा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से कोचिंग व्यवसाय से जुड़ा है, जो पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। दो लाख से ज्यादा लोग सीधे तौर पर बेरोजगार हो गए हैं। वहीं यहां हर साल देशभर से आने वाले करीब 1.65 लाख बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा है। कोटा के लोगों का सवाल है कि जब सबकुछ अनलॉक तो कोचिंग लॉक क्यों है? जल्द कोचिंग नहीं खुले तो हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा।
इन 94% लोगों में 42% अभिभावक व स्टूडेंट्स हैं जाे ये तो चाहते हैं कि काेचिंग खुले लेकिन उनका कहना है कि कोरोना से बचाव को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी जाए। सरकार एसओपी जारी करे, जिसका प्रशासन सख्ती से पालन करवाए। कोचिंग, हॉस्टल व मैस सहित इस व्यवसाय से जुड़े हर वर्ग की कोविड प्रोटोकॉल को लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही तय हो।
वहीं 6% लोगों ने चिंता जाहिर की है कि कोचिंग बन्द होने के असर से ज्यादा घातक कोरोना का प्रभाव है। इसलिए इसका फैसला वैक्सीन के बाद ही होना चाहिए। उनकी राय है कि बेशक कोटा इससे बुरी तरह प्रभावित है, लेकिन यदि यहां देशभर से बच्चे आएंगे तो कोटा में संक्रमण फैलने का खतरा है। इनमें 1.6% अभिभावक ऐसे हैं जो अपने बच्चों को फिलहाल यहां नहीं भेजना चाहते हैं।
सर्वे के दो सवाल
Q 1. दूसरे प्रदेशों की तरह कोविड़ प्रोटोकॉल के अनुसार सरकार को कोचिंग हब कोटा सहित राजस्थान में भी कोचिंग्स खोल देने चाहिए ?
हां 94%
Q 2. क्या अभी सबको वैक्सीन लगने का इंतजार करना चाहिए ?
हां 06%
मैस में 200 स्टूडेंट्स का टिफिन तैयार करते थे, अब कर्ज में डूबे हैं, परिवार पर संकट आ गया : कमलेश
1. पहले 200 से अधिक स्टूडेंट्स के टिफिन भिजवाते थे। कुल 20 लाेग काम में जुटे थे। स्टूडेंट्स नहीं आए ताे मैस बंद हाे गई और इसके बाद गांव चले गए। बच्चाें की पढ़ाई पर संकट हाे गया है। काफी कर्जा चढ़ गया। अब गांव में मजदूरी सहित जाे भी काम मिलता है करते हैं। काेचिंग शुरू हाे जाए ताे कर्जा चुक जाए और परिवार की हालत पटरी पर आए।
दुकान ठप हो गई, परिवार चलाना मुश्किल हो गया, अब पत्नी फास्ट फूड बेचकर घर चला रही है : श्याम
2. कपड़े की अच्छी बिक्री हाेती थी। लेकिन, काेचिंग बंद हाेने से परेशानी हाे गई। एक्सीडेंट में एक हाथ ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हाे गया। इलाज के लिए परेशानी हुई थी। ट्रस्ट से दवाइयाें की व्यवस्था और ससुराल से खर्च की व्यवस्था हाे रही है। पत्नी ने हिम्मत दिलाकर फास्ट फूड बेच घर संभाला।
राज्य सरकार ने कहा केंद्र से हाथ बंधे हैं, केंद्र ने राज्य का अधिकार क्षेत्र बताया
कोचिंग को लेकर केंद्र और राज्य सरकार इसे एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र का मामला बताती रही। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने 20 दिसंबर काे कहा था कि केंद्र से मंजूरी मिलते ही खोल देंगे।लोकसभा अध्यक्ष आेम बिरला ने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कहा कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत राज्य सरकार कोचिंग खोल सकती है। बीकानेर शिक्षा निदेशक साैरभ स्वामी ने इसे सीएम स्तर का मामला बताया था। 28 दिसंबर को शिक्षा मंत्री गाेविंदसिंह डाेटासरा ने कहा कि चिकित्सा एवं गृह मंत्रालय की रिपाेर्ट आते ही काेचिंग खाेल देंगे। वहीं मंत्री धारीवाल भी बोले कि इस पर जल्द फैसला हाे जाएगा।
कॅरिअर सिटी को बनना होगा केयर सिटी
कॅरिअर सिटी कोटा को अब केयर सिटी बनना होगा। कोटा की जिम्मेदारी है कि देशभर से यहां आने वाले हर एक स्टूडेंट की सेहत का वह अपने बच्चे की तरह ध्यान रखे। प्रशासन एसओपी की पालना के लिए कोचिंग, होस्टल, मैस सहित इससे जुड़े हर सेक्टर की जवाबदेही तय करे। सब अपनी जिम्मेदारी समझ कर देश के सामने ऐसा उदाहरण पेश करें कि हर अभिभावक को ये दृढ़ विश्वास हो जाए कि कोटा में हमारा बच्चा सेफ है।
सर्वे में ये सुझाव आए
- घर चलाना मुश्किल हो गया। - मायापति धूपड़, ई-मित्र संचालक, कोटा
- मैं मकान का किराया नहीं दे पा रहा हूं। - उदय माली, लाइब्रेरियन, कोटा
- हमारे परिवार की अर्थव्यवस्था बिगड़ गई है। - चेतन पांडेय, दुकानदार, कोटा
- लोन की किस्त चुकाना भारी पड़ रहा है। - राजेश जैन, बिजनेस मैन, कोटा
- हमें नौकरी से निकाल दिया। - देवेंद्र सेन, ग्राफिक्स डिजाइनर, कोटा
- कोचिंग बंद होने से व्यापार चौपट हो गया। बैंक भी धमकी दे रहे हैं कि कर्ज न चुकाने पर संपत्ति जब्त कर लेंगे। - रवि मंडलोई, हॉस्टल संचालक, कोटा
- सेवानिवृत्ति के पैसे से मकान बनाया, साल भर से एक रुपया किराया नहीं आया। तुरंत कोचिंग शुरू होनी चाहिए। - राम स्वरूप शर्मा, सेवानिवृत्त आरटीएस, कोटा
- कोचिंग खुल गए और किसी स्टूडेंट को कोरोना हो गया तो जिम्मेदारी कौन लेगा? इसलिए जब तक वैक्सीन नहीं लगती कोचिंग स्कूल बंद रहने चाहिए। - नरेंद्र सिंह, अहमदाबाद, -संजय मिश्रा, पटना
- बच्चों के स्वास्थ की सुरक्षा के इंतजाम के साथ कोचिंग खुलनी चाहिए। - अजय कटारे, टीकमगढ़, मप्र
- क्लासरूम की पढ़ाई ऑनलाइन से बेहतर है। - ओमकार,छात्र, बिहार, कृष्ण प्रताप, छात्र, गाजियाबाद, विजय, पुणे
- कोटा से दिल्ली नौकरी करने आना पड़ा। - नरेश नागर, मैस संचालक, कोटा
- मेरे बच्चे कोटा में नीट की तैयारी कर रहे हैं, कोचिंग बंद होने से कठिनाई हो रही है। - अमलेश, धनबाद
- कोचिंग बंद होने से पेमेंट रुका है। घर खर्च के पैसे भी नहीं बचे हैं। - धनराज परिदवाल, कांट्रेक्टर, कोटा
कोचिंग खोलना अर्थव्यवस्था ही नहीं छात्रों के भविष्य के लिए भी जरूरी : बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कोचिंग री-ऑपन करना सिर्फ कोटा की अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि देशभर के यहां पढ़ने वाले हजारों स्टूडेंट्स के भी भविष्य के लिए भी जरूरी है। तीन दिवसीय दौरे पर कोटा आए बिरला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मुद्दे पर मैंने राजस्थान के सीएम को पत्र लिखा है, मुझे उम्मीद है कि राज्य मेरे पत्र पर सकारात्मक रूप से गौर करते हुए कोटा ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में जहां-जहां भी कोरोना का ग्राफ कम हुआ है, वहां के लिए गाइडलाइन बनाते हुए कोचिंग संस्थाएं खोलने के निर्देश जारी करेंगे। किसान आंदोलन पर बिरला ने कहा कि सकारात्मक वार्ता का दौर शुरू हो गया है, मुझे उम्मीद है कि जल्दी समाधान निकलेगा।
दो-तीन दिन में खुल जाएंगे कोचिंग संस्थान : धारीवाल
शहर की अर्थ व्यवस्था की धुरी काेचिंग संस्थान खाेलने के संबंध में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि दाे-तीन दिन में काेचिंग खुल जाएंगे। इस संबंध में गुरुवार काे उन्हाेंने चीफ सेक्रेटरी निरंजन आर्य से बात की। वे आरएएस से आईएएस के प्रमाेशन के लिए चल रहे इंटरव्यू के सिलिसले में दिल्ली गए हुए हैं। आते ही साइन हाे जाएंगे और काेचिंग संस्थान खाेलने के संबंध में आदेश जारी कर दिए जाएंगे। मैं बीमार हाे गया और हाॅस्पिटल में रहना पड़ा। हाॅस्पिटल से आते ही वापस इस कार्य में जुट गया। फाइल मूव हाे चुकी है और चीफ सेक्रेटरी के दिल्ली से आते ही साइन हाे जाएंगे। यदि बीमार नहीं हाेता ताे दाे दिन पहले ही काेचिंग संस्थान खुल गए हाेते। सभी काे लग गया कि अब काेचिंग खुलने वाली है। इसका आभास हाेते ही काेई चिट्ठी लिख रहे हैं ताे काेई काेटा बंद की चेतावनी दे रहे हैं।
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source
https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/news/94-said-kota-has-stopped-6-open-coaching-by-kovid-protocol-said-things-are-not-right-now-only-after-vaccine-should-be-decided-128074846.html