ऑल इंडिया आयुष काउंसलिंग के पहले राउंड में चॉइस लॉकिंग की महत्वपूर्ण प्राेसेस बुधवार सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे समाप्त होगी। सीट आवंटन का रिजल्ट 4 दिसंबर को घोषित कर दिया जाएगा अाैर 5 से 12 दिसंबर के बीच आवंटित संस्थान में रिपोर्टिंग एवं जॉइनिंग की प्राेसेस पूरी की जा सकेगी। कॅरियर काउंसलर देव शर्मा ने बताया कि राउंड-1 की समाप्ति के बाद राउंड-2 की प्राेसेस शुरू होगी जो 22 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच पूरी की जाएगी। काउंसलिंग के दोनों सामान्य राउंड समाप्त होने के बाद विशेष माॅपअप राउंड का आयोजन भी 13 से 30 जनवरी के बीच किया जाना निर्धारित है। वहीं आयुष एडमिशन सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी ने नेशनल इंस्टीट्यूट् ऑफ आयुर्वेद, जयपुर को सेंट्रल यूनिवर्सिटीज-नेशनल इंस्टीट्यूशंस की कैटेगरी में रखा है।



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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/news/choice-locking-today-from-10-am-to-5-pm-127970736.html

देश की एनआईटी, ट्रिपलआईटी और जीएफटीआई के कॉलेजों की 7445 खाली सीटों के लिए सीएसएबी काउंसलिंग के अंतिम राउंड के सीट आवंटन के बाद फाइनल एडमिशन के लिए ऑनलाइन रिपोर्टिंग का समय बुधवार रात 8 बजे तक के लिए बढ़ा दिया है। पहले इसका समय एक दिसंबर शाम 5 बजे तक था।
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि स्टूडेंट्स के पास यह एडमिशन का अंतिम अवसर है। इसके बाद एनआईटी-ट्रिपलआईटी में प्रवेश का कोई और मौका नहीं दिया जाएगा। अतः स्टूडेंट्स आवंटित कॉलेज की वेबसाइट पर एडमिशन लिंक पर जाकर सभी औपचारिकताएं दिए गए समय में अवश्य पूरी कर लें। ऐसे स्टूडेंट्स सेकंड राउंड में सीट छोड़कर रिपोर्ट नहीं करते हैं तो उसे कोई फीस का रिफंड नहीं दिया जाएगा।



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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/news/final-reporting-time-extended-to-8-pm-tonight-127970734.html

रेल प्रशासन ने 1 दिसंबर से जीरो बेस्ड समय सारिणी को लागू कर दिया है। कुछ ट्रेनों के समय में आंशिक परिवर्तन किया गया है। भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस और कोटा-हिसार ट्रेन के समय में भी परिवर्तन किया गया है।
जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस अब जोधपुर से सुबह 8.50 बजे रवाना होगी। उसी दिन शाम को 8.40 बजे सवाईमाधोपुर से, 9.27 बजे इंद्रगढ़ से, 9.40 बजे लाखेरी से प्रस्थान करके कोटा रात 11.25 बजे आकर 11.45 बजे प्रस्थान करेगी। ट्रेन दूसरे दिन सुबह 10 बजे भोपाल पहुंचेगी। वापसी में ये ट्रेन भोपाल से शाम 4.55 बजे रवाना होगी। देर रात 2.50 बजे कोटा से प्रस्थान करेगी। ये ट्रेन अगले दिन शाम को 6.50 बजे जोधपुर पहुंचेगी।

  • 29 मार्च तक बदला कोटा-हिसार ट्रेन का समय: कोटा हिसार 2 दिसंबर से 29 मार्च तक कोटा जंक्शन से प्रत्येक सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शनिवार को देर रात 12.10 बजे रवाना होगी। ये ट्रेन लाखेरी से मध्यरात्रि में 12.53 बजे, इंद्रगढ़ से 1.05 बजे, सवाईमाधोपुर से 2.20 बजे प्रस्थान करके हिसार प्रात: 11.50 बजे पहुंचेगी। वापसी में प्रत्येक सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शनिवार को शाम 5.35 बजे प्रस्थान करके अगले दिन सुबह 5.15 बजे कोटा आएगी।


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The time of Jodhpur-Bhopal Express and Kota-Hisar trains changed


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राजस्थान स्टेट मेडिकल-डेंटल काउंसलिंग के तहत रिजाइनिंग की प्राेसेस मंगलवार से शुरू हो गई है। एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि रिजाइन करने के लिए स्टूडेंट्स को आवंटित संस्थान को स्वयं की रजिस्टर्ड ईमेल-आईडी से एक रिजाइनिंग रिक्वेस्ट भेजनी होगी तथा इसकी एक कॉपी मेडिकल डेंटल काउंसलिंग बोर्ड के चेयरमैन को भी फॉरवर्ड करनी होगी। इस ई-मेल का प्रिंट लेकर फीस रसीद के साथ गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज, जयपुर को रिपोर्ट करना होगा। रिजाइनिंग-ईमेल के प्रिंट के साथ फीस रसीद की कॉपी गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज में दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच जमा की जा सकेगी।

इसके बाद स्टूडेंट्स को ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स लौटा दिए जाएंगे। यदि स्टूडेंट्स द्वारा फीस डीडी द्वारा डिपाजिट की गई है तो हाथों-हाथ डीडी भी वापस कर दिया जाएगा। यदि फीस ऑनलाइन डिपॉजिट की गई है तो उसी खाते में रिटर्न कर दी जाएगी। ऑल इंडिया राउंड-2 से प्राप्त सीट पर रिपोर्टिंग व जॉइनिंग की अंतिम तिथि 8 दिसंबर है। रिपोर्टिंग व जॉइनिंग के लिए ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स जरूरी हैं।



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Process of seat reserving starts in the first round


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पंचायत समिति के 21 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, आरएलपी व निर्दलीय सहित 60 प्रत्याशियों का भाग्य मंगलवार काे ईवीएम में बंद हाे गया। कुल 1 लाख 9 हजार 731 में से 58.46 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिला परिषद के वार्ड 34 के दो व वार्ड 36 के तीन सदस्याें के लिए भी साथ ही मतदान हुअा। मतदान के बाद ईवीएम जिला मुख्यालय के पाेलिटेक्निक काॅलेज में बनाए स्ट्रांग रूम में जमा करवा दी गईं, जहां 8 दिसंबर काे गिनती की जाएगी। उपखंड अधिकारी एवं चुनाव अधिकारी सीएल शर्मा ने बताया कि सभी जगह शांतिपूर्ण एवं कोविड गाइडलाइन की पालना के अनुसार मतदान हुआ। कलेक्टर शिवप्रकाश एम नकाते ने बोरेला, कांवलास, पालड़ी, ब्राह्मणों की सरेरी एवं मोड़ का निंबाहेड़ा स्थित मतदान केंद्रों का अवलोकन किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर नंदकिशोर राजोरा ने भी निरीक्षण किया।

मांडल : 19 सीटाें के लिए शांतिपूर्ण मतदान
मांडल पंचायत समिति क्षेत्र में 19 सदस्याें के लिए तीसरे चरण में मतदान शांतिपूर्ण रहा। सभी बूथ पर काेविड-19 गाइडलाइन के मुताबिक मतदाताओँ काे मास्क पहना हाेने पर सेनेटाइज करने के बाद ही मतदान करने दिया। मांडल के बाद क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी पंचायत बागाैर में 58.48 प्रतिशत लाेगाें ने वाेट डाले। वहीं, चांदरास में 67.75 प्रतिशत, बावलास में 63.90 प्रतिशत, जोरावरपुरा में 74.41 प्रतिशत और भावलास में 67.77 प्रतिशत मतदान हुआ। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेशकुमार सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियाें ने विभिन्न बूथ का निरीक्षण किया।

शिवरति पंचायत सचिव पर श्रमिकाें से अभद्रता का आराेप

शिवरति पंचायत के सचिव पर मननरेगा में काम करने वाली कुछ श्रमिक महिलाओं ने अभद्रता का आराेप लगाया। ज्ञापन के अनुसार शिवरति में नई स्कीम तालाब की नहरों की मरम्मत व सफाई कराई जा रही है। मस्टराेल में मंगलवार काे 44 श्रमिक उपस्थित थे। दोपहर में ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार आगाल निरीक्षण करने पहुंचे तब महिला श्रमिक बबूल के पेड़ काट रही थीं। आगाल ने महिलाओं को बबूल नहीं काटने व मिट्टी डालने का काम करने की बात पर अभद्र भाषा का उपयोग किया। मजदूरी में कटाैती करने की धमकी दी।

श्रमिक मेताबी भील, सोहनी बैरवा, गोपालसिंह राजपूत आदि ने इस बारे में शिकायत की। इधर, पंचायत सचिव राजकुमार आगाल ने बताया कि दोपहर में कार्य स्थल पर पहुंचा तब कुछ महिलाएं सो रही थीं। कुछ घर के लिए ईंधन इकट्ठा कर रही थीं। उन्हें काम करने के लिए कहा तो बेबुनियाद आरोप लगाए जाने लगे। उपखंड अधिकारी विकास पंचाेली व विकास अधिकारी डॉ. सुमन अजमेरा ने कहा कि मामले की जांच करवाएंगे।



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The fate of 60 candidates of Asind closed in EVM, voting in Karera and Mandal also ... Count 8


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/the-fate-of-60-candidates-of-asind-closed-in-evm-voting-in-karera-and-mandal-also-count-8-127970536.html

अब नगर निगम और यूआईटी में यूडी टैक्स ऑनलाइन जमा कराया जा सकेगा। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग ने साॅफ्टवेयर तैयार कर दिया है, जिसके माध्यम से यूडी टैक्स के दायरे में आ रहे नए लाेग आसानी से अपने टैक्स की गणना कर सकेंगे और ऑनलाइन इसे जमा भी करवाया जा सकेगा।

इस साॅफ्टवेयर का यूआईटी के दायरे में आ रहे सभी लाेगाें काे ताे लाभ मिलेगा, लेकिन नगर निगम के क्षेत्राधिकार में अा रही संपत्तियाें में केवल उन्हें ही लाभ मिल पाएगा जाे नए हैं। नगर निगम के पुराने बकाया यूडी टैक्स के बारे में काेई जानकारी नहीं मिल पाएगी। क्याेंकि अभी तक नगर निगम में डेटा का काम देख रही कंपनी बदल गई और नई कंपनी काे पुराने डेटा अाज तक ट्रांसफर नहीं हाे सके।


स्वायत्त शासन विभाग ने नगर निकायाें से जुड़े सभी कार्य ऑनलाइन करना शुरू कर दिया ताकि नगर निगम और यूआईटी में जाे फाइल चलने की लंबी प्रक्रिया है, उसे खत्म किया जा सके। शुरू में इनसे जुड़ी सर्विस काे अाॅनलाइन किया जा रहा है। जिसके तहत विभाग ने यूडी टैक्स के लिए ऑनलाइन साॅफ्टवेयर तैयार किया है।

डीएलबी के डायरेक्टर एवं विशिष्ट सचिव दीपक नंदी ने हाल ही में इसके लिए आदेश जारी किए हैं कि यूडी टैक्स के लिए ऑनलाइन साॅफ्टवेयर माॅड्यूल तैयार कर दिया गया है। इस साॅफ्टवेयर के माध्यम से यूडी टैक्स की गणना कर वसूल की जाए।

इस साॅफ्टवेयर के बाद यूडी टैक्स की काउंटिंग और बिल बनाने का काम काफी आसान हाे जाएगा। इससे साथ ही यूडी टैक्स देने वाले लाेगाें के लिए आसानी हाे जाएगी। वाे अपना टैक्स खुद ही कैलकुलेट कर ऑनलाइन ही जमा करवा सकेंगे। यूआईटी और नगर निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।
निगम के पास पुराने आंकड़े ही नहीं: यूडी टैक्स के मामले में फिलहाल नगर निगम के पास काेई भी आंकड़े अपडेट नहीं हैं। निगम के डेटा संबंधी काम जाे कंपनी कर रही थी, उसके खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद राज्य सरकार ने उसे हटा दिया। अब नई कंपनी काे कार्य दिया गया है। पुरानी कंपनी ने नई कंपनी काे काेई डेटा नहीं दिया।

कंपनी से निगम ने डेटा मांगा ताे कंपनी का कहना है कि वाे हमने जयपुर में जमा करवा दिया। फिलहाल यूडी टैक्स के पुराने बकायादाराें का हिसाब नगर निगम के पास नहीं है। निगम वापस डेटा जुटाने में लगा हुआ है। जब तक डेटा नहीं अा जाता तब तक इस साॅफ्टवेयर का निगम के पुराने बकायादाराें काे लाभ नहीं मिलेगा।



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Now UD tax can be deposited online


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हम जब भी बीमार हाेते हैं ताे हमारा सबसे पहला साथी हाेता है शरीर का इम्यून सिस्टम, जाे उस बीमारी से लड़ने में हमारी मदद करता है। यानी यह शरीर का वह रक्षक है, जाे बाहरी दुश्मनाें काे खत्म करने के लिए चाैबीस घंटे तैयार हाेता है। लेकिन काेविड के मामले में हमारा यह “साथी’ खुद कंफ्यूज हाे रहा है अाैर यही माैत की सबसे बड़ी वजह बन रही है।

इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ने के साथ-साथ अपने शरीर काे ही नुकसान पहुंचाने लगता है। इसी स्थिति काे साइटाेकाइन स्टाॅर्म कहते हैं, जाे इन दिनाें खूब चर्चा में है। कमाेबेश ज्यादातर काेविड राेगियाें में माैत की वजह भी यही सामने अा रहा है। जैसे ही काेई वायरस शरीर में प्रवेश करता है ताे शरीर में माैजूद साइटाेकाइन प्राेटीन उससे लड़ने लगता है।
लेकिन काेविड के कई मामलाें में साइटाेकाइन तूफान जैसी स्थिति पैदा हाे रही है, जिसमें साइटकाेइन वायरस के साथ-साथ अपने शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को भी मारने लगता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि साइटोकाइन एक प्रतिरोधक प्रोटीन है, जो हमारे शरीर से संक्रमण और कैंसर को भगाने में मदद करता है, लेकिन जब यह अनियंत्रित हो जाता है तब ये आपको बेहद गंभीर रूप से बीमार कर सकता है या फिर जान भी ले सकता है और काेविड के कई मामलाें में ऐसा ही हाे रहा है।

इसीलिए बहुत सारे मरीजों में यह देखा जा रहा है कि रात तक राेगी अच्छे भले बात कर रहे थे और कुछ घंटों बाद सांसें टूट गई। क्या है यह साइटोकाइन स्टॉर्म और क्यों जानलेवा साबित हो रही है यह स्थिति, इसे समझने के लिए भास्कर ने एक्सपर्ट्स की मदद ली। साथ ही यह भी जाना कि इस स्थिति की अर्ली स्टेज पर पहचान कैसे की जा सकती है।
बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी है साइटाेकाइन प्राेटीन, खून में इसकी अधिक मात्रा घातक हो सकती है

तय मात्रा खून में मौजूद साइटोकाइन हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम के लिए बेहद जरूरी व किसी भी बीमारी से लड़ने में कारगर होते हैं। लेकिन यदि खून में इनकी मात्रा अधिक हो जाए तो ये घातक साबित हो सकते हैं। इनकी तय मौजूदगी हमारे इम्‍यून सिस्टम को बेहतर काम करने में सहायक होती है। इनके बढ़ने से शरीर में इंफेक्शन हो सकता है और दूसरी बीमारियां शरीर को घेर सकती हैं। कई बार इसकी वजह से शरीर के कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं, जो जानलेवा साबित होता है।

कोविड रोगियों में इसके क्या मायने हैं?
कोरोना संक्रमण होने पर रोग के तीसरे से पांचवें दिन में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता द्वारा कुछ रासायनिक परिवर्तन होते हैं, इसी परिवर्तन के कारण शरीर में साइटोकाइन का स्तर बढ़ता है, जो वायरस को मारने के काम आता है। कई बार संवेदनशील लोगों में इनका स्तर जरूरत से ज्यादा हो जाता है और शरीर पर ही दुष्प्रभाव कर देता है। जिससे कोरोना बीमारी की जटिलता या मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है। लगभग सभी कोरोना रोगियाें में मृत्यु का कारण साइटोकाइन स्टाॅर्म होता है।
संक्रमण के 8वें दिन खतरा ज्यादा
साइटाेकाइन स्टाॅर्म होने की संभावना सबसे ज्यादा 8 से 12वें दिन होती है। कई बार यह बीमारी ठीक होने के 2 महीने बाद भी देखने को मिला है। ज्यादातर मामलाें में बीमारी ठीक होने के बाद भी 15 से 20 दिन बाद बुखार आता है। किसी में शरीर टूटने लगता है। श्वास में तकलीफ बढ़ जाती और अचानक अाॅक्सीजन की कमी हो जाती है। यह ज्यादातर 60 साल से ऊपर के रोगी में या जिन्हें मधुमेह, ब्लड प्रेशर, दिल या गुर्दे की बीमारी साथ में हो, उनमें देखने को मिला है।
ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहेंं
शुरुआती बीमारी में 3 से 5वें दिन में कुछ खून की जांचें कराई जाती हैं, जिससे इनका जल्द से जल्द पता लगाने के संभावना बढ़ जाती है, लेकिन कई बार यह भी देखा गया है कि सब जांच सही होने के बाद भी साइटाेकाइन स्टाॅर्म की तकलीफ हो सकती है। सबसे बेहतर है कि यदि काेविड संक्रमण हुअा है या रिकवर हाे चुके हैं ताे भी रोजाना पल्स अाॅक्सीमीटर से अपने अाॅक्सीजन के स्तर को 6 मिनट चलने के बाद नाप लें अगर यह 95 से नीचे जाने लगे तो डाॅक्टर को दिखाएं।

3 केस से समझिए, कितनी गंभीर हो सकती है ये स्थिति

शहर के एक चेस्ट फिजिशियन के पास एक रोगी काेविड से रिकवर हाेने के 2 माह बाद आया और पता चला उनका ऑक्सीजन स्तर फिर से कम हाे रहा है। ऐसा इसलिए हुआ, क्याेंकि वे साइटाेकाइन स्टाॅर्म के शिकार हाे गए। अब दाेबारा उन्हें एडमिट किया गया है और ऑक्सीजन पर हैं।
एक रोगी काेविड से ठीक होकर के 7 दिन बाद अचानक से ऑक्सीजन की कमी के साथ डाॅक्टर तक पहुंचा, उसकी जांचों में साइटाेकाइन स्टाॅर्म की संभावना थी, लेकिन जांचाें से पहले ही राेगी की माैत हाे गई। उसे दाेबारा बुखार भी आया था। ऐसा कई राेगियाें में हाे रहा है।
एक रोगी काे काेविड का इलाज कराकर डिस्चार्ज होने के 7वें दिन अचानक दस्त लगे, जांचों में सभी पैरामीटर साइटाेकाइन स्टाॅर्म की अाेर इशारा कर रहे थे, जब सीटी स्कैन कराया ताे पहले से निमाेनिया बढ़ा हुआ था। राेगी काे दाेबारा पूरा इलाज लेना पड़ रहा है।
रिसर्च : 54 साल से अधिक उम्र वाले मरीजों को खतरा ज्यादा

अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) के मुताबिक अमेरिका में जितने भी लोग कोरोना वायरस से मारे गए हैं, उनमें से सबसे ज्यादा बुजुर्ग हैं। 85 साल के ऊपर के लोग जो कोरोना वायरस से मारे गए हैं, उनमें 27 फीसदी तक लोगों की मौत का कारण साइटोकाइन स्टॉर्म सिंड्रोम था। यहां हुई रिसर्च में 65 से 84 साल तक की उम्र के मारे गए लोगों में 3 से 11 फीसदी साइटोकाइन स्टॉर्म सिंड्रोम देखने को मिला। जबकि, 55 से 64 साल के बीच के लोगों में 1 से 3 प्रतिशत ही इससे मारे गए। 20 से 54 साल की उम्र के लोगों में साइटोकाइन स्टॉर्म 1 फीसदी से कम आया। इसे लेकर एक स्टडी द लैंसेट जर्नल में भी पब्लिश हुई है, जिसमें भी कुछ ऐसे ही तथ्य सामने आए हैं।

अब एक मोहल्ले में 5 पॉजिटिव केस आने पर 100 मीटर के दायरे में होगी जीरो मोबिलिटी

राज्य सरकार द्वारा मंगलवार को नई कोरोना गाइड लाइन लागू की गई। इसी के तहत कोटा में भी एक गली-मोहल्ले में 5 पॉजिटिव केस आने पर जीरो मोबिलिटी घोषित की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर ने बताया कि मंगलवार से 5 से अधिक पॉजिटिव केस आने पर, उस गली-मोहल्ले में 100 मीटर के दायरे में जीरो मोबिलिटी घोषित की जाएगी।

जीरो मोबिलिटी क्षेत्र में दुकानें बंद रखी जाएंगी। ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। गली मोहल्ले में 5 पॉजिटिव से कम केस आने पर सम्बंधित मकान में रहने वालों को पाबंद किया जाएगा। डॉ. तंवर ने बताया कि जहां ज्यादा केस आते हैं, वहां जीरो मोबिलिटी लागू की जाती है। पूर्व में शहर में 7 कंटेनमेंट जोन बनाए थे। उन इलाकों में अब केस कम आ रहे हैं। इसलिए अब जरूरत नहीं है। वैसे भी दो दिन से कोरोना पॉजिटिव केस कम होते जा रहे हैं।

सुल्तानपुर क्षेत्र से आए 12 केस, एक ही परिवार से मिले 7 राेगी
काेटा में मंगलवार काे भी 169 नए काेराेना मरीज आए, जबकि पहले से भर्ती 5 मरीजाें की माैत हाे गई। नए अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, बजरंग नगर निवासी 65 साल के पुरुष, नयागांव निवासी 65 साल के पुरुष, नगर निगम के पीछे काेटा निवासी 72 साल की महिला, सकतपुरा निवासी 67 साल के पुरुष, नांता निवासी 54 साल के पुरुष की माैत हुई है।

वहीं, आज की रिपाेर्ट में महावीर नगर एक्सटेंशन निवासी एक बैंक मैनेजर, सीएडी में कार्यरत सहायक कर्मचारी, मेडिकल काॅलेज के दाे रेजीडेंट डाॅक्टर भी पाॅजिटिव मिले हैं। इसके अलावा अब ग्रामीण क्षेत्राें में भी मरीज बढ़ने लगे हैं। आज की रिपाेर्ट में सुल्तानपुर ब्लाॅक से 12 नए मरीज रिपाेर्ट हुए हैं, इनमें से 7 एक ही परिवार से हैं।

बीसीएमओ डाॅ. गिर्राज मीणा ने बताया कि दीगाेद कस्बे के एक परिवार में पूर्व में बेटी पाॅजिटिव आई थी, उसके बाद पूरे परिवार के सैंपल कराए गए थे। इनमें से सात लाेग संक्रमित मिले हैं। इनके अलावा सुरेला, नाेताड़ा और सुल्तानपुर कस्बे से एक-एक संक्रमित मिले हैं। एक आशा सुपरवाइजर भी पाॅजिटिव आई है, जिन्हें काेई लक्षण नहीं है। असल में उन्हें ट्रेनिंग के लिए जयपुर जाना था, ट्रेनिंग में काेविड निगेटिव रिपाेर्ट जरूरी थी, इसलिए सैंपल कराया और पाॅजिटिव मिल गई।



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The cytokine storm means that the immune system starts harming the body, this is the biggest cause of death from Karenna.


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/news/the-cytokine-storm-means-that-the-immune-system-starts-harming-the-body-this-is-the-biggest-cause-of-death-from-karenna-127970697.html

अहमद पटेल के निधन ने राजस्थान कांग्रेस में बेचैनी पैदा कर दी है। पटेल को कांग्रेस का संकटमोचक कहा जाता था। राजस्थान में अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच जोरआजमाइश से पैदा हुए बगावत के सियासी बवंडर को शांत करने की जिम्मेदारी पटेल के कंधो पर ही थी।

करीब 4 महीने से कांग्रेस का असंतुष्ट गुट कमेटी के समक्ष अपनी सुनवाई का इंतजार कर रहा था। लेकिन अब पटेल के निधन के बाद उनकी उम्मीद धराशाई हो गई है, क्योंकि अब इस बात की उम्मीद कम ही है कि यह कमेटी सियासी विवाद को किसी सम्मानजनक समाधान के अंजाम तक पहुंचाएगी।

ऐसे में डर यह भी है कि कांग्रेस के असंतुष्ट खेमें में नाराजगी का स्तर वापस से बढ़ने न लग जाए। सचिन पायलट की गहलोत सरकार से नाराजगी को दूर करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने पटेल की अगुवाई में तीन सदस्यीय कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई थी। इसमें अहमद पटेल के अलावा कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल व राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन शामिल किए गए थे। गहलोत सरकार से पायलट की नाराजगी से शुरू हुए सियासी संकट को थामने के लिए अगस्त में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस कमेटी का गठन किया था।

इसके गठन से यह संकेत दिए गए थे कि राजस्थान में सत्ता और संगठन के बड़े फैसले कमेटी के जरिए ही होंगे। खुद पायलट व उनके समर्थकों ने कई मौकों पर यह बयान दिए थे कि यह कमेटी उनकी सुनवाई जल्द करेगी। ऐसा माना जा रहा था कि कमेटी की सुनवाई पूरी होने के बाद पायलट व उनके समर्थकों की राजस्थान की सत्ता व संगठन में सम्मानजनक वापसी होगी।

लेकिन अब अहमद पटेल के निधन के बाद सारा मामला ठप पड़ गया है। दरअसल राजस्थान में सियासी बगावत के बाद जब पायलट अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जा बैठे थे, तब अहमद पटेल ही उन्हें मनाकर वापस लाए थे। यही नहीं पटेल के कहने पर ही पायलट की सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का ऐलान किया गया था।

सरकार बचाने वालों को भी दिया था मंत्री बनने का भरोसा
सचिन पायलट का साथ छोड़कर सरकार बचाने में मदद करने वाले कुछ विधायकों को भी अहमद पटेल ने अपने स्तर पर मंत्री बनने का भरोसा दिया था, लेकिन अब पटेल के जाने से ऐसे विधायकों की भी उम्मीद पर पानी फिर गया है। ऐसे विधायक अब किसके पास जाकर वादा पूरी करने के लिए अपनी बात कर पाएंगे।

कांग्रेस में विवाद से चार को हुआ राजनीतिक नुकसान
राजस्थान कांग्रेस में गहलोत-पायलट विवाद में कांग्रेस के चार नेताओं को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सचिन पायलट को डिप्टी सीएम, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा, जबकि विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को कैबिनेट मंत्री का पद गंवाना पड़ा है। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे को राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण राज्य से रवानगी हो गई। इसके बाद पांडे बिहार विधानसभा चुनाव में गए, जहां कांग्रेस की स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो गई।



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Arouse in Ahmed Congress due to the departure of Ahmed Patel, who will fulfill the promise?


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/arouse-in-ahmed-congress-due-to-the-departure-of-ahmed-patel-who-will-fulfill-the-promise-127970331.html

शहर के सांकड़ा सड़क मार्ग पर मंगलवार की दोपहर को मोटरसाइकिल और बोलेरो की टक्कर में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर को सांकड़ा रोड़ पर बोलेरो सवार बाड़मेर से पोकरण की तरफ आ रहे थे। वहीं मोटरसाइकिल सवार तेज गति से बाड़मेर की तरफ जा रहा था।

वहीं नखतसिंह की ढाणी के पास घुमावदार मोड़ के चलते बोलेरो और मोटरसाइकिल की आमने सामने टक्कर हो गई। जिसके कारण मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को बोलेरो सवार लोग निजी वाहन में पोकरण राजकीय अस्पताल लाए। वहीं मोटरसाइकिल सवार के पास किसी तरह का पहचान पत्र नहीं होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई। गंभीर रूप से घायल मोटरसाइकिल सवार का प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों ने जोधपुर रैफर किया।

बाइक फिसलने से चालक हुआ गंभीर घायल

पोकरण क्षेत्र के चांदनी जाने वाले सड़क मार्ग पर मोटरसाइकिल फिसलने से एक व्यक्ति घायल हो गया।जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर को प्रयागसिंह पुत्र अलसी दानसिंह निवासी चांदनी ओढाणियां से अपने गांव की तरफ जा रहा था। उसी दौरान सड़क मोटरसाइकिल फिसलने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को आपातकालीन सेवा 108 के ईएमटी रेंवताराम तथा पायलट मुकेश सैन ने पोकरण राजकीय अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों द्वारा घायल का उपचार किया जा रहा है।



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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/barmer/pokhran/news/bolero-and-bike-collision-caused-serious-injuries-to-driver-127970688.html

जैसलमेर की मंगलवार को आई कोरोना रिपोर्ट में 9 नए पॉजिटिव सामने आए। जिसके बाद जिले का आंकड़ा 1957 पहुंच गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कुणाल साहू ने बताया कि 159 कोरोना सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें 9 जनों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव व 150 जनों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। डॉ साहू ने बताया कि 9 पॉजिटिव केस में से 8 जैसलमेर क्षेत्र व 1 पोकरण क्षेत्र के है। मंगलवार को जैसलमेर जिले में 355 सैंपल कोरोना जांच के लिए गए।



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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/barmer/jaisalmer/news/kareena-positive-number-decreased-9-infected-in-the-district-positive-number-reached-in-jaisalmer-district-1957-127970683.html

रास थाना क्षेत्र के धनेरिया गांव में तीन दिन पहले अपनी पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले मेें पुलिस ने आराेपी पति अंकित काे गिरफ्तार कर लिया। घायल विवाहिता के पिता की ओर से दर्ज कराए मामले में सास-ससुर काे भी हमले का आराेपी बनाया गया है, जिनकी भूमिका की पुलिस जांच कर रही है। रास थाना अधिकारी सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि धनेरिया गांव निवासी रामदेव राव ने रिपाेर्ट पेश कर बताया कि उसकी पुत्री जयश्री का विवाह गांव में ही अंकित पुत्र पप्पू उर्फ रामप्रसाद के साथ हुआ है।

गत 26 नवंबर को आराेपी पति अंकित, ससुर पप्पू उर्फ रामप्रसाद व सास शकुंतला ने दहेज की मांग को लेकर पुत्री जयश्री पर चाकुओं से हमला कर दिया। घटना में जयश्री गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें रास अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद ब्यावर रेफर किया। युवती की हालत नाजुक होने पर उसे जोधपुर रेफर किया, जहां अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। घटना को लेकर पुलिस ने सोमवार को अंकित पुत्र पप्पू उर्फ रामप्रसाद को गिरफ्तार किया।



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source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pali/jaitaran/news/arrest-arrested-for-killing-his-wife-127966847.html

पंचायतीराज के तीसरे चरण के चुनाव के तहत मंगलवार काे पाली व राेहट पंचायत समिति में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के लिए चुनाव हाेंगे। पंचायत समिति सदस्य की 30 सीट व जिला परिषद की चार सीट के लिए हाे रहे मतदान में कई दिग्गजाें की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। इन दाेनाें पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य की उम्मीदवारी के साथ भाजपा में सांसद पीपी चाैधरी, पाली विधायक ज्ञानचंद पारख व सुमेरपुर विधायक जाेराराम कुमावत की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

कांग्रेस में पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ के साथ विधानसभा में पाली से प्रत्याशी रहे महावीरसिंह सुकरलाई व सुमेरपुर से रंजू रामावत का राजनीतिक कॅरिअर भी दांव पर लगा है। जिला परिषद का वार्ड नंबर 7 पाली पंचायत समिति में है। जहां से निवर्तमान जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी की पुत्री अाैर भाजपा नेता भंवर चाैधरी की पुत्रवधू नंदिनी चाैधरी की प्रतिष्ठा दांव पर है। ये दाेनाें नेता सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चाैधरी के निकटतम माने जाते हैं।

इस सीट पर कांग्रेस में एडवाेकेट हरीराम चाैधरी की पत्नी कमला देवी मैदान में हैं, जिन्हें पूर्व सांसद जाखड़ का समर्थक माना जाता है। जिला परिषद के ही वार्ड संख्या 6 की सीट पर भाजपा-कांग्रेस में पाली पंचायत समिति के दाे पूर्व उप प्रधान की किस्मत दांव पर है। भाजपा ने पूर्व उप प्रधान नरेंद्रसिंह व कांग्रेस ने पूर्व उप प्रधान गुलाबसिंह गिरवर की पत्नियाें काे चुनाव मैदान में उतारा है।

पूर्व प्रधान गुलाबसिंह गिरवर काे मारवाड़ जंक्शन विधायक खुशवीर सिंह व सुमेरपुर की नेता रंजू रामावत का करीबी माना जाता है। राेहट पंचायत समिति क्षेत्र के जिला परिषद वार्ड नंबर 4 में भाजपा से निवर्तमान प्रधान रश्मिसिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, जाे पूर्व प्रधान स्वर्गीय मानवेंद्रसिंह की पुत्रवधू व पूर्व सरपंच सिद्धार्थ सिंह की पत्नी है। वार्ड नंबर 5 से भाजपा के पूर्व उप प्रधान खंगाराम पटेल उम्मीदवार है।

इन दाेनाें काे विधायक ज्ञानचंद पारख की गुडबुक में माना जाता है। कांग्रेस में वार्ड 4 से पूर्व उप प्रधान मुन्नालाल परिहार व 5 से अमराराम पटेल की किस्मत दांव पर है, जिनकाे पूर्व सांसद जाखड़ का खास समर्थक समझा जाता है।

पाली में प्रधान पद ओबीसी महिला का: अंतिम दिन मतदाताओं के घर दी दस्तक

पाली पंचायत समिति में प्रधान का पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। 15 सीटाें वाली इस पंचायत समिति में वार्ड नंबर 1 में भाजपा की ओर से वरिष्ठ नेता पुखराज पटेल की पत्नी माेहिनी देवी उम्मीदवार हैं, जिनकाे प्रधान का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इस सीट काे सांसद पीपी चाैधरी की प्रतिष्ठा से जाेड़ा जा रहा है।

कांग्रेस में शिक्षक जसराम पटेल की पत्नी सुगणाे देवी काे उतारा है, जिनकाे पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ का समर्थक समझा जाता है। वार्ड नंबर 8 में सुमेरपुर विधायक जाेराराम कुमावत के समर्थक जाेगाराम कुमावत की पत्नी भी मैदान में हैं। वार्ड संख्या 15 में युवक कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता यशपालसिंह कुंपावत की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर है, जिनकाे उप प्रधान का प्रबल दावेदार माना जाता है।

राेहट: विधायक व कांग्रेस नेता सुकरलाई की प्रतिष्ठा का सवाल

राेहट पंचायत समिति में प्रधान का पद सामान्य वर्ग का है। 15 सीटाें वाली पंचायत समिति में भाजपा में पूर्व प्रधान रश्मिसिंह के पति पूर्व सरपंच सिद्धार्थसिंह राेहट की किस्मत दांव पर है। इस सीट काे विधायक ज्ञानचंद पारख की प्रतिष्ठा से जाेड़कर देखा जा रहा है। यहां कांग्रेस से कानाराम पटेल उम्मीदवार है, जिनकाे पूर्व सांसद जाखड़ व विधानसभा प्रत्याशी महावीरसिंह सुकरलाई का निकटतम माना जाता है।

राेहट में वार्ड संख्या 8 काे सबसे हाॅट सीट माना जा रहा है, जहां कांग्रेस नेता सुकरलाई की पत्नी एवं पूर्व प्रतिपक्ष नेता सुनीता कंवर कांग्रेस की उम्मीदवार हैं। यहां भाजपा ने पुष्पा पुरी गाेस्वामी पर दांव खेला है, जबकि बिठू के भाजपा नेता ने बगावत करते हुए अपनी पत्नी राजेश्वरीसिंह काे निर्दलीय मैदान में उतारा है।
राेहट पंचायत समिति में हार-जीत का फैसला विधायक पारख व कांग्रेस नेता सुकरलाई की राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है।

254 बूथ पर सुबह 7.30 से शाम 5 बजे तक हाेगा मतदान

तीसरे चरण में रोहट एवं पाली पंचायत समिति क्षेत्रों के 254 मतदान केंद्राें पर मंगलवार काे सुबह 7.30 से शाम 5 बजे तक मतदान हाेगा। साेमवार काे बांगड़ काॅलेज परिसर में मतदान दलाें काे प्रशिक्षण देकर रवाना किया गया, जाे अपने मतदान केंद्राें तक पहुंच गए। जिला निर्वाचन अधिकारी अंशदीप ने बताया कि मतदान दलाें के साथ सुरक्षा कर्मियाें काे बिना मास्क किसी काे केंद्र में प्रवेश नहीं देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। तृतीय चरण के लिए पंचायत समिति रोहट में में 137 मतदान केन्द्र बनाए गए है। जिन पर कुल 96 हजार 611 मतदाता मतदान कर सकेंगे।



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पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण में मतदान करवाने रवाना हुए दल।


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pali/news/election-in-pali-roht-today-at-stake-is-the-reputation-of-mps-former-mps-two-mlas-and-two-assembly-candidates-127966839.html

नवंबर के 30 दिन में 2042 काेराेना संक्रमित मरीज सामने आने व 28 लाेगाें की जान चले जाने के बाद आज से 31 दिसंबर तक पाली फिर से नाइट कर्फ्यू की जद में आ जाएगा। नाइट कर्फ्यू लगेगा ताे रात 8 बजे से लेकिन व्यापारियाें काे दुकानें 7 बजे ही बंद करनी हाेंगी ताकि वे एक घंटे के भीतर अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच जाएं। रात 8 से लेकर सुबह 6 बजे तक मेडिकल काे छाेड़कर शहर की हर दुकान बंद रहेगी। फैक्ट्रियाें में उत्पादन भी बंद रहेगा।

यदि काेई फैक्ट्री मालिक नाइट शिफ्ट चलाना चाहता है ताे, उसे विशेष कारण बताकर एसडीएम से इसके लिए अनुमति लेनी हाेगी। नाइट कर्फ्यू से मेडिकल दुकान, विवाह समाराेह काे दूर रखा गया है। यदि नाइट कर्फ्यू के दाैरान काेई व्यक्ति या परिवार बाहर जाता है ताे उसे कारण बताने पर छाेड़ दिया जाएगा।

वह सब कुछ, जो आप जानना चाहते है... कलेक्टर ने दिए जवाब

क्या नाइट कर्फ्यू पहले की भांति सख्ती से लागू हाेगा?
जवाब:
सख्ती ताे नहीं हाेगी लेकिन लाेगाें से आशा है वे खुद समझदार हाेंगे और बाहर नहीं निकलेंगे ताकि संक्रमण राेका जा सके।
शादियां बहुत हैं, शादी से आते समय काेई राेकेगा ताे क्या करना हाेगा?
जवाब:
मेहमानाें की संख्या सीमित रखी है। उद्देश्य खुशियाें में खलल डालना नहीं है। साथ शादी का कार्ड रखें और काेई राेके ताे दिखा दे।
लाेकल स्तर पर टैक्सियां चलेंगी क्या?
जवाब:
फिलहाल इसे बंद ही रखा गया है, लेकिन यदि काेई इमरजेंसी में काॅल पर टैक्सी बुलाता है ताे कारण बताने पर जाने देंगे। इसके लिए बाद में प्लान भी बनाएंगे।
मैं व्यापार के सिलसिले में जाेधपुर या अन्य जिले में जाता रहता हूं, रात में देर से आया ताे पुलिस राेकेगी ताे नहीं?
जवाब:
काेराेना काे देखते हुए ज्यादा टूर नहीं बनाएं, यदि जरूरी है ताे जाएं और वापस आते समय टाेल की पर्ची या बस का टिकट दिखा सकते हैं।

टैक्सटाइल फैक्ट्रियां दिन-रात चलती हैं, मजदूर भी रहते हैं, उनका क्या?
जवाब:
तेल, सीमेंट आदि ऐसी इकाइयाें में प्राेडक्शन चालू रहेगा, जहां लगातार प्राेडक्शन हाेता हाे। लेकिन शहर की फैक्ट्रियां बंद रहेगी। यदि रात में प्राेडक्शन करना हाे ताे उसे पहले के ऑर्डर या काेई विशेष कारण बताकर एसडीएम से अनुमति लेनी हाेगी।
माेहल्ले में 2-3 घराें में संक्रमित हैं, क्या पूरा माेहल्ला कंटेनमेंट जाेन बनेगा।
जवाब:
यह माइक्राे प्लान के अनुसार तय हाेता है। अभी पाली में ऐसी स्थिति नहीं है इसलिए संबंधित घर काे ही कंटेनमेंट बनाया जा रहा है। यदि किसी माेहल्ले में ज्यादा पाॅजिटिव मरीज हैं ताे पूरे माेहल्ले काे कंटेनमेंट जाेन बनाने के लिए अब राज्य सरकार से अनुमति भी लेनी हाेती है।
जिस घर में मरीज हैं, वे लापरवाही बरतकर बाहर आए ताे क्या करें?
जवाब:
जिस घर में काेराेना मरीज हैं वहां पाेस्टर चस्पां किए जा रहे हैं और सेक्टर ऑफिसर व बीट कांस्टेबल काे निगरानी की जिम्मेदारी दी जा रही है। आसपास के नागरिक भी जिम्मेदार बनें और यदि ऐसा हाेता है ताे मुझसे शिकायत करें।

इनकाे मिलेगी छूट: शहर में टैक्सियां रहेंगी बंद लेकिन इमरजेंसी पर काॅल कर बुला सकेंगे

मीडियाकर्मियाें व समाचार-पत्र वितरकाें काे छूट

परिचय पत्र दिखाकर कर्फ्यू व कंटेनमेंट जोन में आ-जा सकेंगे।

1. वे फैक्ट्रियां जहां पर नाइट शिफ्ट रहती है व निरंतर उत्पादन हाे रहा है।
2. आईटी कंपनियां
3. मेडिकल की दुकानें
4. अनिवार्य व आपातकालीन सेवाओं से संंबंधित कार्यालय
5. विवाह समाराेह
6. चिकित्सा सेवाओं से संबंधित कार्यस्थल।
7. बस व रेलवे स्टेशन के लिए यात्रियाें को।
8. भारी वाहन के लिए नियाेजितों काे छूट।

मास्क नहीं लगाकर काेराेना काे निमंत्रण दे रहे

काेराेना के चलते शादियाें में 100 सदस्याें की गाइडलाइन तय है, लेकिन कई जगह 500 तक मेहमान पहुंच रहे हैं। यही नहीं, शादियाें में पहुंच रहे लाेग न ताे साेशल डिस्टेंसिंग की पालना कर रहे हैं और न ही मास्क लगा रहे हैं। इसके चलते काेराेना संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है। शहर में रात्रिकालीन कर्फ्यू मंगलवार से शुरू हाे जाएगा। अगर सावधानी नहीं बरती ताे हालात और विकट हाे सकते हैं और हाे सकता है सरकार काे और भी सख्त कदम उठाने पड़े। इसलिए शादी का लुत्फ उठाएं, लेकिन सावधानी भी पूरी बरतें, ताकि आप काेराेना से सुरक्षित रह सकें।



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मास्क न लगाना गलत।


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pali/news/medical-shops-all-shops-closed-from-7-am-to-6-pm-127966824.html

2 राज्यों के 70 से ज्यादा जातीय पंचों से टकराईं दिवा

11 साल की उम्र में दिवा की शादी हुई। तब वह 7वीं में और उनका दूल्हा 5वीं में पढ़ता था। दिवा का परिवार दोनों को पढ़ाना चाहता था, लेकिन ससुराल पक्ष नहीं माना। इस पर दिवा के पिता ने उसे भेजने से मना कर दिया। दिवा बीई की पढ़ाई पूरी कर बिजली विभाग में जेईएन बनीं। लॉकडाउन के दौरान गुजरात और राजस्थान के 70 से ज्यादा जातीय पंच दिवा पर फैसला सुनाने के लिए इकट्ठा हुए। पंचों ने दिवा और उसके कुनबे के 27 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। कुनबे के 26 परिवार दिवा के पिता पर दबाव बनाने लगे। दबाव बढ़ा तो पिता ने दोबारा पंचायत बुलाई।

पंचायत शुरू होते ही पंचों ने शादी तोड़ने के लिए 10 लाख का जुर्माना भरने का फरमान सुना दिया। पिता ने इतनी बड़ी राशि देने से मना किया तो बेइज्जत करके पंचायत से भगा दिया गया। इसी पंचायत में दिवा के पिता पर दबाव बनाने वाले 20 घरों को फिर से समाज में शामिल कर लिया गया। दिवा का साथ दे रहे 7 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार जारी रहा। पानी सिर से गुजरने लगा तो दिवा ने गुजरात के 8 और राजस्थान के एक पंच के खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज करा दिया।

कविता 4 साल की थीं, तब अधेड़ से ब्याह किया

चार साल की उम्र में कविता का बाल विवाह 35 साल के युवक कर दिया गया। दिमागी रूप से कमजोर चाचा की शादी के लिए दादा-दादी ने कविता को इस नरक में धकेल दिया। पांचवीं कक्षा में पहली बार कविता को इस बात का पता चला। इसके बाद कविता और उसकी मां के प्रयासों से वह शादी टूटी। 12वीं कक्षा तक आते-आते 16 साल की उम्र में कविता की फिर शादी कर दी गई। ससुराल ऐसा मिला कि उसे न पर्याप्त खाना मिलता था न पहनने के लिए चप्पल।

पूरे दिन खेतों और गाय-भैंसों के काम में लगा दिया गया। पढ़ाई बीच में ही छुड़वा दी गई और मायके से पूरी तरह अलग कर दिया। न किसी से मिलने दिया जाता न फोन पर बात करवाई जाती। एक साल में ही कविता की हालत मानसिक रोगी जैसी हो गई। ससुराल में एक पड़ोसी ने कविता की यह हालत देखी तो उसके पिता को सूचित किया। पिता वहां पहुंचे तो उनसे अपनी बेटी की हालत देखी नहीं गई। वो कविता को अपने साथ ले आए। इसके बाद माता-पिता ने उसे ससुराल भेजने से मना कर दिया।



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दिवा कुमारी (बाएं) कविता चौधरी (दाएं)। (फोटो : अनिल शर्मा)


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/news/look-government-the-law-could-not-save-these-daughters-from-atrocities-the-panchayats-gathered-themselves-out-of-the-fight-drove-them-out-of-the-jamaat-127966809.html

राजस्थान में कोरोना ने सबसे बड़ा आघात दिया है। सोमवार को 20 मरीजों ने दम तोड़ा, जो एक दिन में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले 24, 26 और 28 नवंबर को 19-19 मरीजों की मौत हुई थी। यही नहीं, जयपुर में कोरोना कहर बनकर टूटा और 745 नए रोगी सामने आए, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

इससे पहले जयपुर में ही 24 नवंबर को सबसे ज्यादा 656 मरीज मिले थे। इसके अलावा जयपुर और जोधपुर में 5-5 मौतें हुईं। प्रदेश में 2677 नए संक्रमित मिले और कुल आंकड़ा 2,68,063 हो गया। वहीं, प्रदेश में अब तक 2312 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 2762 मरीज ठीक हो चुके हैं। कुल रिकवर 2,37,098 हो चुके हैं। रिकवरी प्रतिशत 88.44 हो गया है।

ये संकेत अच्छे नहीं! जयपुर अब बेंगलुरु से भी ज्यादा संक्रमित

देश के 10 सबसे संक्रमित जिलों में जयपुर 8वें स्थान पर आ गया है। यहां बेंगलुरु से भी ज्यादा पाॅजिटिव मिल रहे हैं। बेंगलुरु में 686 रोगी मिले, वहीं जयपुर में 745 संक्रमित आए। वहीं, प्रदेश में जोधपुर में 475, कोटा में 194, टोंक में 97, उदयपुर में 65, नागौर में 90 नए रोगी मिले।

दिल्ली 4906
मुं‌बई 940
कोझीकोड 851
कोलकाता 826
नाॅर्थ 24 814
पुणे 781
जयपुर 745
थाणे 725
मालापुरम 721
बेंगलुरु 686

माननीयो! सावधान

प्रदेश में अब तक तीनों केंद्रीय मंत्रियों समेत 8 सांसद और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा सहित 50 मंत्री और विधायक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, वन मंत्री सुखराम विश्नोई, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट व मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ का इलाज चल रहा है।

कोरोना से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है

प्रमाण हैं प्रदेश के ये चेहरे, जिन्हें कोरोना ने हमसे छीन लिया। इनके पास न तो संसाधनों की कमी थी, न इलाज के लिए बेहतर सुविधाओं की। दर्द है, पर सबक भी...कोरोना न तो रसूख देखता है न ओहदा। ये बस इंतजार करता है, आपकी एक लापरवाही का और फिर उसी से शिकार बना लेता है। इसलिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के जरिये अपना ख्याल रखें...



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20 deaths in Rajasthan, 745 new patients in Jaipur, Jaipur among the most new infected at number 8 in the country


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/20-deaths-in-rajasthan-745-new-patients-in-jaipur-jaipur-among-the-most-new-infected-at-number-8-in-the-country-127966209.html

प्रदेश में इस बार सर्दियों का सीजन लंबा चलने वाला है। रात में पारा सामान्य से डेढ़ डिग्री तक कम रहेगा। माैसम विभाग ने प्रदेश में शीतकालीन सीजन के लिए न्यूनतम पारे का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार दिसंबर से फरवरी तक प. राजस्थान के औसत न्यूनतम पारे में 1.17 डिग्री, पूर्वी राजस्थान में 0.57 डिग्री तक की गिरावट हाेगी।

न्यूनतम तापमान औसत से कम रहने के कारण मार्च तक ठिठुरन रहेगी। माैसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मध्य और पूर्वी भूमध्य प्रशांत महासागर में ला नीना के प्रभाव से समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम है। आगे भी यही स्थिति रहेगी। ऐसे में न्यूनतम पारे में गिरावट की संभावना है।
शहर रात का पारा
आबू 2.0
चूरू 5.5
सीकर 6.6
भीलवाड़ा 8.0
गंगानगर 9.1
चित्ताैड़ 9.5
उदयपुर 9.6
जयपुर 11.3

{मौसम विभाग के अनुसार बीते दिनों लगातार तापमान गिरने से अब भी ठिठुरन बाकी है। अगले 24 घंटे में माैसम साफ रहेगा, तापमान और बढ़ेगा।



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गमरेश्वर तालाब में आकर्षक मुद्राओं में पेंटेड स्टॉर्क पक्षी। फोटो: कमलेश शर्मा


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/night-temperatures-will-be-one-and-a-half-degrees-lower-than-normal-chill-will-remain-till-march-127966212.html

हैवानियत की हद पार कर आठ वर्षीय मासूम के साथ ज्यादती और उसकी हत्या कर शव कुएं में फैंकने का आरोपी बालिका का चचेरा भाई ही निकला। जिसने रिश्तों को तार-तार कर वारदात को अंजाम दिया। छोटीसादड़ी पुलिस ने वारदात के आरोपी घनश्याम (22) पुत्र रंगलाल मोग्या को गिरफ्तार कर लिया है।
हैरान करने वाली बात है कि भतीजी से हैवानियत की शिकायत करने वाले रंगलाल को रिपोर्ट दर्ज करते वक्त यह जरा भी आभास नहीं था कि उसका बेटा ही दरिंदा निकलेगा।

अभियुक्त के खिलाफ रिपोर्ट उसके पिता ने ही थाने में लिखवाई थी। हालांकि रिपोर्ट में अज्ञात के बारे में बताया जो बाद में उसका पुत्र ही निकला। रविवार को बालिका के अंतिम संस्कार के दौरान जहां पुरा गांव शामिल हुआ, वहीं घनश्याम इसमें नहीं आया तो परिजनों के शक की सूई उस पर गई। उन्होंने पुलिस को इस बारे में बताया। पुलिस ने धनश्याम को डिटेन कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात का राज उगल दिया।

आईजी के सामने फफक पड़ी मासूम की मां
घटना का खुलासा करने पहुंची उदयपुर रेंज की आईजी विनीता ठाकुर जब मेघपुरा गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंची तो मासूम की मां आईजी के सामने फफक-फफक कर रोने लगी। रोते हुए उसने आईजी को बताया कि उसकी बेटी को तो दरिंदे ने छीन लिया, लेकिन बेटी की आत्मा की शांति के लिए प्रशासन राक्षस रूपी दरिंदे को फांसी की सजा दे, ताकि कोई भी ऐसा घिनौना कृत्य करने की हिम्मत ना करे। इस दौरान कुछ महिलाएं भी यहां पहुंच गईं। उन्होंने आईजी को बताया कि मासूम बालिका तो आज इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन उसके हत्यारों को फांसी की सजा हो। इस पर आईजी ठाकुर ने महिलाओं एवं ग्रामीणों को आराेपी को कठोर सजा देने का आश्वासन दिया।

पैर चीर दिए थे, गला दबाया, गर्दन तोड़कर कुएं में फैंक दिया था

जांच के दौरान पुलिस को परिजनों से जानकारी मिली कि मृतका बालिका के परिवार का चचेरा भाई घनश्याम घटना के बाद से छिप रहा है। वह मृतका के अंतिम संस्कार में भी नहीं आया था। इस पर पुलिस टीम ने घनश्याम को घर से हिरासत में लिया और पूछताछ की। जिस पर वह टूट गया और जुर्म स्वीकार कर मृतका को घर से अपहरण कर लाने, उसके साथ ज्यादती कर गला दबाकर हत्या करने और बाद में शव कुएं में फैंकना स्वीकार किया।

आरोपी ने बताया कि वह शुक्रवार रात करीब 11 बजे बालिका को मुंह दबाकर अपने साथ उठा ले गया था। घर से करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में उसके साथ ज्यादती की और इसके बाद गला दबा कर मार डाला। रात करीब 12 बजे बालिका के शव को घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर सूखे कुएं में डाल दिया। इसके बाद चुपचाप घर पर जाकर सो गया। रात में परिजनों के साथ बालिका की तलाश की और नाॅर्मल बना रहा। लेकिन पुलिस के डर के चलते बाद में छिपने की कोशिश करने लगा।
पुलिस पूछताछ में चचेरे भाई ने बताया कि वह मासूम बहन को रात को अपहरण कर कुएं की तरफ ले गया। वहां उसके साथ ज्यादती की। मासूम खूब चीखी-चिल्लाई, लेकिन उसे रहम नहीं आया। दरिंदगी करने के बाद उसने उसका गला दबाकर हत्या कर दी, ताकि वह किसी को उसकी काली करतूत नहीं बता सके। उसके बाद वह मासूम बहन के शव को घसीटकर कुएं की तरफ ले गया। करीब 40 फीट गहरे सूखे कुएं में शव को फेंककर वहां से निकल गया।
मृतका 10 साल से कम आयु की होने से प्रकरण का अग्रिम अनुसंधान आरपीएस महिला यौन उत्पीड़न निवारक प्रकोष्ठ के कैलाश चंद्र बोरीवाल के जिम्मे किया गया था। आईजी विनीता ठाकुर और एसपी चूनाराम जाट ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्दश दिए थे।

पूरी पुलिस टीम होगी सम्मानित, पदोन्नति भी देंगे : आईजी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईजी विनीता ठाकुर ने बताया कि इस मामले का खुलासा करने के लिए एसपी चूनाराम जाट के नेतृत्व में पुलिस दिन रात जुटी रही। सभी ने इस मामले में दरिंदे को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई है। आईजी ने पूरी पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पदोन्नति भी दी जाएगी।

अंतिम संस्कार के बाद कांस्टेबल सुरेश जाट ने परिजनों से फिर बात की और उनसे बारीकी से पूरी डिटेल ली। सुरेश ने परिजनों से ये पूछा कि अंतिम संस्कार के दौरान परिवार का कोई सदस्य ऐसा तो नहीं था जो आया न हो या जिसका व्यवहार कुछ बदला हुआ लग रहा हो। इस पर परिजनों ने घनश्याम की बात बताई। सुरेश ने उसकी मॉनिटरिंग की तो परिजनों की बात सही लगी। इस पर सुरेश ने मुख्य संदिग्ध घनश्याम के बारे में उच्चाधिकारियों को पूरी बात बताई और मामला खुला।

मां के पास सो रही थी मासूम, उठा ले गया था बदमाश

पिता गांव से बाहर मारवाड़ की ओर बकरियां खरीदने गया हुआ था। घर पर उसकी पत्नी व बच्चे थे। उसके भाई की करीब 8 वर्षीय पुत्री को रात को अज्ञात व्यक्ति अपने साथ ले गया। इस पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज किया। जांच के दौरान थानाधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह और एसआई रामनिवास व पुलिस टीम ने बालिका की मां से पूछताछ की। बालिका की मां ने बताया कि रात को खाना खाकर बालिका उसके पास ही सोई थी। उसकी स्वयं की दोनों पुत्रियां चारपाई के पास नीचे जमीन पर साेई थीं। रात करीब 12 बजे बड़ी पुत्री ने बताया कि उसके साथ में सोई छोटी पुत्री वहां नहीं है। इस पर पुत्री की आस-पास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नही़ं चला।



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Cousin was innocent of innocence, father did not know if he had filed a case, only his son would come out alive


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/udaipur/pratapgarh/news/cousin-was-innocent-of-innocence-father-did-not-know-if-he-had-filed-a-case-only-his-son-would-come-out-alive-127964955.html

कोरोना संक्रमण की बुरी तरह चपेट में आए जोधपुर में अब प्रशासन कड़े कदमों की ओर बढ़ रहा है। कोरोना को काबू करने के लिए प्रशासन ने जन आंदोलन शुरू करने की तैयारी की है। जोधपुर शहर में जिन इलाकों में कोरोना की स्थिति गंभीर है, वहां पर पूरी तरह से लॉकडाउन लगाया जाएगा। इसके लिए शहर में नए सिरे से कंटेनमेंट जोन का निर्धारण किया जाएगा। पहले कंटेनमेंट जोन का दायरा कम हो गया था। अब शहर के 9 इंसीडेंट कमांडर, पुलिस और मेडिकल जोन की रिपोर्ट मंगवाई गई है।

इसमें कोरोना की पॉजिटिविटी रेट, डेथ रेट के आधार पर कंटेनमेंट जोन तय होंगे। इन कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह से लॉकडाउन लगाया जाएगा। ये रिपोर्ट आने वाले कुछ ही दिनों में कलेक्टर को सौंपी जाएगी, इस आधार पर नए एरिया का निर्धारण कर दिया जाएगा।

कलेक्टर इंद्रजीतसिंह ने बताया कि कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन तो लगेगा ही, जरुरत पड़ने पर इससे ज्यादा सख्त कदम उठाने की तैयारी की गई है। आने वाला एक माह पूरा सावधानी व सतर्कता बरतने वाला है। हमारी तैयारी भी उसी दिशा में है।

फिर हाेगी सघन संपर्क ट्रेसिंग व घर-घर निगरानी

  • कंटेनमेंट जोन में जरूरत के अनुसार सघन संपर्क ट्रैसिंग, घर-घर निगरानी का मैकेनिज्म शुरू होगा।
  • इस आधार पर पॉजिटिव के संपर्क में आने वालों की पहचान कर उनकी टेस्टिंग होगी। साथ ही अनिवार्य रूप से उनकी मॉनिटरिंग भी होगी।
  • पॉजिटिव के संपर्क में आने वाले को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया जाएगा।
  • संपर्क में आने वाले 80 फीसदी लोगों की पहचान 72 घंटे में की जाएगी।
  • आईटी विभाग कोविड क्वारेंटाइन ट्रैकिंग अलर्ट सिस्टम और मरीज को कॉल करने के लिए 181 सेवा के उपयोग के आदेश जारी किए गए हैं।
  • कंटेनमेंट जोन में कोई समारोह भी नहीं होंगे।
  • कंटेनमेंट जोन में जरूरी सेवाओं के अलावा किसी भी तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं रहेगी।
  • यहां तक शादी या कोई अन्य समारोह आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
  • जोधपुर शहर व जिले में रात 8 से सुबह 6 बजे तक रात्रि कालीन कर्फ्यू जारी रहेगा।
  • बाजार-दुकानें शाम 7 बजे बंद करवाना जारी रहेगा। आगामी आदेश तक जोधपुर में यह आदेश लागू रहेगा।
  • लॉकडाउन एरिया में जरूरी सेवा सहित कार्यस्थल पर आने जाने वालों को आई कार्ड दिखाना होगा।


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सड़कों पर दिखाई देगा इस तरह का सन्नाटा। फाइल फाेटो


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/news/based-on-the-infection-rate-and-mortality-the-containment-zone-will-be-set-up-in-jodhpur-then-lockdown-will-be-imposed-127966605.html

प्रदेश के 21 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के तीसरे चरण के लिए सोमवार को वोटिंग होगी। इसमें 7964 मतदान केंद्रों पर 57.90 लाख मतदाता वोट डालेंगे। अजमेर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़, चूरू, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझूनूं, नागौर, पाली, उदयपुर समेत 21 जिलों की 52 पंचायत समितियों के 1016 सदस्यों व जिला परिषद सदस्यों के लिए चुनाव हो रहे हैं।



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Voting for the third phase today, voting for 1016 members of 52 panchayat samitis of 21 districts


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/voting-for-the-third-phase-today-voting-for-1016-members-of-52-panchayat-samitis-of-21-districts-127966211.html

कोरोनाकाल में कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों को लेकर मरीज खुद ही संक्रमण के डर की वजह से अस्पतालों में नहीं पहुंच रहे। प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में दिल, किडनी, लीवर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों में कोरोना वायरस का खौफ अभी भी दिल-दिमाग में बैठा है। इससे ऑपरेशन कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

एसएमएस में सर्जरी का ग्राफ घटकर आधा ही रह गया। फरवरी माह में 13902 से घटकर अब 7000 ही रह गया है। यानि 50 फीसदी घट गया है। सिर्फ इमरजेन्सी ऑपरेशन ही किए जा रहे हैं। एसएमएस अस्पताल के जनरल सर्जरी, कार्डियो थोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, प्लास्टिक सर्जरी, ऑफ्थेल्मिक, यूरोलोजी, ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने फोन कर ऑपरेशन के लिए बुलाया तो कोरोना संक्रमण का बहाना बनाकर मना कर दिया। इधर, आउटडोर व इनडोर भी पटरी पर नहीं लौटी है। ऐसे ही हालात प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल, जिला, सेटेलाइट और उपजिला अस्पतालों के हैं।

पहले मरीजों की कोरोना जांच, निगेटिव आने पर ही ऑपरेशन
अस्पताल में आने वाले मरीजों की पहले कोविड जांच की जा रही है। निगेटिव आने के बाद ही ऑपरेशन किया जा रहा है। इसके बाद में भी आईसीयू और वार्ड में भर्ती होने के बाद भी पूरी तरह से मॉनिटरिंग की जा रही है।

ईएसआई मॉडल अस्पताल में भी तीन माह से ठप है ऑपरेशन
सोडाला स्थित ईएसआई मॉडल अस्पताल को कोविड सेन्टर बनाने के बाद तीन माह से ऑपरेशन ठप है। जिससे मरीजों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर हर माह करीबन 250 से 300 ऑपरेशन होते है। ऐसे में वेटिंग बढ़ना तय है।

ऐसे घट रहा है ग्राफ, कब कितनी सर्जरी
माह इनडोर ऑपरेशन
फरवरी 18148 13902
मार्च 12643 8099
अप्रैल 4305 1802
मई 4994 2603
जून 7610 5507
जुलाई 10609 7698
अगस्त 11347 7700
सितंबर 11453 7879
अक्टूबर 12236 8489
नवंबर 11048 7000
^मरीजों में कोरोना का खौफ अभी भी बरकरार है। हम तो सर्जरी करने के लिए तैयार है, फोन कर पूछ तो लेते है। लेकिन आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। पहले तो लॉकडाउन, फिर नगर निगम चुनाव, फिर त्यौंहार और अब घर-परिवार मे शादियों के कारण मरीज आना नहीं चाहते।
-डॉ.आर.के.जैनव, कार्यवाहक अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल



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आउटडोर और इनडोर भी पटरी पर नहीं लौटा


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/sms-reduced-operations-by-up-to-50-only-emergency-operations-are-going-on-waiting-to-increase-127966314.html

एचआईवी के साथ जी रहे मरीजों के लिए इस साल के अंत तक तीन और जिलों में एआरटी सेन्टर खुलने से दवा और जांच सुविधा और आसान होगी। नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (नाको) नई दिल्ली ने टोंक, उदयपुर के सागवाड़ा और करौली जिले में एआरटी सेन्टर की अनुमति मिल चुकी है। यहां पर सेन्टर खुलने के बाद प्रदेश भर में 28 एआरटी सेन्टर हो जाएंगे।

यह जानकारी निदेशक (एडस) डॉ.आर.पी.डोरिया ने विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर दी। उन्होंने बताया कि विश्व एड्स दिवस हर साल एक दिसंबर को मनाया जाता है। एचएसएस -2019 की रिपोर्ट के अनुसार गर्भवती महिलाओं में एचआईवी प्रसार गर राष्ट्रीय स्तर पर 0.24 फीसदी है। वहींं यह राजस्थान में 0.14 फीसदी दर्ज है।
वायरल लोड टेस्ट की सुविधा उपलब्ध
एसएमएस अस्पताल के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर व एआरटी सेन्टर के नोडल अधिकारी डॉ.अभिषेक अग्रवाल के अनुसार संक्रमण के स्तर और वायरल लोड का पता करने के लिए जयपुर, जोधपुर और उदयपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलोजी विभाग में वायरल लोड टेस्ट की सुविधा पहले से उपलब्ध है।

इस साल की थीम ‘ग्लोबल सॉलिडेरिटी शेयर्ड रिस्पांसबिलिटी ’ रखा है। एचआईवी के खिलाफ दुनिया भर के लोगों के एकजुट होने, एचआईवी के साथ जी रहे लोंगो के लिए समर्थन दिखाने और उन लोगों को याद करने का अवसर है, जो इस संक्रमण के कारण हमारे बीच में नहीं है।



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HIV prevalence rate among pregnant women is less than the national level


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/hiv-prevalence-rate-among-pregnant-women-is-less-than-the-national-level-127966317.html

(नवीन शर्मा). वैश्विक महामारी कोरोना ने सैकड़ों जान ले ली। लाखों को बीमार कर दिया। आठ माह से स्कूल और कॉलेज बंद हैं। बच्चों का साल खराब ना हो, इसलिए शिक्षा विभाग ने पढ़ाई तो घर बैठे ऑन लाइन शुरू करा दी। लेकिन खेलकूद में मैडल लाने की बालकों की लालसा मन में ही रह गई। खेलकूद कैलेंडर तक जारी नहीं हो पाया है। यदि स्कूल-कॉलेज खुले तो बच्चे अगले साल ही प्रफोर्म कर सकेंगे। इस दौरान शिक्षा विभाग को भी शारीरिक शिक्षकों और कोच के रिक्त पदों को भरने का मौका मिल जाएगा।

शिक्षा विभाग में हर साल सितंबर से जनवरी तक खेलकूद प्रतियोगिताएं होती हैं। 14, 17 और 19 आयु वर्ग महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए कुल 18 तरह के खेल स्कूलों में लागू हैं। सितंबर से खेलकूद शुरू हो जाते हैं। जिला स्तरीय प्रतियोेगिताओं में प्रतिभा दिखाने वाले बालकों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए होता है। यह प्रतियोगिताएं प्रथम और द्वितीय समूह में होती है। तीनों आयु वर्ग को मिलाकर हर साल विभिन्न खेलों में औसत 15 हजार स्टूडेंट्स राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं।

इनमें सर्वेश्रेष्ठ रहने वाले खिलाड़ियों का चयन नेशनल के लिए होता है, जिसकी तिथि स्कूल गेम्स फैडरेशन ऑफ इंडिया(एसजीएफआई)तय करता है। लेकिन कोरोना के कारण तीनों ही स्तर पर टूर्नामेंट इस बार नहीं हो पाए हैं। फरवरी-मार्च में हॉकी आदि खेल के नेशनल भी नहीं हो सके। हालात यह है कि पीटीआई बनने के लिए सीपीएड, डीपीएड और कोच के लिए एनआईएस की पढ़ाई भी ऑन लाइन कराई जा रही है। इनके प्रेक्टिकल के बारे मे संबंधित इंस्टीट्यूट्स भी फिलहाल कुछ भी कहने की स्थिति मंे नहीं हैं।

शिक्षा विभाग मिलेंगे एक साथ 23 एनआईएस कोच
स्कूलों को खेलों का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने इस बार 23 थर्ड व सैकंड ग्रेड शारीरिक शिक्षकों को एनआईएस करने भेजा है। ये सरकार के खर्चे पर डिप्लोमा करेंगे। एक साल का डिप्लोमा करने के बाद उन्हें वापस उसी स्कूल में मूल पद पर पोस्टिंग दी जाएगी।

ये दिगर बात है कि इन शारीिरक शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ लेने के लिए लंबा इंतजार करना होगा। क्योंकि थर्ड ग्रेड पीटीआई को कोच बनने के लिए पहले सैकंड ग्रेड में प्रमोशन लेना होगा। उसके बाद डीपीसी में पद रिक्त होने पर ही कोच बन सकेंगे। यही हाल सैकंड ग्रेड पीटीआई का है। कोच के पद इक्का-दुक्का ही खाली होते हैं, जिससे सभी पात्र पीटीआई का चयन नहीं हो पाता। एनआईएस करने के बाद भी उन्हें पीटीआई के पद से ही रिटायर होना पड़ता है।

सादुल स्पोर्ट्स स्कूल में 5 ही फर्स्ट ग्रेड अनुदेशक
राज्य का एक मात्र सादुल स्पोर्ट्स स्कूल बीकानेर में है। यहां 12 तरह के खेल हैं, लेकिन एनआईएस डिप्लोमाधारी फर्स्ट ग्रेड अनुदेशक पांच खेलों पर ही है। जिम्नास्टिक में सैकंड ग्रेड और फुटबॉल में थर्डग्रेड एनआईएस डिप्लोमाधारी को लगा रखा है। इसके अलावा पांच खेल थर्ड ग्रेड पीटीआई के भरोसे चल रहे हैं।

इन्हें कोच के पद विरुद्ध लगाया हुआ है। 23 पीटीआई के एनआईएस करने के बाद स्पोर्ट्स स्कूल को भी कोच मिल जाएंगे। विदित रहे शिक्षा विभाग में थर्ड व सैकंड ग्रेड के 60 से अधिक पीटीआई एनआईएस डिप्लोमाधारी हैं, जो विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं।
उधर, रिक्त पदों की मार से जूझ रहा विभाग
राज्य के सरकारी स्कूलों में फर्स्ट ग्रेड पीटीआई के 227 पद खाली हैं। 13 साल से डीपीसी ही नहीं हुई। नियमों की अड़चन के कारण सैकंड ग्रेड शिक्षकों को फर्स्ट ग्रेड में प्रमोशन नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा विभाग में फर्स्ट ग्रेड अनुदेशक का पद राजस्थान शिक्षा अधीनस्थ सेवा का है। राजस्थान शिक्षा सेवा में शामिल नहीं होने के कारण आरपीएससी से पदोन्नतियां नहीं हो पा रहीं।

फर्स्ट ग्रेड अनुदेशक के पद 50:50 में सीधी भर्ती और डीपीसी से भरे जाते हैं। नियमों में संशोधन के लिए सात साल से इसकी पत्रावली सचिवालय और आरपीएससी के बीच फुटबाल बनी हुई है। अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी प्रकार कोच के भी 23 पद नहीं भरे जा सके हैं। सैकंड व थर्ड ग्रेड पीटीआई के तीन हजार से अधिक पद रिक्त पड़े हैं।

^कोरोना के कारण ऑन लाइन पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खेलकूद का स्तर सुधारने के लिए इस बार हमने 23 पीटीआई एनआईएस करने भेजे हैं। उनका लाभ अगले साल मिलेगा। जहां तक डीपीसी की बात है तो फर्स्ट ग्रेड अनुदेशक पदों की डीपीसी के लिए नियमों में संशोधन होना है। उसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
सौरभ स्वामी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक
^एनआईएस करने के लिए इस बार शिक्षा विभाग, राजस्थान से काफी अभ्यर्थियों के प्रवेश हुए हैं। कोरोना के कारण फिलहाल ऑन लाइन पढ़ाई कराई जा रही है। प्रेक्टिकल क्लास भी जरूरी है। सरकार की गाइडलाइन के तहत उसकी व्यवस्था की जाएगी।
कर्नल राज सिंह बिश्नोई, सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, पटियाला
^शिक्षा विभाग में पीटीआई और कोच के रिक्त पद जल्द से जल्द भरे जाने चाहिए। फर्स्ट ग्रेड अनुदेशक पद पर डीपीसी के लिए नियमों में संशोधन नहीं होना चिंता का विषय है। अनुदेशक सात साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। स्कूलों में खेलकूद से बच्चों को शारीरिक व मानसिक विकास तो होता है। ट्रेनिंग अच्छी मिलेगी तो बच्चे भी मेडल लाएंगे।
गोपाल सिंह, राजस्थान खेल प्रशिक्षक संघ, शिक्षा विभाग



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In order to improve the level of sports, the education department sent 23 PTIs to NIS this year, studying online, after one year will be able to give performance


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bikaner/news/in-order-to-improve-the-level-of-sports-the-education-department-sent-23-ptis-to-nis-this-year-studying-online-after-one-year-will-be-able-to-give-performance-127965243.html

कौलारी थाना क्षेत्र के कनासिल गांव में एक नाबालिग छात्रा ने खुद की शादी रुकवाकर समाज के समक्ष मिसाल पेश की है। दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के परिजन शादी करवा रहे थे लेकिन बेटी अभी पढ़ना चाहती है जिसको लेकर उसने खुद आगे आकर अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर शादी की सूचना कौलारी थाना पुलिस को दी।

इस दौरान बाल विवाह होने की सूचना पर तत्काल कौलारी थाना प्रभारी भंवर सिंह तथा एएसआई विजेंद्र शर्मा ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह नहीं कराने के लिए माता पिता को पाबंद किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कनासिल गांव में 15 वर्षीय बालिका की 11 दिसंबर को शादी होनी थी जिसके लिए तरसूमा गढ़ी बाजना भरतपुर से बारात आना तय था।

बाल विवाह की सूचना पर बालिका के घर पहुंचने के बाद पुलिस ने बालिका की उम्र से संबंधित कागजातों की जांच की गई। जिसमें बालिका 15 वर्ष की होना पाया गया जिसको लेकर कौलारी थाना पुलिस की ओर से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2007 के तहत कार्यवाही करते हुए माता-पिता को नाबालिग बेटी की शादी नहीं करवाने के लिए पाबंद किया गया है।



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The minor reached the police station and stopped the wedding, said - I want to study now


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/basai-navab/news/the-minor-reached-the-police-station-and-stopped-the-wedding-said-i-want-to-study-now-127965891.html

तीथर्राज मचकुंड में बने जंगलाें में रहस्य बिखरा हुआ है। पहली बार दैनिक भास्कर ने वहां पहुंचकर इसकी पृष्टि की है कि वहां चट्टानें से बनी गुफाएं व कंदराओं में बनी दीवाराें में दुर्लभ शिलालेख हैं, जाे अब तक रहस्यमयी ही बने हुए हैं। इन दुर्लभ शिलालेख का मिलना ये भी रहस्य है कि बहुत ही कम लाेगाें काे इस दुर्लभ शिलालेखाें के बारे में पता हाेगा।

इन चट्टानें पर साधु संताें के पैराें के निशान भी हैं। जिनसे लगता है कि यहां साधु संताें की तपस्वी स्थली रही है। बता दें कि यहां भगवान श्रीकृष्ण ने भी इन्हीं चट्टानें व कंदराओं पर बैठकर मचकुंड महाराज द्वारा यज्ञ का अवलाेकन भी किया था, जिनके एक चट्टान पर भगवान श्रीकृष्ण के पद चिन्ह भी मिले हैं। जिन्हें लाेग देखकर पूजते हैं और उस पहाडी पर दशर्न के लिए पहुंचते हैं।

अब ऐसे में मचकुंड परिक्रमा के पीछे बने आश्रम के पीछे बनी गुफा और कंदराओं में ये दुर्लभ शिलालेखाें का उल्लेख मिला है, जिसकी आज तक किसी ने भी इसके रहस्याेघाटन से पर्दा नहीं हटाया है, जाे कि अब तक रहस्यमयी ही बना हुआ है। भास्कर ने जाकर देखा ताे संस्कृत या अन्य भाषा में गुफाएं और कंदराओं में जगह जगह दुर्लभ शिलालेखा अंकित हैं, जिनके बारे में अब तक स्पष्ट नहीं हाे सका है कि ये किसी काल व सदीं के हैं।

यहां संतों ने किया तप
इतिहास से जुडे जानकार बताते हैं कि यहां चट्टानें में शिलालेख अंकित हैं, वहां अनेकाें कंदराएं हैं जहां सैंकडाें साधु संत बैठकर आराधना करते थे, लेकिन वहां आज गुफाएं में नील गाय, भालू अन्य जंगली जानवराें की स्थली है। इतिहास के जानकार व शिक्षा विद गाेविंद शमार् गुरु कहते हैं कि मचकुंड का ये स्थल जहां दुर्लभ शिलालेख अंकित हैं, वहां जंगल एरिया है। देखने में ये संस्कृत भाषा में लगते हैं लेकिन पढने में स्पष्ट नहीं आते हैं। इन गुफाएं में साधु संत तपस्या करते थे। इन गुफाएं के पास ही बडा सा जलाशय है। इसके अंदर सफेद रंग का नेवला और चकवी चकवी का जाेडा इस तालाब में देखे जाते हैं।

जंगल का एरिया होने से लोगों की नजर से ओझल रहा, अब रहस्य से उठे पर्दा
जहां शिलालेख अंकित मिले हैं, वहां करीब 35 सालाें से सबलगढ के संत अवध किशाेर तपस्या करते हैं। वे कहते हैं कि ये पुरातत्व विभाग अन्वेषण का मुख्य स्थल है। अब तक किसी काे ये नहीं पता है कि ये क्या रहस्य है। संत अवध किशाेर शंकराचार्य परंपरा से दीक्षा लिए हुए हैं। उस स्थल पर स्वामी महाराज ने एक सौ एक तुलसी के पाैधे, सात कल्पवृक्ष और बिल्वपक्ष के वृक्ष के नीचे अपना आसन बनाया हुआ है।

आध्यात्मिकता के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। इस स्थल काे देखने से प्रतीत हाेता है कि यहां प्राचीन समय में अनेकाेें साधु संताें ने तपस्या की है। ये अब तक छिपी हुई जगह थी, क्याेंकि जंगल एरिया था, यहां रहस्यमीय गुफाएं व कंदराएं हैं। रिसायत काल का एनिकट भी बना हुआ है। गाेशाला भी है। संत का कहना था कि अगर पुरातत्व विभाग ध्यान दे ताे इस स्थल के रहस्य का पता चल पाए। क्याेंकि शिलालेखाें काे अब तक पढ़ा नहीं जा सका है।

एक्सपर्ट व्यू...पुरातत्व विभाग कराए शोध
मचकुंड वेद विज्ञान स्कूल के अध्यक्ष शिवानंद आश्रम के स्वामी शिवानंद महाराज कहते हैं कि इन दुर्लभ शिलालेखाें के रहस्य से पर्दा उठाने से विभाग रूचि नहीं ले रहा है। आध्यात्मिकी अवधारणा में सतत विकास के चिन्ह परीलक्षित हाेते रहे हैं। जाे प्राचीन शिलालेखाें में उत्कीर्ण हैं। जिसका एक उदाहरण मचकुंड में मिले गुफाएं और कंदराओं पर अंकित शिलालेख हैं।

पुरातत्व विभाग इसका अन्वेषण कराकर रहस्याेघाटन करे। देवनागिरी लिपि में शिलालेख हैं। स्वामी तुलसीदास जी ने जाे रामायण की रचना की थी जिसकी पांडुलिपि करबी जिला के राजापुर क्षेत्र में हैं। तुलसी दास जी के मंदिर है। उसके अक्षर हैं, वाे यहां के अक्षर से मेल खाते हैं। तुलसीदास की हस्तलिखित रामचरित मानस की पांडुलिपि से अक्षर मेल खाते हैं।

सरानीखेड़ा में महाभारत कालीन शिलालेख मिले
बता दें कि शहर से सटे सरानीखेडा में पापडी वाली माता मंदिर भी शिलालेख अंकित मिले हैं, जिनकाे अब तक पुरातत्व विभाग ने मुद्रा शास्त्री से नहीं पढवाया, जिससे वे अब तक रहस्य ही बने हुए हैं। ये महाभारत कालीन शिलालेख हैं और प्राचीन मूतिर्या हैं।

उच्चाधिकारियाें के साथ दौरा कर कार्रवाई की जाएगी : अवस्थी
^मुद्रा शास्त्री का पद ताे विभाग के पास है। किंतु शिलालेख पठन के संबंध में किसी सीनियर उच्चाधिकारी के भरतपुर दाैरे के समय चट्टानाें पर दुर्लभ शिलालेखाें के बारे में अवगत कराया जाएगा। आपने ही इन शिलालेखाें के बारे में बताया है कि मचकुंड में ऐसे काेई शिलालेख भी अंकित मिले हैं। अब ये काेशिश रहेगी कि विभाग का सीनियर अधिकारी के साथ धाैलपुर आकर माैका मुआयना कर देखने के बाद इस ओर कारर्वाइर् की जाएगी।
-हेमंत अवस्थी, वृत अधीक्षक, पुरातत्व विभाग, भरतपुर संभाग



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धौलपुर. मचकुंड के पीछे जंगल में गुफा की दीवाराें पर मिले दुलर्भ शिलालेख।


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/dholpur/news/a-rare-cave-inscription-found-in-the-mystery-cave-and-kandaras-is-scattered-in-the-taposthali-of-machkund-maharaj-127965846.html

कोरोनाकाल में कम यात्रीभार से जूझ रहे रोडवेज के भरतपुर व लोहागढ़ आगार में इन दिनों सावों ने कमाई बढ़ा दी है। देवउठनी सावे के बाद से ही यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से इन दिनों आगार का यात्रीभार बढ़ गया है। इन दिनों रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की अधिकता देखने को मिल रही है। बसें बारातों के लिए बुक होने से आगार को अच्छी आय होने की उम्मीद है।

देवउठनी के दिन रोडवेज की 23 बसें शादियों में बुक हुईं। लोहागढ़ आगार के मुख्य प्रबंधक महेश गुप्ता ने बताया कि डिपो में 59 गाड़ियां हैं। सावे शुरू होने से रोडवेज की आय में काफी वृद्धि हुई है। पहले सामान्य दिनों में यात्रीभार 80 फीसदी रहता था जो अब बढ़कर 100-110 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

अक्टूबर में कमाई करीब 7 लाख रुपए हो रही थी जो अब बढ़कर 9 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इधर, भरतपुर आगार के मुख्य प्रबंधक मनोज कुमार बंसल ने बताया कि 16 नवंबर से यात्रीभार में वृद्धि हुई है। पहले सामान्य दिनों में यात्रीभार 88-90 प्रतिशत था जो अब 100 प्रतिशत से अधिक चल रहा है। पहले आय 7 लाख रुपए होती थी अब वह 9 से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है।

कोरोनाकाल में 50 से 60 हजार रह गई थी प्रतिदिन की आय

कोरोना संक्रमण के कारण 22 मार्च को लॉकडाउन के दौरान करीब दो माह तक बसों का संचालन बंद हुआ था। इसके बाद जून से बसों का संचालन शुरु हुआ लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण यात्रीभार नहीं मिल रहा था। ऐसे में जहां कोरोना से पहले प्रतिदिन 5-6 लाख करीब की आय होती थी। वह आय घटकर 50 से 60 हजार रुपए ही रह गई थी। अब सावों में दोबारा यात्रीभार बढ़ा है।
बारात के लिए बुक हुईं रोडवेज की 32 बसें
कोरोनाकाल में शादी समारोह और अन्य आयोजनों के लिए लोग अब राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों को किराए में लेने लगे हैं। 25 नवंबर को रोडवेज की 23 बसें प्रदेश में राज्य के बाहर के लिए बुक हुईं। इसके अलावा 29, 30 और 11 दिसंबर के लिए भी लोगों ने बसों को बुक कराया है। लोहागढ़ आगार के मुख्य प्रबंधक महेश गुप्ता ने बताया कि 25 नवंबर को 24, 29 को एक, 30 को एक और 11 दिसंबर को 7 बसें किराए पर बुक हुई हैं।

उन्होंने बताया दिसंबर माह में और अधिक बसें बुक होने की उम्मीद है। सीएम ने बताया कि राजस्थान सीमा में 46 रुपए प्रति किमी के हिसाब से चार्ज वसूला जाता है। इसमें न्यूनतम 18 घंटे के 300 किमी के हिसाब से भुगतान करना होता है। इसके अलावा यूपी में एवं अन्य राज्यों में बस भेजने पर 51 रुपए प्रति किमी और 18 घंटे के 300 किमी तक का पेमेंट करना होता है।

कोरोना काल में रेलवे को भी हुआ था नुकसान
पैसेंजर ट्रेनों का संचालन नहीं होने से रेलवे को हर माह करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। वर्तमान में लोकल ट्रेनों का संचालन बंद होने और गिनी चुनी ट्रेन चलने के कारण यात्रियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

यात्रियों की सुरक्षा का रखा जा रहा है ध्यान
भरतपुर आगार के मुख्य प्रबंधक मनोज कुमार बंसल ने बताया कि डिपो में 60 बसे हैं। वर्तमान में 166 शिडयूलों का संचालन हो रहा है। बसों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बसों को सेनिटाइज कर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

भरतपुर आगार के यात्रीभार पर नजर

तारीख यात्रीभार(%) आय ( रु.)
16 नवंबर 110 903119
17 नवंबर 107 1044754
18 नवंबर 104 1011682
19 नवंबर 098 901986
20 नवंबर 105 951986
21 नवंबर 100 903700
22 नवंबर 105 1177540
23 नवंबर 110 1151821
24 नवंबर 102 956928
25 नवंबर 102 927574
26 नवंबर 99 869053
27 नवंबर 103 939507



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भरतपुर. बस स्टैण्ड पर टिकट लेने के लिए लगी महिलाओं की भीड़।


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/passenger-load-was-reduced-during-the-corona-period-now-more-than-80-percent-income-127965951.html

शहर के सरदारपुरा ई रोड निवासी डॉ. पुष्पा भार्गव के बेटे वैभव भार्गव ने जोधपुर से धनबाद पहुंचने तक कब-कब और किस-किससे मुलाकात की थी? इस दौरान वैभव ने बैंक से और एक ज्वैलर से लिए लाखों रुपए आखिर किसे दिए थे? क्या किसी की ब्लैकमेलिंग के चलते कहीं जमा कराए थे? पुलिस की तहकीकात इन्हीं सभी प्रश्नाें के उत्तर खाेजने की दिशा में चल रही है। उल्लेखनीय है कि सरदारपुरा निवासी वैभव भार्गव के 21 नवंबर को लापता होने पर सरदारपुरा थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई थी।

हालांकि शुरुआत में तो पुलिस ने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की। मामले में जब बाद में वैभव के एक लड़की से संपर्कों की बात सामने आने और उस युवती से कई हाई-प्रोफाइल लोगों के जुड़े होने की चर्चाएं बाहर आईं। इसके बाद ही पुलिस हरकत में आई। इसी बीच पिछले शुक्रवार को पता चला कि वैभव का शव झारखंड के धनबाद में मिला है। वहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

इस पर सरदारपुरा पुलिस की एक टीम वैभव के परिजनों के साथ झारखंड के धनबाद पहुंची। वहां विभिन्न औपचारिकताओं के बाद वैभव के शव का वहीं पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस संबंध में झारखंड में धनबाद पुलिस भी अलग से जांच कर रही है।

युवती की कॉल डिटेल में कई नामी लोगों के नंबर

वैभव की कॉल डिटेल में एक युवती से लंबी बातचीत और मैसेज के आदान-प्रदान की तथ्य सामने आए थे। इस पर पुलिस ने उस युवती काे थाने बुलाकर पूछताछ भी की। इसके बाद पुलिस ने जब उस युवती की कॉल डिटेल्स खंगाली ताे हैरानी में पड़ गई। युवती की कॉल डिटेल में वैभव की ही तरह कई नामी लोगों से लंबी-लंबी बातचीत और कई मैसेज के आदान-प्रदान हो रखे थे।

इतना ही नहीं, युवती व उसके परिजनों के खातों में लाखों रुपए के ट्रांजेक्शन तो हुए हैं, लेकिन इनके सोर्स ऑफ इनकम को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने युवती और उससे ज्यादा संपर्क में रहने वाले कुछ प्रभावशाली लोगों को भी पुलिस थाने बुलाया था। हालांकि इतना सबकुछ करने के बाद भी पुलिस अभी तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। सरदारपुरा थानाधिकारी हनुमानसिंह ने बताया कि वैभव के बस स्टैंड से वॉल्वो बस से जयपुर जाने की जानकारी मिली है।



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To whom did Vaibhav take lakhs of rupees from banks and jewelers, to whom? Hidden secret in response to such unresolved questions


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/news/to-whom-did-vaibhav-take-lakhs-of-rupees-from-banks-and-jewelers-to-whom-hidden-secret-in-response-to-such-unresolved-questions-127966600.html

हर परिवार या व्यक्ति के लिए ‘आधार’ एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसके बिना कोई भी जरूरी काम आसान नहीं है। ऐसे में हर परिवार के हर सदस्य के पास आधार कार्ड है, लेकिन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने पुराने आधार कार्ड को आकर्षक बनाते हुए क्रेडिट या डेबिट कार्ड जैसा यानी पीवीसी का आधार कार्ड बनाना शुरू कर दिया है।

ऐसे में हर किसी की ख्वाहिश रहती है कि उनके पास भी ऐसा ही आधार कार्ड हो, तो अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही ऐसे कार्ड के लिए ऑर्डर कर सकता है और इसके लिए 50 रुपए ही खर्च करने होंगे और वो भी ऑनलाइन ऑर्डर करके।

ओल्ड हाईकोर्ट रोड पर अंसल प्लाजा मॉल में स्थित आधार सेवा केंद्र के प्रबंधक खेमराज सिंह के अनुसार कोई भी नागरिक पुराने आधार कार्ड को पीवीसी के रूप में बनवा सकते हैं और इसके लिए लोगों को कहीं जाने की जरूरत भी नहीं है।

पर्स में रख सकेंगे, भीगने से खराब नहीं होगा, सिक्योरिटी फीचर्स भी

पीवीसी आधार कार्ड दिखने में ठीक वैसा ही दिखता है, जैसा एटीएम कार्ड होता है। यानी इसे पर्स में रखना भी आसान हो जाएगा। पानी में भीगने से खराब होने की चिंता भी नहीं रहती है। इसमें क्यूआर कोड भी होगा, जिससे कार्ड के असली होने की पुष्टि हो सकेगी।

इसमें होलोग्राम, घोस्ट इमेज के साथ माइक्रो टेक्स्ट जैसे सिक्योरिटी फीचर्स भी हैं। सिंह के अनुसार जिनके पास वर्तमान में पुराने वाले आधार कार्ड हैं, वो भी मान्य हैं और पीवीसी कार्ड बनवाने की अनिवार्यता नहीं है। ये पूरी तरह से ऐच्छिक है।

ऐसे कर सकते हैं ऑर्डर

  • पीवीसी कार्ड बनवाने के इच्छुक आमजन www.uidai.gov.in पर जाकर ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं।
  • यूआईडीएआई पोर्टल पर उपलब्ध माय आधार सेक्शन में दिए गए ऑर्डर आधार पीवीसी कार्ड पर क्लिक करें।
  • यहां 12 अंकों का आधार नंबर या 16 अंकों का वर्चुअल आईडी या 28 अंकों का आधार एनरोलमेंट आईडी डालें।
  • तत्पश्चात स्क्रीन पर दिखाए देने वाले कैप्चा कोड भरें।
  • यदि आधार से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगवाना हो, तो सेंड ओटीपी पर क्लिक करें। ओटीपी सबमिट करें।
  • इसके बाद आधार कार्ड का प्रिव्यू दिखाई देगा। इसके नीचे दिए गए पेमेंट ऑप्शन पर जाने के बाद 50 रुपए का ऑनलाइन पेमेंट करते ही ऑर्डर हो जाएगा। इसके 15 दिन में नया कार्ड यूजर के घर पहुंच जाएगा।
  • यदि दूसरे मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगवाना हो, तो स्क्रीन पर दिए गए ‘माय मोबाइल नंबर इज नॉट रजिस्टर्ड’ के चैक बॉक्स पर क्लिक करें।
  • चैक बॉक्स पर क्लिक करते ही नया मोबाइल नंबर एंटर करें। ओटीपी को भरें और सबमिट पर क्लिक करें।


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Now order at home, PVC 'Aadhaar' like ATM card for yourself or family, Rs 50 will have to be charged


source https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/news/now-order-at-home-pvc-aadhaar-like-atm-card-for-yourself-or-family-rs-50-will-have-to-be-charged-127966578.html